दिल्ली: सरकार जी-20 शिखर सम्मेलन के कारण प्रगति मैदान में रह ​रहे परिवारों को हटा रही है

वीडियो: सरकार ने दिल्ली के प्रगति मैदान के सामने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को इन्हें खाली करने का नोटिस दिया है. यहां क़रीब 60 परिवार जनता कैंप में रहते हैं और उनके बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं. यहां रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के कारण उन्हें निकाला जा रहा है.

हल्द्वानी तोड़फोड़: भाजपा नेताओं ने कोलकाता की तस्वीर ट्वीट करके भ्रामक दावे किए

कई भाजपा नेताओं ने कोलकाता में रेलवे पटरियों के किनारे बसी एक झुग्गी बस्ती की तस्वीर ट्वीट करते हुए दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी में इस अतिक्रमण को वैध कर दिया है. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में 4,000 से अधिक परिवारों को उस ज़मीन से बेदख़ल करने का आदेश जारी किया था, जिस पर रेलवे ने अपना दावा किया था. इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.

हल्द्वानी में 4,000 परिवारों को हटाने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

20 दिसंबर 2022 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में कथित तौर पर रेलवे की ज़मीन पर बसे क़रीब 4,000 से अधिक परिवारों को हटाने का आदेश दिया था. इसके ख़िलाफ़ वहां के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था. लोगों का दावा है कि उनके पास भूमि का मालिकाना हक़ है और वे यहां 40 से अधिक वर्षों से रह रहे हैं.

यूपी: ग़ुलामी, उत्पीड़न, बेदख़ली से लड़ते हुए वनटांगियों का संघर्ष आज भी जारी है

गोरखपुर और महराजगंज के जंगल में स्थित 23 वन ग्रामों के वनटांगियों को वन अधिकार क़ानून लागू होने के डेढ़ दशक और कड़े संघर्ष के बाद ज़मीन पर अधिकार मिला. लेकिन आज भी यहां विकास की रफ़्तार धीमी ही है.

असम: कांग्रेस विधायक के बयान के बाद मठ की ज़मीन ख़ाली कराई गई, 37 परिवार बेदख़ल

असम के बारपेटा ​ज़िले का मामला. आरोप था कि 16वीं सदी के वैष्णव मठ ‘बारपेटा सत्र’ से जुड़ी लगभग 40 बीघा ज़मीन पर बंगाली मुस्लिम आबादी ने अतिक्रमण किया था. बीते दिनों यहां पहुंचे कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद एक वीडियो में कथित तौर पर कहते नज़र आए थे कि जब तक वे ज़िंदा हैं, यहां के लोगों को कोई बेदख़ल नहीं कर सकता. इस बयान पर विवाद के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने ज़मीन ख़ाली करा दी.

असम के मुख्यमंत्री व उनके परिवार ने हड़पी भूमिहीनों की ज़मीन, तत्काल पद से हटाया जाए: कांग्रेस

कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और उनके परिवार पर ऐसी 18 एकड़ ज़मीन हड़पने का आरोप लगाया जो भूमिहीनों के लिए चिह्नित थी. कांग्रेस ने शर्मा को तत्काल पद से हटाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल से जांच कराने की भी मांग उठाई है.

असम: ज़रूरतमंदों के लिए चिह्नित ज़मीन मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनी के पास कैसे पहुंची

एक्सक्लूसिव: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी रिनिकी भूयां शर्मा द्वारा शुरू की गई कंपनी आरबीएस रिएल्टर्स द्वारा 'सीलिंग सरप्लस' भूमि का अधिग्रहण राज्य सरकार की भूमि आवंटन नीति पर सवाल खड़े करता है.

दिल्ली: कनॉट प्लेस में रेहड़ी-पटरी वालों से ख़ाली कराई गई जगह, न्याय की गुहार

वीडियो: दिल्ली में कनॉट प्लेस के रेहड़ी-पटरी वालों को प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर हटा दिया है. ये लोग इस बात से परेशान हैं कि अब उनका जीवन कैसे चलेगा. द वायर ने इनमें से कुछ लोगों से बात की और उनका हाल जाना.

गुड़गांव बंजारा मार्केट: घर सजाने वालों का उजड़ रहा है घर

वीडियो: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा गुड़गांव के बंजारा मार्केट को हटाया जा रहा है. इस मार्केट में घर की सजावट का सामान मिलता है. यहां सामान बेचने वाले लोग इस घटनाक्रम से परेशान हैं. उनकी चिंता है कि वे अपनी आजीविका कैसे कमाएंगे.

हरियाणा के खोरी गांव से लोगों की बेदख़ली रोके भारत सरकार: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर बसे खोरी गांव को खाली करवाने का निर्देश दिया है. इसके चलते यहां के बीस हज़ार बच्चों और पांच हज़ार गर्भवती व धात्री महिलाओं सहित लगभग एक लाख रहवासियों पर बेघर होने का संकट आ गया है.