Christian

क्या भारत में धर्म को लेकर कथनी और करनी में अंतर बना हुआ है

अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर ने भारत में धार्मिकता को लेकर सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट दिखाती है कि हम भारतीय दूर से सलाम का उसूल मानते हैं. आप हमसे ज़्यादा दोस्ती की उम्मीद न करें, हम आपको तंग नहीं करेंगे जब तक आप अपने दायरे में बने रहें.

केरल: पादरी के ख़िलाफ़ वीडियो साझा करने पर शख़्स को प्रताड़ित किया गया, माफ़ी भी मांगनी पड़ी

केरल के ​कन्नूर ज़िले का मामला. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति बता रहा था कि कैंसर से पीड़ित उनके बच्चे के लिए मृत्यु पूर्व होने वाले एक धार्मिक संस्कार को करने से स्थानीय पादरी ने इनकार कर दिया था. इसकी वजह से उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया.

असमः क्रिसमस पर चर्च जाने वाले हिंदुओं को पीटने की धमकी की जांच के आदेश

असम के कछार ज़िले में बजरंग दल के प्रभारी मिथुन नाथ आरोप है कि उन्होंने संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा था कि क्रिसमस के दौरान किसी भी हिंदू को चर्च में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसका पालन नहीं करने वालों को ख़ामियाजा भुगतना होगा.

सरना धर्म कोड: आदिवासियों को मिलेगी उनकी अपनी पहचान

आदिवासी स्वयं को किसी भी संगठित धर्म का हिस्सा नहीं मानते हैं इसलिए वे लंबे समय से अपने लिए अलग धर्म कोड की मांग करते रहे हैं. इस हफ़्ते झारखंड सरकार ने एक विशेष विधानसभा सत्र में ‘सरना आदिवासी धर्म कोड’ पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसे अब केंद्र के पास भेजा जाएगा.

यूरोप: फ्रांस के बाद ऑस्ट्रिया में हुए आतंकी हमले में हमलावर समेत पांच लोगों की मौत

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में यहूदियों के उपासना स्थल के पास छह जगहों पर गोलीबारी की गई. इससे पहले फ्रांस में नीस शहर के नॉट्रे डैम चर्च में तीन लोगों की और एक शिक्षक की हत्या कर दी गई थी.

फ्रांसीसी चर्च में आतंकी हमला: भारत ने कहा- आतंक के ख़िलाफ़ वह फ्रांस के साथ खड़ा है

फ्रांस के शहर नीस स्थित नॉट्रे डैम चर्च में गुरुवार को एक हमलावर ने चाकू से लोगों पर हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. इससे पहले कक्षा में कथित तौर पर पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून दिखाने को लेकर एक फ्रांसीसी शिक्षक की हत्या कर दी गई थी. इन घटनाओं के बाद मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा फ्रांस के लोगों की हत्या करने संबंधी ट्वीट पर विवाद.

क्या नागरिकता क़ानून को लेकर गांधी के नाम पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही झूठ बोल रहे हैं?

बीते दिनों एक रैली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू, सिख हर नज़रिये से भारत आ सकता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बताया था कि गांधी जी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है. क्या वाकई महात्मा गांधी ने ऐसा कहा था जैसा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कह रहे हैं

क्यों अलग धर्म की मांग कर रहे हैं आदिवासी?

आदिवासियों की मांग है कि उनके धर्म को मान्यता दी जानी चाहिए और धर्म के कॉलम में उन्हें ट्राइबल या अबॉरिजिनल रिलीजन चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए.

क्या गांधी नस्लवादी थे?

उम्र के दूसरे दशक में गांधी निस्संदेह एक नस्लवादी थे. वे सभ्यताओं के पदानुक्रम यानी ऊंच-नीच में यक़ीन करते थे, जिसमें यूरोपीय शीर्ष पर थे, भारतीय उनके नीचे और अफ्रीकी सबसे निचले स्थान पर. लेकिन उम्र के तीसरे दशक तक पहुंचते-पहुंचते उनकी टिप्पणियों में अफ्रीकियों के भारतीयों से हीन होने का भाव ख़त्म होता गया.

झारखंडः क्या ईसाई संगठनों पर दमनकारी रवैया अपना रही सरकार?

झारखंड में ईसाई संगठन और चर्च राज्य सरकार के रवैये पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. जबकि कुछ घटनाओं को केंद्र में रखकर भाजपा तथा आरएसएस-विहिप भी मिशनरी संस्थाओं पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है.

हमें वाजपेयी के बिना ‘मुखौटे’ वाले असली चेहरे को नहीं भूलना चाहिए

1984 के राजीव गांधी और 1993 के नरसिम्हा राव की तरह वाजपेयी इतिहास में एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर भी याद किए जाएंगे, जिन्होंने पाठ तो सहिष्णुता का पढ़ाया, मगर बेगुनाह नागरिकों के क़त्लेआम की तरफ़ से आंखें मूंद लीं.

चर्च में कन्फेशन की प्रथा ख़त्म करने के राष्ट्रीय महिला आयोग के बयान पर विवाद

केरल स्थित एक चर्च के चार पादरियों पर लगा है बलात्कार का आरोप. राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है कि कन्फेशन की प्रथा की आड़ में महिलाओं को ब्लैकमेल किया जा सकता है. केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस और चर्चों ने इस बयान की निंदा की है.

झारखंड सरकार गांधी की छवि और जनता का पैसा ईसाईयों के ख़िलाफ़ नफरत फैलाने में इस्तेमाल कर रही है

11 अगस्त को झारखंड के अधिकतर हिंदी अख़बारों में छपे एक सरकारी विज्ञापन में गांधी के नाम से धर्मांतरण के संबंध में वो बातें लिखी गईं, जो उन्होंने कभी कही ही नहीं थीं.

सेकुलर भारत की याद दिलाती है अमर अकबर एंथनी

एक अलग भारत और उसके केंद्रीय मूल्यों को याद कराने के लिए फिल्म अमर अकबर एंथनी बुरा विचार नहीं है. यह आज के नौजवानों को यह बतलाएगा कि भारत हमेशा से वैसा नहीं था, जैसा कि आज है.