भारतीय ज़मीन पर चीनी अतिक्रमण को ख़ारिज करने वाला अमित शाह का दावा तथ्यों से कोसों दूर है

बीते दिनों एक चुनावी सभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह में दावा किया कि 'चीन भारत की एक इंच ज़मीन पर भी अतिक्रमण नहीं कर सकता.' हालांकि, तथ्यों की पड़ताल बताती है कि साल 2020 में गलवान घाटी में भारतीय-चीनी सेना के बीच झड़प के बाद से सीमा पर 2020 से पहले की स्थिति बनाए रखने के लिए भारत ने चीन के साथ कम से कम 21 दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता की है.

मणिपुर की स्थिति सुधारने के लिए ‘समय पर हस्तक्षेप’ का नरेंद्र मोदी का दावा खोखला है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मणिपुर हिंसा शुरू होने के 79 दिन तक चुप्पी न तोड़ना, उनकी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के चलते संसद में मजबूरन बोलना और आज तक हिंसाग्रस्त राज्य का दौरा न करना इस बात का पर्याप्त प्रमाण हैं कि उनके हिंसा में 'समय से हस्तक्षेप' के दावे में कोई सच्चाई नहीं है.

कौन हैं नए चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार?

सेवानिवृत्त आईएएस ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू बैचमेट रहे हैं. जहां कुमार ने गृह मंत्रालय की कई परियोजनाओं और राम मंदिर ट्रस्ट में भी अहम भूमिका निभाई है, वहीं सुखबीर सिंह संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष थे.

असम और पश्चिम बंगाल की राजनीति और समाज पर सीएए का क्या प्रभाव होगा?

वीडियो: लोकसभा चुनावों से ठीक पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियम अधिसूचित होने के बाद से असम में इसका ख़ासा विरोध हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इसे विभाजनकारी बताते हुए लागू न करने की बात कह चुकी है. इसी विषय पर द वायर की ब्यूरो चीफ संगीता बरुआ पिशारोती से बात कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

सीएए-एनआरसी की ‘क्रोनोलॉजी’ के सवाल से बचते दिखे गृह मंत्री, ‘अखंड भारत’ का हवाला दिया

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक रैली में अमित शाह ने कहा था कि 'हम सबसे पहले सीएए के माध्यम से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देंगे, फिर एनआरसी लाकर घुसपैठियों को देश से निकालेंगे.' हालांकि, अब इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनसे केवल सीएए की बात करें.

‘सीएए बराबरी और इंसाफ़ के उसूल के ख़िलाफ़ है’

वीडियो: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आम चुनावों से ठीक पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियम अधिसूचित किए जाने को लेकर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और डीयू के प्रोफेसर अपूर्वानंद.

आंध्र प्रदेश: टीडीपी की एनडीए में वापसी, लोकसभा-विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और जन सेना से गठबंधन

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से मोदी सरकार के इनकार के बाद तेलुगु देशम पार्टी 2018 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से बाहर हो गई थी. फरवरी 2019 में, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नायडू के लिए एनडीए के दरवाजे स्थायी रूप से बंद हो गए हैं, जिन्हें उन्होंने 'यू-टर्न सीएम' करार दिया था.

अमित शाह से मुलाकात के बाद लद्दाख के नेताओं ने कहा- राज्य के दर्जे के लिए बातचीत विफल रही

केंद्र शासित प्रदेश के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की 4 मार्च को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद पूर्व भाजपा सांसद थुपस्तान छेवांग ने कहा कि गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि छठी अनुसूची के तहत न तो राज्य का दर्जा दिया जा सकता है और न ही गारंटी दी जा सकती है.

1 जुलाई से लागू होंगे आईपीसी, सीआरपीसी, साक्ष्य अधिनियम की जगह लेने वाले नए आपराधिक क़ानून

संसद के शीतकालीन सत्र में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पारित किए गए थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 दिसंबर को तीनों क़ानूनों पर अपनी सहमति दे दी थी. केंद्र ने फ़िलहाल भारतीय न्याय संहिता के तहत 'हिट एंड रन' मामलों से संबंधित प्रावधान को रोक दिया है.

मणिपुर पुलिस ने ‘संकट को देखते हुए’ ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों की आवाजाही रोक लगाई

मणिपुर पुलिस की मणिपुर राइफल्स और इंडियन रिज़र्व बटालियन के कुकी-ज़ो जनजाति समुदाय के कर्मचारियों ने एक ट्रांसफर आदेश में हस्तक्षेप करने के लिए शीर्ष आदिवासी मंच इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम से संपर्क किया था. ऐसा दावा था कि यह आदेश उन्हें राज्य के बहुसंख्यक मेईतेई-प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में तैनात करता है, जहां उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं.

108 मज़ारें ध्वस्त कर दी गईं, पूरे राज्य में मुख्यमंत्री का बुलडोज़र चल रहा है: गुजरात गृह मंत्री

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने राज्य विधानसभा में कहा कि भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार ने राज्य में 108 मज़ारों को ध्वस्त कर दिया है. द्वारका से शुरू हुआ अतिक्रमण विरोधी अभियान पोरबंदर, अहमदाबाद, सूरत, पावागढ़, गिर सोमनाथ और जामनगर तक पहुंच गया है.

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का विरोध किया

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत और म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के साथ मुक्त आवाजाही व्यवस्था ख़त्म करने की घोषणा की थी. मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि म्यांमार के साथ मुक्त आवाजाही व्यवस्था जारी रहे. उन्होंने गृह मंत्री से मिज़ोरम की ओर बाड़ नहीं लगाने का आग्रह किया है.

भाजपा सरकार लोकसभा चुनाव से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करेगी: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सीएए नागरिकता प्रदान करने के लिए लाया गया है, न कि ‘किसी की नागरिकता छीनने’ के लिए. हमारे देश में अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से हमारे मुस्लिम समुदाय को उकसाया जा रहा है. सीएए किसी की नागरिकता नहीं छीन सकता, क्योंकि क़ानून में इसका कोई प्रावधान नहीं है.