Delhi Police

टूलकिट केस: दिशा रवि के ख़िलाफ़ जांच में कुछ मिला नहीं, पुलिस फाइल कर सकती है क्लोज़र रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने युवा पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को किसानों के आंदोलन का समर्थन करने वाले टूलकिट को साझा करने में कथित भूमिका के चलते 14 फरवरी को बेंगलुरु से किया था. उन पर 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में राजद्रोह तथा आपराधिक साज़िश की धाराएं लगाई गई थीं.

अदालत ने राजद्रोह मामले में जेएनयू छात्र शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार किया

जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया गया है. अदालत ने कहा कि भाषण को सरसरी तौर पर पढ़ने से लगता है कि स्पष्ट रूप से यह सांप्रदायिक तर्ज पर दिया गया था, लेकिन इन आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य अपर्याप्त है.

दिल्ली दंगा: आरोपी को ‘अनावश्यक रूप से प्रताड़ित’ करने पर पुलिस पर जुर्माना

दिल्ली की एक अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों के मामले संबंधी एक अर्ज़ी दायर करने में देरी के लिए पुलिस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि इन मामलों में पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निजी हस्तक्षेप करने के लिए बार-बार दिए गए निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया गया.

जेएनयू के छात्र नजीब अहमद के लापता होने के पांच साल, न्याय की मांग

वीडियो: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब अहमद को लापता हुए पांच साल हो चुके हैं. नजीब कहां और किस हालत में हैं, इस सवाल का जवाब न तो जेएनयू प्रशासन के पास है और न ही किसी जांच एजेंसी के पास. बीते दिनों छात्र संगठनों ने इस मामले की फ़िर से जांच की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला था.

दिल्ली दंगों पर पुलिस ने काल्पनिक कहानियां लिखीं, आरोप-पत्र में लगाया ‘तड़का’: उमर ख़ालिद

दिल्ली दंगों से जुड़े कई आरोपों में गिरफ़्तार जेएनयू के पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर ख़ालिद के वकील ने कहा कि जांच अधिकारी ने चार्जशीट में काल्पनिक कहानियां लिखीं. पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों को ‘एक ही लाठी से हांकना’ चाहती है. उन्होंने पूछा कि क्या चक्काजाम का आयोजन आतंकवाद रोधी क़ानून- यूएपीए लगाने का आधार देता है.

दिल्ली: पुलिस आयुक्त के बतौर राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली हाईकोर्ट में दी गई अर्ज़ी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रकाश सिंह मामले में दिए गए आदेश के आधार पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति ख़ारिज करने की मांग की गई थी, जिससे अदालत ने इनकार कर दिया.

दिल्ली दंगों की जांच को लेकर पुलिस को कई बार फटकार लगा चुके अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का तबादला

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव दिल्ली के कड़कड़डूमा ज़िला अदालत में दंगों संबंधी कई मामलों की सुनवाई कर रहे थे. उनका स्थानांतरण नई दिल्ली ज़िले की राउज़ एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश (पीसी कानून) (सीबीआई) के रूप में किया गया है. जस्टिस यादव ने दिल्ली दंगों को लेकर पुलिस की जांच को लेकर सवाल उठाते हुए उसे कई बार फटकार लगा चुके हैं. उन्होंने अधिकतर मामलों में जांच के मापदंड को घटिया बताया था.

दिल्ली दंगा: विरोधाभासी बयानों पर अदालत ने कहा- शपथ लेकर झूठी गवाही दे रहे पुलिस गवाह

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दंगों संबंधी एक मामले को सुनते हुए कहा कि पुलिस गवाहों में से एक शपथ लेकर ग़लत बयान दे रहा है. कोर्ट ने ऐसा तब कहा जब एक पुलिसकर्मी ने तीन कथित दंगाइयों की पहचान की लेकिन एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी. यह पहली बार नहीं हैं जब अदालत ने दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस पर सवाल उठाए हैं.

दिल्ली पुलिस ने ऑडिट के बाद सेवानिवृत्त अधिकारियों और जजों की सुरक्षा में कटौती की: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुलिस द्वारा किए गए ऑडिट में पता चला है कि 535 सुरक्षाकर्मियों को उन पूर्व आयुक्तों, सेवानिवृत्त अधिकारियों और न्यायाधीशों के साथ नेताओं की सुरक्षा में तैनात किया गया था, जिन्हें कोई ख़तरा नहीं है. इसके बाद पुलिस ने इन लोगों की सुरक्षा की समीक्षा की और इनकी सुरक्षा या तो हटा दी गई या इसे कम कर दिया.

दिल्ली दंगा मामले में फिर पुलिस को फटकार, अदालत ने कहा- स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण

दिल्ली की एक अदालत को बताया गया कि दंगों संबंधित मामले में नासिर अहमद नाम के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज केस की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है और यहां तक कि प्राथमिकी में नामजद लोगों से पूछताछ भी नहीं हुई है. इस पर कोर्ट ने को फटकारा. बीते कुछ समय में अदालत दिल्ली दंगों के विभिन्न मामलों से निपटने के तरीके को लेकर पुलिस पर कई बार सवाल उठा चुकी है.

दिल्ली दंगे पलभर में नहीं हुए, पूर्व नियोजित साज़िश थी: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कहा गया कि फ़रवरी 2020 में देश की राष्ट्रीय राजधानी को हिला देने वाले दंगे स्पष्ट रूप से पल भर में नहीं हुए और वीडियो फुटेज में मौजूद प्रदर्शनकारियों के आचरण से यह स्पष्ट रूप से पता चलता है. यह सरकार के कामकाज को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ शहर में लोगों के सामान्य जीवन को बाधित करने के लिए सोचा-समझा प्रयास था.

जनहित याचिकाएं दाख़िल करना अपने आप में एक उद्योग बन गया है: केंद्र

राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र ने तर्क दिया कि गुजरात-कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति में कोई हस्तक्षेप की कोई ज़रूरत नहीं है.

जंतर मंतर हेट स्पीच: दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्यक्रम के आयोजक को ज़मानत दी

बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान किया गया था. कार्यक्रम के आयोजकों में से एक प्रीत सिंह पर सांप्रदायिक नारेबाज़ी का आरोप है. 

दिल्ली दंगा: अदालत ने 10 लोगों के ख़िलाफ़ आगज़नी के आरोप हटाए, कहा- पुलिस ख़ामियों को छिपा रही

दिल्ली की एक अदालत ने आगज़नी के आरोप रद्द करते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं ने अपने शुरुआती बयानों में दंगाई भीड़ द्वारा आग या विस्फोटक पदार्थ के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा. पुलिस एक खामी को छिपाने का और दो अलग-अलग तारीख़ों की घटनाओं को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है.

गणतंत्र दिवस हिंसा: दो साज़िशों की कहानी

जहां दिल्ली पुलिस का दावा है कि गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर रैली में शामिल किसानों ने लाल क़िले पर कब्ज़ा करने की साज़िश रची थी, वहीं इस मामले को लेकर गठित पंजाब विधानसभा की समिति का कहना है कि उस रोज़ हुई हिंसा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को बदनाम करने के षड्यंत्र का नतीजा थी.