Education in India

शिक्षा के भगवाकरण में ग़लत क्या है: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई शांति एवं सुलह संस्थान का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में शिक्षा की मैकाले व्यवस्था को पूरी तरह से ख़ारिज करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के भगवाकरण को लेकर इतना हंगामा क्यों है. उन्होंने भारतीयों से औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने और भारतीय पहचान को लेकर गौरवान्वित होने को कहा है.

भारत में शिक्षा समावेशी नहीं, शिक्षा के मामले में हम अब भी पीछे: जस्टिस ललित

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित ने गुजरात के भुज में एक कानूनी सेवा शिविर और जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी शिक्षा समावेशी नहीं है. कुछ गांवों और बड़े शहरों में जो शिक्षा प्रदान की जाती है, उनकी गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं है. हमें इन सब पर विचार करना चाहिए. जब तक हम इसे हासिल नहीं कर लेते, सतत विकास मानकों के अनुसार शिक्षा के मामले में हम कमज़ोर रहेंगे.

Allahabad: Children attend a class at a Government school on the occasion of 'World Literacy Day', in Allahabad, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo) (PTI9_8_2018_000090B)

बिहार के स्कूलों में सबसे खराब शिक्षक-छात्र अनुपातः एचआरडी मंत्रालय

बिहार में 38 छात्रों के मुकाबले एक शिक्षक है जबकि दूसरे स्थान पर दिल्ली है, यहां 35 छात्रों पर एक शिक्षक है. सबसे बेहतर स्थिति सिक्किम की है, जहां चार छात्रों पर एक शिक्षक है.

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अगले साल से शुरू होगा ‘देशभक्ति’ पाठ्यक्रम: अरविंद केजरीवाल

‘संविधान के सत्तर साल’ अभियान शुरू करने के मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देशभक्ति पाठ्यक्रम छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना जगाएगा.

हर किसी की जांच करिए चाहे वह वाड्रा हों या प्रधानमंत्री: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि शीर्ष स्तर पर पर्याप्त संख्या में महिलाएं नहीं दिखतीं. हम संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित करेंगे और महिलाओं के लिए 33 फीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित करेंगे.

विकसित देश बनने के लिए सिर्फ़ एक दशक का समय, ​शिक्षा पर ध्यान देने की ज़रूरत: एसबीआई

भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि नीति-निर्माताओं को अंदाज़ा होना चाहिए कि भारत के पास विकसित देश बनने के लिए थोड़ा समय है जिसमें यह अपना दर्जा बढ़ा सकता है नहीं तो हमेशा के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में अटका रहेगा.