विभाजन की मौन त्रासदी: संघर्ष के बोझ तले स्त्रियों की ज़िंदगियां

किसी स्त्री की अस्मिता पर हमला होता है तो वह किसी राष्ट्र की हार या जीत नहीं, पूरी मनुष्यता की हार होती है. इसलिए विभाजन की स्त्रियों को याद करना केवल अतीत को याद करना नहीं है. यह वर्तमान से सवाल करना है. यह पूछना कि क्या हमने सीखा है कि किसी स्त्री का शरीर किसी समुदाय की संपत्ति नहीं, उसका अपना अस्तित्व है? क्या हमने समझा कि हिंसा का बदला किसी निर्दोष से नहीं लिया जा सकता?

कश्मीर में ‘डर का माहौल’: सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले लोगों को थाने बुलाए जाने पर नेताओं ने जताई चिंता

कश्मीर में राष्ट्रीय अवकाश, किसी बड़े सरकारी समारोह या महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले स्थानीय लोगों को बार-बार थाने बुलाए जाने और हिरासत में लिए जाने पर राजनेताओं ने चेतावनी दी है कि घाटी में इस तरह के सुरक्षा उपायों के इस्तेमाल से लोगों में डर पैदा हो रहा है और स्थानीय लोगों व प्रशासन के बीच पहले से ही कमज़ोर भरोसे की खाई और बढ़ रही है.

इतिहास को केवल प्रमाण पर आधारित होना चाहिए: इरफान हबीब

साक्षात्कार: ‘हिंदू राष्ट्र अपने आप में विरोधाभासी शब्द है’; ‘ज्ञान न तो भारतीय होता है, न इंग्लिश, वह सिर्फ़ ज्ञान होता है.’ पढ़िए इतिहासकार इरफान हबीब से द वायर हिंदी की खास बातचीत, जिसमें वे इतिहास के पुनर्लेखन, आरएसएस पर फासीवाद के प्रभाव, भारतीय ज्ञान परंपरा और इतिहास के राजनीतिक इस्तेमाल पर चर्चा कर रहे हैं.

एनसीईआरटी में आधे से अधिक स्वीकृत पद ख़ाली, सीबीएसई में 44% पद रिक्त: संसदीय समिति

एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि एनसीईआरटी में स्वीकृत 2,844 पदों में आधे से अधिक ख़ाली हैं. वहीं, सीबीएसई में भी 44% पद रिक्त हैं. समिति ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य सरकारों का शिक्षा पर संयुक्त ख़र्च जीडीपी का केवल 4.1% है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तय 6% के लक्ष्य से कम है.

जस्टिस यशवंत वर्मा कैश मामला: जांच समिति ने जज को दोषी पाया, महीनों पहले दे चुके हैं इस्तीफ़ा

जस्टिस यशवंत वर्मा के ख़िलाफ़ आरोपों की जांच करने वाली समिति ने लोकसभा में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में उन्हें दोषी क़रार देते हुए कहा है कि वे अपने आवासीय परिसर में मिली नकदी के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके. 2025 में जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास परिसर में आग लगने के बाद एक क्षतिग्रस्त कमरे से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में कैश मिला था. वर्मा इस साल अप्रैल में इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

मेटा ने लगातार दूसरी बार जम्मू कश्मीर के पैलेट गन पीड़ितों पर द वायर की ग्राउंड रिपोर्ट हटाई

बुधवार रात मेटा के प्लेटफॉर्म- फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों से हटाई गई द वायर की रिपोर्ट में बताया गया था कि पैलेट गन से घायल होने के दस साल बाद भी इसके पीड़ित रोज़ाना संघर्ष कर रहे हैं. फरवरी 2026 से अब तक, और ख़ासकर पिछले एक महीने में फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब ने सरकारी आदेशों के आधार पर द वायर और द वायर हिंदी की कम से कम 22 पोस्ट भारत में दिखने पर रोक लगाई है.

गढ़चिरौली: आदिवासी स्कूल में बिस्तर न होने पर ज़मीन पर सो रही थीं छात्राएं, सांप ने काटा; तीन की मौत

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में जपतलाई गांव में स्थित आदिवासी आवासीय स्कूल में बीते 10 अगस्त को ज़मीन पर सो रही छह छात्राओं को सांप ने काट लिया, जिसके बाद क्रमशः 8, 12 और 14 साल की तीन छात्रों की मौत हो गई और तीन गंभीर हालत में इलाजरत हैं. बताया गया है कि बिस्तरों की कमी के चलते बच्चे ज़मीन पर चटाई बिछाकर सोया करते थे. घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्कूल का लाइसेंस रद्द करने का आदेश

संसद का मानसून सत्र समाप्त; राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे बोले- मुझे अछूत मानकर शुद्धिकरण किया गया

सत्ता पक्ष और विपक्ष के टकराव के बीच मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इससे पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर कराए गए ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर सदन में कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि इसे लेकर एफआईआर होनी चाहिए.

