Healthcare

सैनिटरी पैड्स में हानिकारक रसायन, स्वास्थ्य के लिए हो सकते हैं ख़तरनाक: रिपोर्ट

दिल्ली के एक एनजीओ की ‘रैप्ड इन सीक्रेसी’ नाम की यह रिपोर्ट भारतीय बाजार में व्यापक तौर पर बिकने वाले दस तरह के सैनिटरी पैड पर किए गए टेस्ट पर आधारित है.

एम्स ने कर्मचारियों से कहा- गणमान्य अतिथियों को बुलाने से पहले स्वास्थ्य मंत्री की अनुमति लें

दिल्ली के एम्स द्वारा जारी एक ज्ञापन में निर्देश दिया गया है कि किसी भी समारोह के लिए ‘गणमान्य व्यक्तियों’ को आमंत्रित करने के लिए संस्थान के अध्यक्ष- जो स्वास्थ्य मंत्री हैं, से मंज़ूरी लेनी होगी. बताया गया है कि पहले ऐसी अनुमति केवल वीवीआईपी के आने पर या किसी बड़े समारोह के लिए ली जाती थी. 

प्रधानमंत्री जी, कुपोषण की समस्या भजन से नहीं भोजन से दूर होती है

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कुपोषण की समस्या पर बात करते हुए श्रोताओं से कहा कि क्या वे जानते हैं कि भजन, गीत और संगीत के माध्यम से कुपोषण कम किया जा सकता है.

क्या केंद्र की सहमति के बिना चलने वाली कोई भी कल्याणकारी योजना ‘फ्रीबीज़’ कही जाएगी

भारतीय मध्यवर्ग अक्सर ग़रीबों को दी जाने वाली मुफ़्त सुविधाओं/कल्याणकारी योजनाओं की आलोचना करता है, लेकिन मुफ़्त सुविधा या फ्रीबी और कल्याणकारी योजनाओं के बीच अंतर तब जटिल हो जाता है जब राजनीतिक दल अपने-अपने हित के हिसाब से व्याख्याएं पेश करते हैं.

नरेंद्र मोदी की ‘रेवड़ीनॉमिक्स’ अर्थव्यवस्था से नहीं, शुद्ध राजनीति से संबंधित है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मुफ़्त की रेवड़ी’ वाले बयान के बाद जहां हर तरह के अर्थशास्त्री सब्सिडी के गुण-दोषों की जटिल बारीकियों को समझने के लिए मजबूर हो गए हैं, वहीं मोदी के लिए इस मुद्दे को खड़ा कर पाना ही उनकी कामयाबी है.

द्रमुक ने फ्रीबीज़ याचिका को लेकर पूछा- क्या कॉरपोरेट्स की ऋण माफ़ी तोहफ़ा नहीं

तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने सुप्रीम कोर्ट में दर्ज ‘मुफ्त सुविधाओं’ (फ्रीबीज़) से संबंधित याचिका में पक्षकार बनने का आग्रह करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के शुरुआती तीन सालों में अडानी समूह के 72,000 करोड़ रुपये के क़र्ज़ माफ़ करने की बात कही है.

भारतीयों को ‘तानाशाही ग़ुरूर’ के चलते एकता को कमज़ोर नहीं होने देना चाहिए: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लिखे एक आलेख में कहा कि विभाजनकारी राजनीति तात्कालिक फ़ायदा भले पहुंचाए लेकिन यह देश की प्रगति में बाधा खड़ी करती है.

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मुफ़्त की रेवड़ी’ बयान पर केजरीवाल बोले- ऐसा कहने वाले देश के गद्दार हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने लोगों को वोट के लिए मुफ़्त उपहार देने को ‘रेवड़ी संस्कृति’ क़रार देते हुए कहा था कि यह देश के विकास के लिए बहुत ख़तरनाक है. अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा है कि आम नागरिकों को मुफ़्त शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली देने में ग़लत क्या है?

रामदेव को तथ्यहीन और अवैज्ञानिक दावे करने की छूट क्यों मिली हुई है

विशेष: दवाओं से जुड़े क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए रामदेव की पतंजलि वेलनेस और दिव्य साइंटिफिक आयुर्वेद द्वारा अपने उत्पादों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए अख़बारों में धड़ल्ले से साक्ष्य रहित एलोपैथी विरोधी विज्ञापन दिए जा रहे हैं. इससे पहले महामारी के बीच में रामदेव ने ‘कोरोना वायरस की दवा’ बनाने का भी दावा किया था.

भ्रामक विज्ञापनों के लिए सीसीपीए ने सेंसोडाइन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने सेंसोडाइन के ‘दुनियाभर में दंत चिकित्सकों द्वारा रेकमेंडेड’ और ‘दुनिया का नंबर एक सेंसेटिविटी टूथपेस्ट’ का दावा करने वाले विज्ञापन को सात दिन के अंदर हटाने के लिए कहा है.

उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन को लेकर सेंसोडाइन के विज्ञापन पर रोक लगाई

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर लिमिटेड से इसके उत्पाद सेंसोडाइन और नापतोल ऑनलाइन शॉपिंग लिमिटेड के ख़िलाफ़ अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार गतिविधियों के इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट तलब की है.

यूपी: बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए मुफ़्त दी गई दवा जांच में फेल

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एंटीबायोटिक दवा एजिथ्रोमाइसिन का सीरप निशुल्क बांटा जा रहा है, जिसके लिए क़रीब पांच लाख सीरप मंगाए गए थे. आधे से अधिक बंट जाने के बाद पता लगा कि वे मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद बाकी दवा को वापस मंगाया जा रहा है.

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर कम ख़र्च और निजी क्षेत्र पर ज़्यादा ध्यान देने से बढ़ी असमानता

ऑक्सफैम की हालिया ‘इनइक्वैलिटी रिपोर्ट 2021 इंडियाज इनइक्वल हेल्थकेयर स्टोरी’ आने के बाद इसके सीईओ ने कहा कि भारत में सार्वजनिक सेवाओं की तुलना में निजी क्षेत्र को अधिक सहयोग देने से वंचितों को नुकसान पहुंचा है. 2004 से 2017 के बीच अस्पताल में भर्ती होने के मामले में औसत ख़र्च तीन गुना बढ़ा है, जिससे ग़रीबों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं.

कोविड-19: केंद्र ने अदालत को बताया, रासायनिक कीटाणुनाशक का छिड़काव मनुष्य के लिए हानिकारक

सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल एक जनहित याचिका में कोविड-19 के मद्देनज़र लोगों को कीटाणुमुक्त करने के लिए रासायनिक सुरंगों के इस्तेमाल और इसके उत्पादन रोक लगाने की मांग की गई है. इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब कीटाणुनाशकों का ​छिड़काव हानिकारक है तो इस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया.

कोरोना संकट के बीच उचित इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज़

विशेष रिपोर्ट: देश भर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में अधिकतर संसाधन कोविड-19 से निपटने में लगे हैं. कई जगहों पर ओपीडी और गंभीर बीमारियों से संबंधित विभाग बंद हैं और इमरजेंसी में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं. ऐसे में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ और उनके परिजनों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.