गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संगठित अपराध से निपटने के लिए बने कठोर क़ानून का इस्तेमाल सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की सांप्रदायिक घटना के मामले में करना दुरुपयोग है. कोर्ट ने जोड़ा कि राज्य को दी गई शक्ति को उत्पीड़न या डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने शुक्रवार को धुबरी में रात को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए. बीते 7 जून को धुबरी के हनुमान मंदिर में एक पशु का कटा सिर मिला था जिसके बाद से वहां सांप्रदायिक तनाव बना हुआ है.
एआईएमआईएम के मुस्तफ़ाबाद प्रत्याशी ताहिर हुसैन ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में चुनाव प्रचार के लिए ज़मानत याचिका दायर की थी, पर मंज़ूरी नहीं मिली थी. इसके बाद उन्होंने पुलिस हिरासत में ही चुनाव प्रचार करने की इजाज़त मांगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया है.
पुस्तक अंश: मुहल्ले के मुसलमानों के विपरीत सिविल क्षेत्रों में रहने वाले मुसलमानों और आसपास के हिंदू समाज के बीच काफ़ी रफ्त-जफ्त रहता है. किंतु किसी कारणवश यदि सामाजिक समरसता गड़बड़ाती है, चाहे उसी शहर के किसी हिस्से में या किसी पड़ोसी शहर में, तो दोनों समुदायों के बीच अघोषित तनाव व्याप्त हो जाता है.
दिल्ली दंगों के मामले के आरोपी ताहिर हुसैन की ज़मानत याचिका को जस्टिस पंकज मित्तल ने ख़ारिज कर दिया, वहीं जस्टिस अमानुल्लाह ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि वह 5 साल में एक दिन के लिए भी जेल से बाहर नहीं आए हैं, हम अपनी आंखें बंद नहीं कर सकते.
चुनावों के दौरान विहिप दिल्ली में ऐसे 200 से अधिक समारोह आयोजित कर रहा है जिसके तहत 50,000 से अधिक त्रिशूल बांटे जाने हैं. दिल्ली में आखिरी बार त्रिशूल बांटने का अभियान एक दशक पहले चलाया गया था.
बीते 13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा में गोपाल मिश्रा नामक एक हिंदू युवक की गोली लगने से मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. सोमवार को गुस्साई और उग्र भीड़ ने मिश्रा की मौत का विरोध किया और दुकानों, वाहनों, एक निजी अस्पताल और अन्य संपत्तियों को आग लगा दी. इस बीच, भाजपा विधायक ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम पत्रकारों की एक सूची साझा करते हुए एक और सांप्रदायिक आग भड़का दी.
पुस्तक समीक्षा: आज की मूलतः पुरुष केंद्रित पत्रकारिता के बीच पत्रकार नेहा दीक्षित अपनी किताब 'द मैनी लाइव्स ऑफ सईदा एक्स' में एक मुस्लिम महिला और असंगठित मज़दूर की कहानी कहने का जोखिम उठाती हैं.
आरोप है कि लखनऊ में खाना डिलीवर करने के दौरान चार लोगों ने कथित तौर पर एक मुस्लिम व्यक्ति पर हमला कर दिया, सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं, उन पर शराब फेंकी और घर में एक घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा.
पुस्तक समीक्षा: परमजीत सिंह की 'मैं क्यूं जाऊं अपने शहर: 1984 कुछ सवाल, कुछ जवाब' सिख विरोधी दंगों की कुछ अनसुलझी मानवीय और राजनीतिक गुत्थियों को नए सिरे से पेश करती है.
मुंबई के मीरा रोड स्थित नयानगर इलाके में 21 जनवरी की रात सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी, जिसके बाद भाजपा विधायक नितेश राणे ने 23 जनवरी को क्षेत्र का दौरा किया. दौरे के बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय को खुली धमकी दी. कुछ ही घंटों बाद ही इलाके में दूसरे दौर की हिंसा भड़क उठी थी.
31 जुलाई को नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से किसानों ने हरियाणा में सांप्रदायिकता का मुक़ाबला करने के लिए क्षेत्र में तीन बड़ी बैठकें की हैं. इसके अलावा खाप पंचायतों की इसी तरह की 20 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं. किसान संगठनों का कहना है कि आगामी राज्य और संसदीय चुनावों से पहले लोग ‘ध्रुवीकरण को रोकने के लिए एकजुट’ हो गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने नफ़रत भरे भाषण से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हम बहुत स्पष्ट हैं, चाहे वह एक पक्ष हो या दूसरा पक्ष, उनके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए. अगर कोई ऐसे मामलों में लिप्त होता है, तो उनसे कानून के अनुसार निपटा जाएगा.
हरियाणा के नूंह में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के साथ निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. सोमवार शाम तक हिंसा गुड़गांव के पास सोहना चौक तक फैल गई थी, जहां कथित तौर पर बजरंग दल के सदस्यों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी और दुकानों में तोड़फोड़ की थी.
भारत के इतिहास में नोआखली की हिंसा और महात्मा गांधी द्वारा वहां रहकर शांति का क़ायम किया जाना दोनों ही उल्लेखनीय हैं. अगर वास्तव में ही मणिपुर में शांति स्थापित करनी है, तो वहां किसी महात्मा गांधी को जाना होगा.