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अगर सरस्वती पूजा महज़ धर्म नहीं संस्कृति है, तो हिजाब केवल धार्मिक प्रतीक क्यों

सरस्वती को विद्या की देवी कहकर हिंदुओं तक सीमित न रखने की अपील की जाती है. धर्म को संस्कृति का चोला ओढ़ाकर दूसरे धर्मावलंबियों को उसे मानने को बाध्य किया जाता है. ऐसे ही आशय से प्रेमचंद ने लिखा था कि सांप्रदायिकता को अपने असली रूप में निकलने में शर्म आती है, इसलिए वह संस्कृति की खाल ओढ़कर बाहर निकलती है.

बीटिंग रिट्रीट समारोह से ‘एबाइड विद मी’ को हटाने में कुछ भी हैरान करने वाला नहीं है

एक सार्वभौमिक और मानवतावादी प्रार्थना को हटाना वही संदेश देता है, जिसे ‘न्यू इंडिया’ सुनना चाहता है.

भारत नेताजी की विरासत को आगे बढ़ाए, न कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए: बोस के परपोते

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते और जीवनी लेखक सुगत बोस ने करण थापर के साथ बातचीत में कहा कि अगर नेताजी जीवित होते तो धर्म संसद से मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान करने की किसी की हिम्मत नहीं होती.

महाराष्ट्र: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से फिल्म ‘ह्वाई आई किल्ड गांधी’ पर रोक लगाने की मांग की

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद और अभिनेता अमोल कोल्हे इस फिल्म में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म को 30 जनवरी को राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर प्रदर्शित किया जाना है. कांग्रेस ने कहा कि एक ओर गांधी जी की पुण्यतिथि अहिंसा और शांति दिवस के तौर पर मनाई जाएगी, वहीं दूसरी ओर ‘ह्वाई आई किल्ड गांधी’ रिलीज की जाएगी. यह नस्लवादी मानसिकता को ताकत देगी.

New Delhi: A view of the newly inaugurated National War Memorial (NWM), at India Gate complex in New Delhi, Monday, Feb 25, 2019. The memorial is built to honour the fallen soldiers after independence. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (STORY DEL37) (PTI2_25_2019_000187B)

इतिहास से सत्ताधीशों की बदले की कार्रवाइयों को कैसे दर्ज करेगा इतिहास

इस बहुरंगी देश को इकरंगी बनाने की क़वायदें अब गणतांत्रिक प्रतीकों व विरासतों को नष्ट करने के ऐसे अपराध में बदल गई हैं कि उन्हें इतिहास से बुरे सलूक की हमारी पुरानी आदत से जोड़कर भी दरकिनार नहीं किया जा सकता.

बीटिंग रिट्रीट समारोह से महात्मा गांधी की पसंदीदा धुन ‘एबाइड विद मी’ को हटाया गया

बीटिंग द रिट्रीट समारोह में बजाई जाने वाली प्रार्थना ‘एबाइड विद मी’ महात्मा गांधी की पसंदीदा थी. 1950 से लगातार समारोह का हिस्सा रही इस धुन को 2020 में भी हटाया गया था पर भारी विरोध के बाद 2021 में फिर शामिल कर लिया गया. इस साल समारोह में बजने वाली 26 धुनों की आधिकारिक सूची में इसका ज़िक्र नहीं है.

गणतंत्र दिवस में बीटिंग रिट्रीट समारोह का हिस्सा बनी रहेगी ईसाई प्रार्थना ‘एबाइड विद मी’

सेना ने बीटिंग रिट्रीट के लिए आधिकारिक धुनों की जो पुस्तिका निकाली है, उसमें ईसाई प्रार्थना ‘एबाइड विद मी’ शामिल है. बैंड द्वारा बजायी जाने वाली धुनों में ‘वंदे मातरम’ भी शामिल है.

केंद्र सरकार ने बीटिंग द रिट्रीट की धुनों में से पारंपरिक ईसाई प्रार्थना गीत को हटाया

हर साल 29 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी के विजय चौक पर आयोजित होने वाले बीटिंग द रिट्रीट का समापन पारंपरिक रूप से महात्मा गांधी के पसंदीदा गीत ‘एबाइड विद मी’ गीत के साथ होता रहा है. इस साल समारोह के ‘वंदे मातरम’ के साथ समाप्त होने की संभावना है.