Chhattisgarh Police

छत्तीसगढ़ मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय न्याय और बंधुत्व के सिद्धांत के उलट लगता है

छत्तीसगढ़ पुलिस ने ग्रामीणों की हत्या पर एफआईआर तब दर्ज की थी, जब उनके परिजनों ने याचिका दायर की, फिर उसने विसंगतियों से भरी जानकारियां दीं, याचिकाकर्ताओं को गवाही दर्ज होने से पहले हिरासत में लिया गया, फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार पर विश्वास करते हुए न्याय के लिए उस तक पहुंचे लोगों को दंडित करने का फैसला दिया.

राहुल गांधी कार्यक्रम: सुप्रीम कोर्ट ने ज़ी न्यूज़ के संपादक को गिरफ़्तारी से सुरक्षा दी

बीते एक जुलाई को समाचार चैनल ज़ी न्यूज़ ने अपने प्राइम टाइम शो ‘डीएनए’ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान चलाकर कहा था कि वह उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों को ‘बच्चा’ बता रहे हैं, जबकि उक्त बयान उन्होंने केरल के वायनाड में उनके कार्यालय में तोड़-फोड़ करने वाले एसएफआई कार्यकर्ताओं के संदर्भ में दिया था. इसे लेकर रोहित रंजन और संपादक रजनीश आहूजा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी. 

हिरासत में लेने से कुछ मिनट पहले ही यूपी पुलिस ने रोहित रंजन पर एफ़आईआर दर्ज की थी: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट बताती है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान को ‘ग़लत संदर्भ’ में प्रसारित करने के मामले में  ज़ी न्यूज़ के दो पूर्व कर्मचारियों के ख़िलाफ़ दर्ज एक एफ़आईआर में यूपी पुलिस ने उसी सुबह एंकर रोहित रंजन का नाम जोड़ा था, जिस दिन उन्हें हिरासत में लिया गया था और उसी दिन उनकी ज़मानत भी हो गई थी.

सपोर्ट रोहित रंजन का हैशटैग चलाने वाले ज़ी न्यूज़ ने थाने में शिकायत क्यों दर्ज करवाई

ज़ी न्यूज़ के डीएनए कार्यक्रम में राहुल गांधी के ग़लत वीडियो पर कांग्रेस की आपत्ति के बाद ज़ी न्यूज़ ने तुरंत ही माफ़ी मांगी और इसे मानवीय भूल बताया. फिर ज़ी न्यूज़ ने पुलिस शिकायत क्यों दर्ज कराई कि वीडियो का मामला मानवीय भूल से आगे का है और पुलिस जांच करे? क्या माफ़ी मांगने से पहले जांच नहीं हुई होगी?

ज़ी न्यूज़ के एंकर को छत्तीसगढ़ पुलिस के गिरफ़्तार करने से पहले यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया

ज़ी न्यूज़ ने अपने शो ‘डीएनए’ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान चलाकर कहा था कि वह उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों को ‘बच्चा’ बता रहे हैं, जबकि यह बयान उन्होंने केरल के वायनाड में उनके दफ़्तर में तोड़-फोड़ करने वालों के संदर्भ में दिया था. इसे लेकर शो के एंकर रोहित रंजन और भाजपा सांसदों राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सुब्रत पाठक एवं भोला सिंह और भाजपा विधायक कमलेश सैनी आदि के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने छह राज्यों में एफ़आईआर दर्ज कराई है. छत्तीसगढ़ पुलिस एंकर को गिरफ़्तार करने रायपुर पहुंची थी.

सरकारों द्वारा न्यायाधीशों की छवि ख़राब करने का नया चलन दुर्भाग्यपूर्ण: सीजेआई एनवी रमना

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक आदेश के ख़िलाफ़ अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. उन्होंने न्यायिक फैसले सरकारों की पसंद के अनुरूप नहीं होने पर उनके द्वारा जजों की छवि ख़राब किए जाने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ क़रार दिया और इस नई प्रवृत्ति पर अफ़सोस जताया.

छत्तीसगढ़: जाति की व​जह से महिला कथावाचक को मिली धमकी, पुलिस से शिकायत

छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले की रहने वालीं कथावाचक यामिनी साहू को ज़िले के एक गांव में भागवत कथा वाचन के लिए बुलाया गया था. पुलिस से की गई शिकायत में यामिनी ने आरोप लगाया है कि मुझे फोन पर धमकियां दी जा रही हैं. कहा जा रहा है कि एक ग़ैर-ब्राह्मण को कथा कहने का अधिकार नहीं है. जाकर मुजरा करो.

