देश के पहले और अब तक के एकमात्र वामपंथी कृषि मंत्री चतुरानन मिश्र राजनीतिक रूप से बेहद अस्थिर समय में मंत्री बने थे. लेकिन इसकी परवाह किए बगैर कि वे कब तक मंत्री रहेंगे, उन्होंने छोटे व सीमांत किसानों की हितसाधक नई कृषि नीति लागू करने के लिए उसका मसौदा तो तैयार कराया ही, किसानों के कल्याण, कृषि के आधुनिकीकरण, फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि जैसी कई परियोजनाओं को सरकार के एजेंडे पर ले आए.
गत पांच जून को राम मंदिर में आयोजित दूसरी प्राण-प्रतिष्ठा ने जहां भाजपा-आरएसएस की अंदरूनी राजनीति को लेकर भरपूर चर्चाएं पैदा कीं, वहीं कहानी तब दिलचस्प हुई जब समारोह की तस्वीरों में भाकपा के वरिष्ठ स्थानीय नेता अतुल कुमार सिंह पीत वस्त्रों में यजमानों में बैठे पूजा करते दिखे.
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केरल के राज भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर ‘भारत माता’ की तस्वीर को श्रद्धांजलि के लिए रखे जाने के कारण विवाद की स्थिति बन गई. सरकार में मंत्री पी. प्रसाद यह कहते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया कि भारत माता मुख्य रूप से आरएसएस से जुड़ी हुई है.
'इंडिया' गठबंधन में शामिल सोलह विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे पत्र में पुंछ, उरी, राजौरी में हमले, तनाव, नागरिकों की हत्या और संघर्ष विराम की घोषणा के साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर इसके प्रभाव को लेकर 'गंभीर सवालों' का ज़िक्र किया गया है.
संभल प्रशासन ने विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा में मारे गए व्यक्तियों के परिवारों से मिलने के लिए ज़िले में जाने की अनुमति नहीं दी. विपक्षी दलों का कहना है कि यह भाजपा सरकार की कथित पुलिस ज़्यादतियों के पीड़ितों तक पहुंच बाधित करने की योजना का हिस्सा है.
बिहार में 'इंडिया' गठबंधन के साथ मिलकर सीपीआई (माले) ने तीन सीट पर चुनाव लड़ा था- आरा, काराकाट और नालंदा. पार्टी इनमें से दो सीट जीतने में कामयाब रही.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने कहा है कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह एक सरकार-प्रायोजित राजनीतिक कार्यक्रम है, जो लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा और आरएसएस द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इन्हीं कारणों से कांग्रेस और माकपा ने भी इस समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया है.
नूंह हिंसा के चलते व्याप्त तनाव के बीच निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए रविवार को गुड़गांव में एक 'हिंदू महापंचायत' का आयोजन किया गया, जिसमें मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार के आह्वान के साथ-साथ दावा किया गया कि बीते दिनों एक मस्जिद पर हमला करने वाले लोग निर्दोष हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के ख़िलाफ़ कथित तौर पर सब्ज़ियों की आसमान छूती कीमतों के लिए ‘मिया’ मुस्लिम समुदाय के किसानों और व्यापारियों के एकाधिकार को ज़िम्मेदार ठहराने वाले बयान को लेकर विभिन्न दलों और संगठनों ने कई शिकायतें दर्ज कराई हैं.
पुण्यतिथि विशेष: वाराणसी की कोलअसला विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधायक रहे भाकपा नेता ऊदल को बंगले या मंत्री पद के आकर्षण कभी बांधकर नहीं रख सके. स्वतंत्रता सेनानियों के लिए सम्मान पेंशन शुरू हुई तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि 'यह जेल जाने, वहां यातनाएं सहने वालों के लिए है. मैं तो कभी गोरी पुलिस के हाथ लगा ही नहीं.'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश वित्त वर्ष 2023-24 के बजट की विपक्षी दलों ने आलोचना करते हुए कहा है कि यह विपक्ष शासित राज्यों के साथ भेदभाव करता है और इसमें गरीबों, किसानों, मज़दूरों आदि का ख्याल न रखते हुए पूंजीपतियों का हित देखा गया है.
आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता जीएन साईबाबा की कविताओं और पत्रों का संकलन के विमोचन के अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा ने जीएन साईबाबा की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि आज की सरकार सोचती है कि कुछ लोगों को ‘अर्बन नक्सल’, ‘देशद्रोही’, ‘आतंकवादी’ क़रार देकर या उन्हें जेल में डालकर वह सफल हो सकती है.
सीपीआई की ओर से कहा गया है कि दूरदर्शन ने भाषण से ‘आरएसएस’ एवं ‘फासीवादी विचारधारा’ जैसे शब्दों को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए हटाने के लिए कहा है. पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार के इशारे पर ऐसी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई हो रही है.
मूर्तियों का गिराया जाना महज़ किसी पत्थर की निर्जीव प्रतिमा को ख़त्म किया जाना नहीं है. वह उस विचार, उस मूल्य को ज़मींदोज करने की कोशिश है, जिसका प्रतिनिधित्व वह प्रतिमा करती थी.
सुब्रमण्यम स्वामी ने पूछा कि ‘विदेशी आतंकवादी’ लेनिन की मूर्ति देश में कहीं भी क्यों होनी चाहिए? काश कोई उन्हें बताता कि लेनिन तब से भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की प्रेरणा हैं, जब स्वामी की पार्टी के पुरखे अंग्रेज़ों का हुक्का भरने में मगन थे.