Citizenship Amendment Act

पिता महावीर नरवाल के साथ नताशा नरवाल. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली दंगा: पिता की कोविड-19 से मौत के बाद नताशा नरवाल को कुछ शर्तों के साथ मिली ज़मानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया कि दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार की गईं नताशा नरवाल के परिवार में अंतिम संस्कार करने के लिए कोई नहीं है. पिछले साल 22 फरवरी 2020 को दिल्ली के ज़ाफ़राबाद मेट्रो स्टेशन के बाहर नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ हुए एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने पर 23 मई 2020 को नरवाल को उनकी एक साथी देवांगना कलीता के साथ गिरफ़्तार किया गया था.

उमर खालिद. (फोटो साभार: फेसबुक/@MuhammedSalih)

दिल्ली दंगे से जुड़े एक मामले में उमर ख़ालिद को ज़मानत

दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे पता चले के घटना के दिन उमर ख़ालिद वारदात स्थल पर मौजूद थे. हालांकि जेएनयू के पूर्व छात्र ख़ालिद को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा. उनके ख़िलाफ़ यूएपीए के तहत आपराधिक साज़िश का मुक़दमा भी दर्ज किया गया है.

अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

हिरासत में यातना, एनआईए ने संघ-भाजपा में शामिल होने पर ज़मानत देने का प्रस्ताव दिया: अखिल गोगोई

सीएए प्रदर्शन संबंधी मामलों में 2019 से जेल में बंद कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने एक पत्र में एनआईए पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें असम में धर्मांतरण के ख़िलाफ़ काम करने पर एक एनजीओ शुरू करने के लिए 20 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

संसद ने नागरिकता संशोधन क़ानून के नियम तय करने के लिए समयसीमा बढ़ाई: सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में बताया कि लोकसभा और राज्यसभा की अधीनस्थ विधायी समितियों ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के नियमों को तय करने के लिए क्रमश: नौ अप्रैल और नौ जुलाई का समय दिया है.

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सीएए धर्म के आधार पर लोगों में भेदभाव करता है, यह असंवैधानिक है: पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने एक कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान में भारतीय नागरिक गंभीर संकट से गुज़र रहे हैं और क़ानून के शासन को दांव पर लगा दिया गया है. नागरिकता की समस्या भयावह हो गई है.

असम के मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (फोटो साभार: फेसबुक/@himantabiswasarma)

सीएए पर हिमंता बिस्वा शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- असम में क़ानून लागू करने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध का केंद्र रहे असम में 27 मार्च से तीन चरणों में चुनाव हैं और सीएए विरोधी आंदोलन से निकले दलों के साथ अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि वे किसी भी क़ीमत पर राज्य में सीएए लागू नहीं होने देंगे.

यति नरसिंहानंद (बाएं) के साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह. (दाएं)  बीच में भाजपा के बीएल शर्मा हैं और पीछे सफेद कमीज़ और गमछे में यति का करीबी और 'हिंदू फोर्स' का संस्थापक दीपक सिंह हिंदू.

दिल्ली दंगों से पहले कट्टर हिंदुत्ववादी नेता ने लगातार किया था मुस्लिमों के ‘संहार’ का आह्वान

विशेष: साल 2020 के दिल्ली दंगों को लेकर द वायर की श्रृंखला के दूसरे हिस्से में जानिए कट्टर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद को, जिनके नफ़रत भरे भाषणों ने उन दंगाइयों में कट्टरता पैदा की, जिन्होंने फरवरी 2020 के आखिरी हफ़्ते में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में क़हर बरपाया.

सर्बानंद सोनोवाल. (फोटो साभार: फेसबुक/@SarbanandaSonowal)

असम विधानसभा चुनाव में सीएए कोई मुद्दा नहीं बनेगा: सर्बानंद सोनोवाल

असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर नागरिकता संशोधन क़ानून पर बोलने से बचने का आरोप लग रहा है, जबकि सीएए विरोधी आंदोलनों से निकले राजनीतिक दलों के साथ विपक्षी पार्टियां इसे बड़ा मुद्दा बनाने में लगी हैं. उनका कहना है कि वे किसी भी कीमत पर सीएए लागू नहीं होने देंगी.

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सत्ता मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में सीएए से जुड़े मामलों में असम सरकार बनेगी पक्षकार: गोगोई

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को वोटों के लिए समाज को विभाजित करने वाला भाजपा का राजनीतिक हथियार बताया है. गोगोई ने कहा कि विधानसभा चुनाव में असम की पहचान और विकास दोनों दांव पर हैं. असम में पार्टी के सत्ता में आने पर सीएए को लागू करने नहीं दिया जाएगा.

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शाहीन बाग़ आंदोलन अब भी हमारी जेलों, अदालतों और घरों में चल रहा है: सफ़ूरा ज़रगर

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल सफ़ूरा ज़रगर को यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर गिरफ़्तार किया गया था. ये गिरफ़्तारी उस वक़्त हुई थी जब वह गर्भवती थीं. इसे लेकर उनकी गिरफ़्तार पर सवाल खड़े हुए. सफ़ूरा ज़रगर से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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दिल्ली दंगे के साल भर बाद प्रभावित शिव विहार का हाल

वीडियो: एक साल पहले सांप्रदायिक दंगों में उत्तर पूर्वी दिल्ली में जान-माल का काफ़ी नुकसान हुआ था. तब द वायर ने शिव विहार के प्रभावित लोगों से इस विषय पर बात की थी. एक साल बाद उन्हीं लोगों से दोबारा बातचीत कर उनका हाल जाना गया.

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दिल्ली दंगों का एक साल: ख़ौफ़ में जीने को मजबूर शिव विहार के मुसलमान

वीडियो: दिल्ली दंगों के एक साल बाद भी लोग ख़ौफ़ में जी रहे हैं. दंगों में हुए जान-माल के नुकसान की भरपाई हो पाना असंभव है. द वायर ने शिव विहार के लोगों से बातकर उनकी समस्या को जाना.

रागिनी तिवारी, दीपक सिंह हिंदू और अंकित तिवारी.

दिल्ली 2020 की असली साज़िश: जानिए वो, जिसे पुलिस ने अनदेखा किया

विशेष: साल 2020 के दिल्ली दंगों को लेकर द वायर की श्रृंखला के पहले हिस्से में जानिए उन हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं को, जिन्होंने नफ़रत फ़ैलाने, भीड़ जुटाने और फिर हिंसा भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा. (फोटो सभार: ट्विटर @INCIndia)

कांग्रेस असम में सत्ता में आने पर सीएए को अमान्य करने के लिए क़ानून लाएगी: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा असम के दो दिवसीय दौरे के दौरान तेज़पुर में ‘पांच गारंटी’ अभियान की शुरुआत की और कहा कि भाजपा नेता जहां कहीं भी जाते हैं, सीएए के बारे में बात करते हैं, लेकिन असम में इस बारे में बोलने के लिए उनमें साहस नहीं है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: गंभीर रूप से घायल हुए पीड़ितों ने कहा- उचित मुआवज़ा नहीं मिला

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली की केजरीवाल सरकार का दावा है कि पिछले साल फरवरी महीने में हुए सांप्रदायिक दंगे के पीड़ितों को उचित मुआवज़ा दिया है, हालांकि कई घायलों का कहना कि उन्हें गंभीर चोटें लगने के बावजूद कम मुआवज़ा दिया गया है.