स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

महाराष्ट्र: टीके की कमी के बीच स्वास्थ्य मंत्री के गृह ज़िले को मिली अतिरिक्त खुराक

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते 31 मार्च को जब केंद्र से महाराष्ट्र को मिली 26.77 लाख वैक्सीन की खुराक को सभी ज़िलों में बांटा गया था, तब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के गृह ज़िले जालना को उसके लिए आवंटित सत्रह हज़ार खुराक के साथ 60 हज़ार अतिरिक्त खुराक मिली थी.

कोरोना की दूसरी लहर: शवों का अंबार, मोदी के मंत्रियों का अहंकार

वीडियो: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि हमें यह देखने में दिलचस्पी नहीं रखनी चाहिए कि कितने लोगों को कोविड-19 टीका लग चुका है, बल्कि आबादी के कितने प्रतिशत का टीकाकरण हो चुका है, यह महत्वपूर्ण है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने मनमोहन सिंह की आलोचना की है.

कोविड-19 टीकों की कमी के चलते ‘टीका उत्सव’ मनाने में सक्षम नहीं: ओडिशा

ओडिशा सरकार ने केंद्र से अपील की है कि तत्काल राज्य को कम से कम 25 लाख कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों की आपूर्ति की जाए. ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, तीन अप्रैल तक राज्य में 1,476 टीकाकरण केंद्र संचालित किए जा रहे थे लेकिन टीकों की कमी के कारण लगभग 700 केंद्रों को बंद करना पड़ा है.

प्रधानमंत्री ने ‘टीका उत्सव’ का आह्वान किया है पर राज्यों में टीका ही उपलब्ध नहीं है: अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना टीकाकरण में कोई राजनीति नहीं है, पर तथ्यों से स्पष्ट कि अनेक राज्यों में टीके की कमी है. गहलोत ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में टीके की और 30 लाख खुराक उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में टीके का मौजूदा भंडार अगले दो दिन में ख़त्म हो जाएगा.

महाराष्ट्र समेत छह राज्यों ने की वैक्सीन की कमी की शिकायत, केंद्र ने कहा- कहीं कोई कमी नहीं

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना ने राज्य में वैक्सीन की कमी की शिकायत की है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि टीकों की कमी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. केंद्र किसी भी राज्य को वैक्सीन की कमी का सामना नहीं करने देगा.

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन करने की अनुमति देने के सरकार के क़दम पर आईएमए ने की आलोचना

केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत आयुर्वेद के विशिष्ट क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी गई है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आयुष मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि आधुनिक चिकित्सा के सर्जिकल नियमों को अपना बताने का दावा करने के बजाय वह अपने प्राचीन ज्ञान से अपने ख़ुद के सर्जिकल नियम विकसित करे.

आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा, आपके कितने सहयोगियों ने कोविड का इलाज आयुर्वेद से करवाया

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस हफ़्ते कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए योग और आयुर्वेद पर आधारित नियम जारी किए थे. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इनके वैज्ञानिक आधार पर सवाल उठाए हैं.

Muzaffarpur: People take part in a candle light march to protest against the death of children due to Acute Encephalitis Syndrome (AES), in Muzaffarpur, Sunday, June 23, 2019. (PTI Photo) (PTI6_23_2019_000113B)

चमकी बुखार: अगर नीतीश सरकार ने समय रहते तैयारी की होती, तो बच्चों की जानें बच सकती थीं

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर और आस-पास के जिलों में चमकी बुखार का प्रकोप अप्रैल से शुरू होता है और जून के महीने तक मानसून आने तक बना रहता है. इस लिहाज़ से लोगों को जागरूक करने के लिए और अन्य आवश्यक तैयारियां जनवरी माह से शुरू हो जानी चाहिए थीं लेकिन गांवों में जाने पर जागरूकता अभियान के कोई चिह्न दिखाई नहीं देते.

Muzaffarpur: A woman carrying a child showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) arrives at Shri Krishna Medical College and hospital for treatment, in Muzaffarpur, Sunday, June 16, 2019. With one more death of a child on Sunday morning, the death toll in the district rose to 83 this month. (PTI Photo) (PTI6_16_2019_000043B)

साल दर साल काल के गाल में समाते बच्चे और गाल बजाते नेता

सोमवार को मुज़फ़्फ़रपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कई योजनाओं की घोषणा की, तो उन्हें 2014 में की गई घोषणाओं के बारे में ध्यान दिलाया गया, जिस पर वह असहज हो गए. दरअसल वे पांच साल पूर्व की गई अपनी ही घोषणाएं फिर से दोहरा रहे थे जो अब तक या तो अमल में ही नहीं आ सकी हैं या आधी-अधूरी हैं.