मणिपुर: मेईतेई संगठनों ने पूछा- ‘गृहयुद्ध’ जैसे हालात नियंत्रित करने के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाए?

मेईतेई नागरिक समाज संगठनों ने 28 मई 2023 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मणिपुर दौरे से कुछ घंटे पहले 13 मेईतेई गांवों पर हुए हमलों को याद किया और सवाल उठाया कि राज्य में हिंसा को इतने लंबे समय तक जारी रहने की अनुमति क्यों दी गई.

महाराष्ट्र में क्यों फीकी पड़ रही है मोदी-शाह ब्रांड की राजनीति

पूरे भारत से आई ख़बरें बता रही हैं कि 2014 और 2019 का 'मोदी मैजिक' इस बार ग़ायब है क्योंकि चुनाव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और राज्य स्तर पर लड़े गए हैं, जहां बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट पूरे भारत में आम विषय हैं.

अमित शाह बोले- आतंक के आरोपियों के परिजनों को नौकरी नहीं, कश्मीरी नेताओं ने कहा- सामूहिक सज़ा

भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उन परिवारों को सरकारी नौकरी से वंचित करने की बात कही है, जिन परिवारों का कोई सदस्य आतंकवाद या अलगाववाद से जुड़ा हो. जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों ने शाह की नीति को मनमाना बताते हुए कहा है कि किसी एक सदस्य के लिए पूरे परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

अगले कार्यकाल में हम समान नागरिक संहिता और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ लागू करेंगे: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का मानना है कि देश में एक साथ चुनाव कराने से चुनाव की लागत कम होगी. साथ ही, उन्होंने कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में लिखा है कि भाजपा का लक्ष्य पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना है.

झारखंड: राहुल गांधी को 2018 में अमित शाह के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के मामले में अदालत ने समन भेजा

केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बारे में वर्ष 2018 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि ‘भाजपा एक हत्यारोपी को अपनी पार्टी के अध्यक्ष के रूप में स्वीकार कर सकती है, लेकिन कांग्रेस में ऐसा कभी नहीं हो सकता.’

भाजपा के लगातार धर्म के नाम पर वोट मांगने पर चुनाव आयोग की चुप्पी क्या कहती है

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 की उपधारा 3 और 3(ए) कहती हैं कि धर्म के आधार पर और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए वोट के लिए अपील करना भ्रष्ट आचरण है. लेकिन मौजूदा लोकसभा चुनाव के दौरान संबंधित क़ानून का बार-बार उल्लंघन होते हुए देखा जा रहा है.

चुनाव आयोग के नोटिस के बाद उद्धव ठाकरे बोले- अभियान गीत से नहीं हटाएंगे ‘जय भवानी’, ‘हिंदू’ शब्द

चुनाव आयोग ने शिवसेना (यूबीटी) के अभियान गीत से 'जय भवानी जय शिवाजी’ और ‘हिंदू हा तुझा धर्म’ शब्द हटाने के लिए नोटिस दिया है. पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले आयोग को पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान ‘बजरंग बली की जय’ और अयोध्या में रामलला के दर्शन के नाम पर वोट मांगा था.

फैक्ट चेक: अमित शाह का तमिलनाडु में ‘विकास न होने’ दावा पूरी तरह से ग़लत है

तमिलनाडु एक विशाल मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है, जिसने उत्तर भारत के बड़े राज्यों को लगातार पीछे छोड़ दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां केवल 2 प्रतिशत गरीब हैं, जबकि गुजरात में यह आंकड़ा12 प्रतिशत, यूपी में 23 प्रतिशत और बिहार में 34 प्रतिशत हैं.

भारतीय ज़मीन पर चीनी अतिक्रमण को ख़ारिज करने वाला अमित शाह का दावा तथ्यों से कोसों दूर है

बीते दिनों एक चुनावी सभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह में दावा किया कि 'चीन भारत की एक इंच ज़मीन पर भी अतिक्रमण नहीं कर सकता.' हालांकि, तथ्यों की पड़ताल बताती है कि साल 2020 में गलवान घाटी में भारतीय-चीनी सेना के बीच झड़प के बाद से सीमा पर 2020 से पहले की स्थिति बनाए रखने के लिए भारत ने चीन के साथ कम से कम 21 दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता की है.

मणिपुर की स्थिति सुधारने के लिए ‘समय पर हस्तक्षेप’ का नरेंद्र मोदी का दावा खोखला है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मणिपुर हिंसा शुरू होने के 79 दिन तक चुप्पी न तोड़ना, उनकी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के चलते संसद में मजबूरन बोलना और आज तक हिंसाग्रस्त राज्य का दौरा न करना इस बात का पर्याप्त प्रमाण हैं कि उनके हिंसा में 'समय से हस्तक्षेप' के दावे में कोई सच्चाई नहीं है.

कौन हैं नए चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार?

सेवानिवृत्त आईएएस ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू बैचमेट रहे हैं. जहां कुमार ने गृह मंत्रालय की कई परियोजनाओं और राम मंदिर ट्रस्ट में भी अहम भूमिका निभाई है, वहीं सुखबीर सिंह संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष थे.

असम और पश्चिम बंगाल की राजनीति और समाज पर सीएए का क्या प्रभाव होगा?

वीडियो: लोकसभा चुनावों से ठीक पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियम अधिसूचित होने के बाद से असम में इसका ख़ासा विरोध हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इसे विभाजनकारी बताते हुए लागू न करने की बात कह चुकी है. इसी विषय पर द वायर की ब्यूरो चीफ संगीता बरुआ पिशारोती से बात कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

सीएए-एनआरसी की ‘क्रोनोलॉजी’ के सवाल से बचते दिखे गृह मंत्री, ‘अखंड भारत’ का हवाला दिया

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक रैली में अमित शाह ने कहा था कि 'हम सबसे पहले सीएए के माध्यम से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देंगे, फिर एनआरसी लाकर घुसपैठियों को देश से निकालेंगे.' हालांकि, अब इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनसे केवल सीएए की बात करें.

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