सरसंघचालक का युवाओं को समर्थन: अफ़वाह या नैरेटिव बदलने का प्रयास

पिछले एक दशक में कई छात्र आंदोलनों के दौरान बेसिर-पैर की अफ़वाहों को राजनीतिक नैरेटिव का रूप दिया गया. अब आंदोलन करने वाले युवाओं पर पैलेट, लाठियां चलने के बाद, उन्हें 'देशद्रोही', 'गटर जेनेरशन' कहे जाने, भद्दी गालियां दिए जाने के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत उनका समर्थन करने लगे हैं. यह सच है या पिछली कई बार की तरह सरसंघचालक इसे अफ़वाह बताकर मुकर तो नहीं जाएंगे?

तमिलनाडु: विधानसभा में परिसीमन विरोधी प्रस्ताव को विपक्षी डीएमके का समर्थन, एनडीए को झटका

तमिलनाडु विधानसभा में यह प्रस्ताव ऐसे समय पारित हुआ है, जब संसद में नए सिरे से परिसीमन विधेयक लाने की केंद्र सरकार की योजना को लेकर द्रमुक के रुख़ पर सवाल उठ रहे थे. हालांकि, द्रमुक ने अप्रैल में लाए गए इस संविधान संशोधन विधेयक को विफल कराने में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन तब वह विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक का हिस्सा थी.

सिजीमाली में खदान परियोजना: विकास किसके लिए और किस क़ीमत पर?

ओडिशा में बॉक्साइट खदान की प्रस्तावित परियोजना के कारण ओडिशा के रायगढ़ा और कालाहांडी ज़िलों में फैली सिजीमाली पहाड़ियां अपने अस्तित्व को बचाने की एक अहम लड़ाई लड़ रही हैं. खनिज निकालने की इस होड़ में एक तरफ आर्थिक विकास के दावे हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों की अपने जंगलों, पानी के स्रोतों, रोजी -रोटी और ज़मीन से जुड़े सांस्कृतिक रिश्तों के भविष्य की कई चिंताएं हैं.

मणिपुर: कांगपोकपी ज़िले में हथियारबंद लोगों ने की गोलीबारी, दस घरों व एक चर्च को आग लगाई गई

कांगपोकपी ज़िले के चम्फाई इलाके में स्थित तोपका नगा गांव में 11 अगस्त की रात हथियारबंद लोगो ने घरों में आग लगा दी. नगा संगठन ने इस हमले की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि हमलावरों ने जानबूझकर आम नागरिकों के घरों और पूजा स्थल को निशाना बनाया.

एफसीआरए बिल: सरकार पर हमलावर विपक्ष ने कहा- संघ ले रहा विदेशी चंदा, वहीं अल्पसंख्यकों व एनजीओ पर निशाना

विपक्ष ने 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026' को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की. उसका आरोप है कि प्रस्तावित क़ानून ख़ासतौर पर अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बनाता है, जबकि आरएसएस जैसे संगठनों को नज़रअंदाज़ करता है. विपक्ष के विरोध के बीच विधेयक को जेपीसी के पास भेज दिया गया है.

राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ चयन के सवालों में पूछा गया- शाकाहारी हैं, क्या जनेऊ और शिखा रखते हैं?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन के लिए 34 सवालों वाला गूगल फॉर्म भरवाया जा रहा है. इसमें उम्मीदवारों से शाकाहारी होने, जनेऊ पहनने, शिखा रखने, शराब का सेवन करने और ‘कट्टर हिंदू’ होने जैसे सवाल पूछे गए हैं. बताया गया है कि 5,000 आवेदनों में से 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट हुए हैं.

केंद्रीय सूचना आयोग में स्वीकृत क्षमता में कर्मी होने के बावजूद आरटीआई के 40,000 से अधिक केस लंबित

केंद्रीय सूचना आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से जानकारी मिली है कि आयोग द्वारा स्वीकृत कर्मचारियों की पूरी संख्या के साथ काम के बावजूद आरटीआई से जुड़े 40,000 से अधिक मामले लंबित हैं. सीआईसी का नेतृत्व मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल कर रहे हैं. वहीं, आयोग में 10 सूचना आयुक्त हैं.

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