farmers suicide

पीएम मोदी 80 करोड़ ग़रीबों को फ्री-फंड का खाना दे रहे हैं, उन्हें बधाई देनी चाहिए: निशिकांत दुबे

लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जीडीपी को नकारते हुए कहा कि जीडीपी का इस देश के लिए कोई मतलब नहीं. भविष्य में इसका कोई बहुत ज़्यादा उपयोग नहीं होगा. उन्होंने देश में किसान आत्महत्या से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या नहीं कर रहे हैं. हमने किसानों को इतनी ताकत दी है कि आज वे सरकार के ख़िलाफ़ भी दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं.

‘पंजाब: जिनां राहां दी मैं सार न जाणां’ कविता या कहानी नहीं, अतीत और आज का जीवंत दस्तावेज़ है

पुस्तक समीक्षा: अमनदीप संधू की किताब ‘पंजाब: जर्नी थ्रू फॉल्ट लाइंस’ के पंजाबी अनुवाद ‘पंजाब: जिनां राहां दी मैं सार न जाणां’ में वो पंजाब नहीं दिखता है जो फिल्मों, गीतों में दिखाया जाता रहा है. यहां इस सूबे की तल्ख़, खुरदरी और ज़मीनी हक़ीक़त से सामना होता है.

पंजाब: 18 सालों में 6 ज़िलों के नौ हज़ार किसानों ने आत्महत्या की, 88 फीसदी क़र्ज़ में थे- अध्ययन

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संगरूर, बठिंडा, लुधियाना, मनसा, मोगा और बरनाला ज़िलों के सभी गांवों में घर-घर जाकर किया गया सर्वे बताता है कि साल 2000 से 2018 के बीच आत्महत्या करने वालों में सीमांत और छोटे किसानों की संख्या अधिक है. इनमें से 75 फीसदी किसान 35 वर्ष से कम उम्र के थे.

किसान आंदोलन: ‘ज़िंदा किसानों की बात न सुनने वाली सरकार मरे किसानों की बात क्या सुनेगी’

वीडियो: एक साल से जारी ऐतिहासिक किसान आंदोलन में किसानों ने बहुत कुछ खोया है. इस दौरान क़रीब 700 से ज़्यादा किसानों की मौत हुई, किसी ने आत्महत्या की, तो किसी की बीमारी के चलते जान गई. आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से बातचीत.

उत्तर प्रदेश: फ़सल नष्ट होने से कथित तौर पर परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले का मामला. अधिकारियों ने परिजनों के हवाले से बताया कि किसान पर साहूकारों का तीन लाख रुपये क़र्ज़ भी था.

कृषि क़ानून: हरियाणा सरकार ने कहा, दिल्ली से सटी सीमाओं पर विभिन्न कारणों से 68 लोगों की मौत हुई

दो कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में कहा कि अब तक हरियाणा से मृत प्रदर्शनकारियों के परिजनों को नौकरी और वित्तीय सहायता देने के लिए राज्य सरकार के विचारार्थ कोई प्रस्ताव नहीं है.

कृषि क़ानून रद्द करने को कथित तौर पर अपनी अंतिम इच्छा बताकर टिकरी बॉर्डर के पास किसान ने जान दी

पुलिस ने बताया कि किसान द्वारा कथित तौर पर छोड़े गए सुसाइड नोट में उनके द्वारा उठाए गए इस क़दम के लिए तीन कृषि क़ानूनों को जिम्मेदार ठहराया गया है. उन्होंने इसमें यह भी कहा है कि केंद्र को इन क़ानूनों को निरस्त करके उनकी आख़िरी इच्छा पूरी करनी चाहिए.

आंदोलन के 100 दिन पर किसानों ने कहा, कृषि क़ानून वापस नहीं लिए तो चुनाव में झेलना पड़ेगा ग़ुस्सा

दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के 100 दिन पूरा होने पर खिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि अगर सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती है तो पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा.

छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया, बीते 10 महीने में राज्य के 141 किसानों ने आत्महत्या की

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने यह जानकारी दी. हालांकि इस जवाब से असंतोष जताते हुए विपक्षी भाजपा के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए.

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 248 किसानों की मौत हुई: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ​दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर मौतें दिल का दौरा पड़ने, ठंड की वजह से बीमारी और दुर्घटनाओं से हुई हैं. ये आंकड़े 26 नवंबर 2020 से इस साल 20 फरवरी के बीच इकट्ठा किए गए हैं.

सरकार को किसानों की चिंताओं का शोषण करने का अधिकार नहीं: आत्महत्या कर चुके किसानों की पत्नियां

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आत्महत्या कर चुके किसानों की पत्नियों का एक दल कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली में तकरीबन दो महीने से ​प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने यहां पहुंचा है.

किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर ज़हरीला पदार्थ खाने वाले किसान की मौत

मृतक किसान की पहचान 42 वर्षीय जय भगवान राणा के तौर पर हुई है. वह हरियाणा के रोहतक ज़िले के रहने वाले थे. केंद्र के विरोध में एक महीने से ज़्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान अब तक कम से कम पांच लोग दिल्ली के विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर आत्महत्या कर चुके हैं.

आंदोलन स्थल पर एक किसान ने जान दी, अब तक चार लोग कर चुके हैं आत्महत्या

मृतक किसान की पहचान 39 वर्षीय किसान अमरिंदर सिंह के रूप में हुई. वह पंजाब में फतेहगढ़ साहिब के मचराई कलां गांव के रहने वाले थे. केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग पर किसान एक महीने से अधिक समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

किसान आंदोलन: किसान ने कथित रूप से ख़ुदकुशी की, प्रदर्शन स्थलों पर तीसरी आत्महत्या

ग़ाज़ीपुर में उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा पर बने प्रदर्शन स्थल की घटना. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में बिलासपुर निवासी किसान सरदार कश्मीर सिंह के रूप में हुई. अपने कथित सुसाइड नोट में उन्होंने कहा है कि आंदोलन के दौरान पंजाब के कई लोगों की मौत हुई, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से किसी ने भी बलिदान नहीं दिया.