द हिंदू के वरिष्ठ पत्रकार महेश लांगा के ख़िलाफ़ पहली एफआईआर कथित जीएसटी चोरी के मामले में दर्ज की गई थी और दूसरी गुजरात मैरीटाइम बोर्ड से संबंधित कथित ‘संवेदनशील’ दस्तावेज़ों की ‘चोरी’ के लिए. अब एक व्यवसायी द्वारा धोखाधड़ी का आरोप लगाने के बाद तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है.
कथित जीएसटी चोरी मामले में गिरफ़्तार वरिष्ठ पत्रकार महेश लांगा के ख़िलाफ़ गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के गोपनीय दस्तावेज़ रखने के आरोप में भी एक केस दर्ज है. इस पर मीडिया निकायों ने कहा कि पत्रकारों को काम के दौरान संवेदनशील दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है, इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई शुरू करना चिंताजनक है.
कथित जीएसटी चोरी मामले में गिरफ़्तार द हिंदू के वरिष्ठ सहायक संपादक महेश लांगा के ख़िलाफ़ गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के गोपनीय दस्तावेज रखने के आरोप में भी एक मामला दर्ज है. अख़बार के संपादक सुरेश नंबथ ने कहा है कि पत्रकारों को अपने काम के दौरान गोपनीय दस्तावेजों को देखना/पढ़ना होता है. इसके लिए उनके ख़िलाफ़ आरोप दायर करना जनहित को नुकसान पहुंचाना है.
अहमदाबाद में गिरफ़्तार किए गए पत्रकार महेश लांगा के वकील ने कहा है कि जिस कंपनी (डीए एंटरप्राइज) का नाम एफआईआर में दर्ज है, उनके मुवक्किल न तो उसके निदेशक है और न ही प्रमोटर.
नोटबंदी और जीएसटी लाए जाने के दो साल बाद केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्योगों पर इन दोनों के प्रभाव के बारे में संसद को गुमराह किया. सरकारी आश्वासनों पर संसदीय समिति ने भ्रामक बयानों और पूरा सच न बताने के लिए सरकार को फटकारा था और दोनों निर्णयों से हुए नुकसान का फैक्ट-चेक भी किया था.
'इंडिया' गठबंधन के विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर बैनर और पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन किया और 'मेडिकल इंश्योरेंस जीएसटी वापस लो' के नारे लगाए.
सरकार के पास नागरिकों और व्यवसायों का एक छोटा कर आधार है, जहां जिससे जितना संभव हो उतना अधिक कर वसूला जा रहा है.
द वायर बुलेटिन: आज की ज़रूरी ख़बरों का अपडेट.
नवीनतम जीएसटी विवाद ने केंद्रीकरण और क्षेत्रीय स्वायत्तता के बीच नाजुक संतुलन को उजागर किया है. कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के राजनीतिक दलों के नेता करों के हस्तांतरण में दक्षिणी राज्यों के साथ कथित अन्याय को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र पर राज्यों के विकास में बाधा डालने का आरोप है.
यह मामला तमिलनाडु में दो दलित किसानों को ईडी द्वारा समन जारी करने पर हुए विवाद से संबंधित था, जिसकी जांच बाद में बंद कर दी गई थी. निलंबित भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी बी. बालामुरुगन ने बीते 2 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बर्ख़ास्त करने की मांग की थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दावा किया कि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए केंद्र राज्य का धन रोक रहा है. इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंबे समय से केंद्र पर फंड रोकने का आरोप लगाती रही हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है. यह सरकार की लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है. इस पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड कहा कि पूजा की वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है.
‘वित्त विधेयक 2023’ को 45 संशोधनों के साथ बीते शुक्रवार को लोकसभा में पारित किया गया. इस दौरान विपक्षी सदस्य अडानी मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच की मांग कर रहे थे. बीते 23 मार्च को केंद्रीय बजट को बिना बहस के सिर्फ़ 12 मिनट में पारित कर दिया गया था.
कोयला लेवी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को नया रायपुर में जीएसटी, पर्यावरण और श्रम विभाग में छापेमारी की. इसी मामले में बीते 20 फरवरी को 10-12 जगहों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें कांग्रेस विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के आवास भी शामिल थे.
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि ‘मोदीनॉमिक्स’ के कारण सरकार के क़र्ज़ में भारी वृद्धि ने आम लोगों को कुचल दिया है. उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर 2014 तक देश पर 55 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़ था. 2014 से 2023 के बीच यह बढ़कर 155 लाख करोड़ रुपये हो गया. आज हर नागरिक पर 1 लाख 9 हज़ार रुपये का क़र्ज़ है.