Civil Aviation Ministry

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन एयर इंडिया के प्रमुख नियुक्त

टाटा समूह ने पिछले साल आठ अक्टूबर को क़र्ज़ के बोझ से दबी सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया के अधिग्रहण की बोली जीती थी. अभी तक एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक की नियुक्ति नहीं की है.

तुर्की के नागरिक इल्कर आयजी ने एयर इंडिया का सीईओ व प्रबंध निदेशक बनने का प्रस्ताव ठुकराया

तुर्की के नागरिक इल्कर आयजी ने कहा कि भारतीय मीडिया के कुछ तबकों द्वारा उनकी नियुक्ति को अवांछनीय तरीके से ग़लत रंग देने के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया है. ‘टाटा संस’ ने 14 फरवरी को तुर्की एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख आयजी को एयर इंडिया का सीईओ और प्रबंध निदेशक बनाने की घोषणा की थी.

एयर इंडिया के नए प्रमुख की विदेशी पृष्ठभूमि को जांचेगा गृह मंत्रालय

बीते जनवरी में सरकार से एयरलाइन का नियंत्रण लेने वाले टाटा समूह ने तुर्की के नागरिक इल्कर आयजी को एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की थी. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्थापित परंपरा के अनुरूप भारत में अहम पदों पर नियुक्त होने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि का परीक्षण किया जाता है और आयजी के मामले में भी ऐसा ही किया जाएगा.

सरकार ने मंत्रालयों और विभागों से एयर इंडिया का बकाया चुकाने को कहा

सभी मंत्रालयों और विभागों को जारी आदेश में सरकार ने अब से केवल नकद में एयर इंडिया का टिकट ख़रीदने का भी निर्देश दिया है. सरकार ने इस महीने की शुरुआत में एयर इंडिया को टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को 18,000 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला किया था.

एयर इंडिया की ख़रीद के लिए लगी बोली को टाटा संस ने जीता

टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसमें से 15,300 करोड़ रुपये का क़र्ज़ लेना और बाकी 2700 करोड़ रुपये का नकद भुगतान करना शामिल है. एयर इंडिया की स्थापना टाटा समूह ने 1932 में की थी, तब इसे टाटा एयरलाइंस कहा जाता था. साल 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण किया गया था.

अडाणी समूह को छह एयरपोर्ट दिए जाने से पहले वित्त मंत्रालय व नीति आयोग ने जताई थी आपत्ति: रिपोर्ट

इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्राप्त रिकॉर्ड बताते हैं कि 2019 में वित्त मंत्रालय और नीति आयोग ने देश के छह हवाई अड्डों की बोली प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई थी कि एक ही कंपनी को छह हवाई अड्डे नहीं दिए जाने चाहिए.

भारतीय मज़दूर संघ ने एयर इंडिया बेचने का विरोध किया, सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा

केंद्र सरकार ने बीते 27 जनवरी को क़र्ज़ में डूबी एयर इंडिया के 100 फीसदी शेयर बेचने की घोषणा कर दी है. 17 मार्च तक एयर इंडिया खरीदने के इच्छुक पक्षों से आवेदन मंगाए गए हैं. भारतीय मज़दूर संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा संगठन है.

केंद्र ने एयर इंडिया में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की, बोली लगाने के दस्तावेज़ जारी

एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के तहत सरकार कंपनी की सस्ती विमानन सेवा ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ में भी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेचेगी. बीते साल केंद्र की मोदी सरकार ने एयर इंडिया की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए निविदा जारी की थी, लेकिन किसी ने बोली ही नहीं लगाई थी.

एयर इंडिया ने पदोन्नति और नई नियुक्तियों पर लगाई रोक: अधिकारी

बताया जा रहा है कि सरकार क़र्ज़ के बोझ से दबी सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के विनिवेश की तैयारी कर रही है, जिसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है.

एयर इंडिया की कर्मचारी यूनियनों ने कंपनी के निजीकरण की कोशिशों का किया विरोध

आर्थिक संकट से जूझ रही एयर इंडिया के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की दर्जन भर से अधिक यूनियनों का कहना है कि निजीकरण समस्या का समाधान नहीं है.

हर उड़ान की घोषणा के बाद एयर इंडिया के क्रू को ‘जय हिंद’ कहने का निर्देश

एयर इंडिया के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने मई 2016 में पायलटों को ऐसे ही निर्देश दिए थे. अधिकारियों ने बताया कि देश के रुख को देखते हुए कर्मचारियों के लिए मौजूदा परामर्श जारी किया गया है.

वित्तीय संकट से जूझ रही एयर इंडिया का केंद्र सरकार पर 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा बकाया

संसद में दी गई जानकारी में केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने बताया कि यह राशि विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा चुकाई जानी है.

निजी भागीदारी से छह हवाई अड्डों के प्रबंधन को मंज़ूरी, केरल के सीएम ने निराशजनक बताया

तिरुवनंतपुरम समेत अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी और मेंगलुरु हवाई अड्डों को सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत पट्टे पर दिए जाने के फैसले पर केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र चरणबद्ध तरीके से नागर विमानन क्षेत्र के निजीकरण की कोशिश में लगी है.

क़र्ज़ में डूबी एयर इंडिया का केंद्र सरकार पर 1,146 करोड़ रुपये बकाया

आर्थिक संकट से जूझ रही सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया पर यह बकाया वीवीआईपी चार्टर उड़ानों का है, जिसमें सर्वाधिक 543.18 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय का है.

एयर इंडिया में विनिवेश की समयसीमा ख़त्म, किसी ने बोली नहीं लगाई

2017 तक एयर इंडिया पर कुल 48,000 करोड़ रुपये का क़र्ज़ का बोझ था. एयर इंडिया की कर्मचारी यूनियनों ने एयरलाइन के रणनीतिक विनिवेश के लिए कोई बोली नहीं मिलने को अपनी जीत बताया है.