छत्तीसगढ़: आदिवासियों के लिए न्याय पाने की राह इतनी मुश्किल क्यों है

मार्च 2011 में सुकमा ज़िले के तीन गांवों में आदिवासियों के घरों में आग लगाई गई थी. पांच महिलाओं से बलात्कार हुआ और तीन ग्रामीणों की हत्या हुई थी. इसका आरोप पुलिस पर लगा था. सीबीआई की एक रिपोर्ट में भी विवादित पुलिस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी और पुलिस को ज़िम्मेदार बताया गया था, लेकिन हाल ही में विधानसभा में पेश एक रिपोर्ट बताती है कि मामले में पुलिस को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

छत्तीसगढ़: मदनवाड़ा नक्सली हमले में जांच आयोग ने तत्कालीन आईजी की भूमिका पर सवाल उठाए

12 जुलाई 2009 को राजनांदगांव ज़िले में मानपुर थानाक्षेत्र के मदनवाड़ा, कोरकट्टा और कोरकोट्टी गांव के पास नक्सलियों ने पुलिस दल पर हमला किया था. इसमें ज़िले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक समेत 29 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे. भूपेश बघेल सरकार द्वारा गठित जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभियान का नेतृत्व ग़ैर-ज़िम्मेदाराना तरीके से किया गया.

छत्तीसगढ़: आदिवासी कार्यकर्ता सोनी सोरी 2011 के राजद्रोह मामले में बरी

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले की एक विशेष अदालत ने सोनी सोरी और तीन अन्य को वर्ष 2011 के राजद्रोह के मामले से बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष सोरी और अन्य के ख़िलाफ़ आरोप साबित नहीं कर सका, उसके कई गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिए. सोरी पर आरोप था कि वे माओवादियों तक पैसा पहुंचाने का काम करती थीं.

छत्तीसगढ़: मुठभेड़ में युवक की मौत, पुलिस ने नक्सली बताया; परिवार ने कहा- पुलिस ने मार डाला

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले के भरंडा गांव में बीते 23 जनवरी को एक कथित नक्सली मुठभेड़ में एक युवक की मौत हो गई थी. युवक की पहचान मानूराम नुरेटी के रूप में हुई है. उनकी पहचान डीआरजी बल के ही एक जवान रेनूराम नुरेटी के भाई के तौर पर हुई है. रेनूराम ने मुठभेड़ को फ़र्ज़ी क़रार देते हुए कहा है कि उनका भाई तो पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था.

सिलगेर आंदोलन के नेताओं को हिरासत में लिया गया, कार्यकर्ता बोले- प्रतिरोध कुचलने का प्रयास

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सिलगेर गांव में बीते नौ महीनों से सीआरपीएफ कैंप की स्थापना के ख़िलाफ़ ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं. 19 जनवरी को सार्वजनिक परिवहन की बस से आंदोलन के नेताओं का एक समूह राज्यपाल से मिलने रायपुर जा रहा था, जब पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें कोविड नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया और अन्य यात्रियों को बेरोक-टोक जाने दिया.

छत्तीसगढ़: मुस्लिमों का बहिष्कार करने की शपथ लेते ग्रामीणों का कथित वीडियो सामने आया

छत्तीसगढ़ के मामला सरगुजा ज़िले का मामला. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई ग्रामीण एक स्थान पर मुस्लिम समुदाय का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार करने की शपथ लेते दिखाई देते हैं. सरगुजा के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वीडियो में नज़र आ रहे लोगों की पहचान होने के बाद केस दर्ज किया जाएगा.

छत्तीसगढ़: बेचापाल में महीने भर से क्यों आंदोलनरत हैं हज़ारों ग्रामीण

बीजापुर ज़िले के धुर नक्सल प्रभावित बेचापाल में 30 नवंबर से ग्रामीण पुलिस कैंप के विरोध में धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि उन्हें स्कूल, अस्पताल तो चाहिए लेकिन कैंप और पक्की सड़क नहीं. उनका दावा है कि यदि रोड बनती है तो फोर्स गांवों में घुसेगी, लोगों को परेशान किया जाएगा. झूठे नक्सल प्रकरण में जेल में डाला जाएगा.

छत्तीसगढ़: कवर्धा हिंसा मामले में भाजपा सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे व कई नेताओं पर केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि 5 अक्टूबर को प्रशासन की अनुमति के बिना कवर्धा में दक्षिणपंथी संगठनों की रैली में हुई हिंसा के मामले में राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह और कुछ अन्य पार्टी नेताओं समेत कम से कम एक हज़ार लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.