अब सुनने में आता है कि हर पांच मिनट में एक भारतीय लेखक का जन्म हो रहा है: अनीता देसाई

तीन बार बुकर पुरस्कार के लिए नामित और 17 से ज़्यादा किताबों की लेखक अनीता देसाई को हाल ही में इंटरनेशनल लिटरेरी ग्रैंड प्राइज़ से सम्मानित किया गया है.

जन गण मन की बात, एपिसोड 54: छोटे-मझोले उद्योगों की अनदेखी और विपक्ष पर हमला

जन गण मन की बात की 54वीं कड़ी में विनोद दुआ बैंकों द्वारा छोटे और मझोले उद्योगों को कर्ज़ देने से मना करने और सरकार द्वारा विपक्ष को घेरने की कोशिशों पर चर्चा कर रहे हैं.

‘जब एक फीसदी लोगों का आधे से अधिक संसाधनों पर नियंत्रण हो तब न्याय की बात खोखली लगती है’

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने बड़े उद्योग घरानों की कर्ज़ माफी पर सवाल खड़ा किया और किसानों के आत्महत्या करने पर दुख जताया है.

हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच 1947 में हुआ बंटवारा आज भी जारी है

निदा किरमानी मूल रूप से हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों देशों से हैं. वे सोचती थीं कि क्यों कभी उन्हें इनमें से किसी एक को चुनना होगा? पर बीते दिनों उन्हें एक देश चुनने पर मजबूर होना पड़ा.

जन गण मन की बात, एपिसोड 52, वन बेल्ट वन रोड और कांग्रेस युक्त भाजपा

जन गण मन की बात की 52वीं कड़ी में विनोद दुआ चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘वन बेल्ट वन रोड’ और कांग्रेस युक्त भाजपा पर चर्चा कर रहे हैं.

इंदिरा गांधी आज तक की सबसे स्वीकार्य प्रधानमंत्री: प्रणब

‘इंडियाज इंदिरा: अ सेंटेनियल ट्रिब्यूट’ नाम की किताब का विमोचन करते हुए राष्ट्रपति ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री से जुड़े अनुभव साझा किए.

जन गण मन की बात, एपिसोड 51: एफसीआरए और सहारनपुर हिंसा

जन गण मन की बात की 51वीं कड़ी में विनोद दुआ विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) और हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुई हिंसा पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 50: कुलभूषण जाधव और उमर फ़याज़ की हत्या

जन गण मन की बात की 50वीं कड़ी में विनोद दुआ कुलभूषण जाधव पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फ़ैसले और कश्मीर में हुई लेफ़्टिनेंट उमर फ़याज़ की हत्या पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 48: राजनीतिक भाषा में गिरावट और स्त्री विरोधी मानसिकता 

जन गण मन की बात की 48वीं कड़ी में विनोद दुआ राजनीतिक भाषा में आई गिरावट और स्त्री विरोधी मानसिकता पर चर्चा कर रहे हैं.

हर दिन कम से कम एक बार पाकिस्तानी सेना कर रही है संघर्षविराम का उल्लंघन: गृह मंत्रालय

सरकार भले ही ये दावा करे कि आतंकी घटनाओं में कमी आई है, लेकिन एक आरटीआई के मुताबिक देश में हर दूसरे दिन एक आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया है.

केंद्र द्वारा स्वच्छ शहर चुने जाने की प्रक्रिया ग़लत: सीएसई

पर्यावरण पर काम कर रहे इस संगठन के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष पर आए शहरों ने कचरा प्रबंधन के जिन तरीकों को अपनाया है, वे पर्यावरण के अनुकूल नहीं है.

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