हमारा संविधान: अनुच्छेद 105 – संसद सदस्यों के विशेषाधिकार

वीडियो: सांसदों के पास क्या कोई विशेष अधिकार होते है? क्या उन्हें दीवानी और फौजदारी मामलों में कोई ख़ास सुरक्षा मिलती है? अगर लोकसभा या राज्यसभा में कोई सदस्य अपनी बात रखता है, तो क्या उस पर अपनी बात आज़ादी से कह पाने के लिए संविधान में कोई ख़ास अनुच्छेद है, बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

हमारा संविधान: क्या एक व्यक्ति दो अलग-अलग सीट से चुनाव लड़ सकता है?

वीडियो: क्या एक व्यक्ति राज्यसभा और लोकसभा दोनों से चुनाव लड़ सकता है, क्या एक व्यक्ति दो अलग-अलग सीट से चुनाव लड़ सकता है, क्या कोई सांसद अपनी सदस्यता इसलिए खो सकता है कि वो लगातार बिना बताए संसद नहीं आ रहा है? संविधान इस पर क्या कहता है?

हमारा संविधान: राज्यसभा के सभापति-उपसभापति और लोकसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के वेतन-भत्ते

वीडियो: राज्यसभा के सभापति और उपसभापति, लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को दिए जाने वाले वेतन और भत्ते क्या हैं? इन्हें क्या-क्या सुविधाएं प्रदान की जाती हैं और इन्हें तय कौन और किस क़ानून के तहत करता है? 

आरोपियों को चुप रहने का अधिकार, उन्हें बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को उस पर लगे आरोपों के ख़िलाफ़ अधिकार देता है, कहा कि सभी आरोपियों को चुप रहने का अधिकार है और जांचकर्ता उन्हें बोलने या अपराध स्वीकारने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. जांच में ‘सहयोग’ का मतलब ‘स्वीकारोक्ति’ नहीं हो सकता.

जम्मू कश्मीर को अब केवल न्यायपालिका का ही सहारा है

महबूबा मुफ़्ती लिखती हैं, 'जम्मू कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के साझा मूल्यों पर जिस देश से जुड़ने का फैसला किया, उसने हमें निराश कर दिया है. अब, केवल न्यायपालिका ही है जो हमारे साथ हुई ग़लतियों और नाइंसाफ़ी को सुधार सकती है.'

अनुच्छेद 370 निरस्त होने के तीन साल 11 महीने बाद इसे चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी

अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और सूबे को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के मोदी सरकार के निर्णय के ख़िलाफ़ बीस से अधिक याचिकाएं अदालत में लंबित हैं. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच जजों की पीठ इन्हें अगले हफ्ते सुनेगी.

समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग के जनता से रायशुमारी के निर्णय के विरोध में आया विपक्ष

2018 में 21वें विधि आयोग ने कहा था कि इस समय समान नागरिक संहिता  की ज़रूरत नहीं है. अब 22वें विधि आयोग ने एक नई अधिसूचना जारी करते हुए इस बारे में जनता और धार्मिक संगठनों समेत विभिन्न हितधारकों राय मांगी है. विपक्ष ने इसे विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश बताया है.

अलवर मॉब लिंचिंग केस: अदालत ने कहा- ऐसी घटनाएं संविधान की आत्मा पर हमला हैं

जुलाई 2018 में अलवर ज़िले में कथित गोरक्षकों की भीड़ के हमले के बाद 31 वर्षीय रकबर ख़ान की मौत हो गई थी. मामले में फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट ने कहा कि 'भले ही गायों को मारने के लिए ले जाया जा रहा हो, अभियुक्तों को क़ानून अपने हाथ में लेने और किसी पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं था.'

हमारा संविधान: संसद के सचिवालय किस तरह काम करते हैं?

वीडियो: राज्यसभा के सभापति और उपसभापति और लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को दिए जाने वाले वेतन और भत्ते क्या हैं? संसद सदस्यों द्वारा ली जाने वाली शपथ क्या है? सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति क्या है? बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

असली देशद्रोही वे हैं जो सत्ता का दुरुपयोग कर भारतीयों को आपस में बांटते हैं: सोनिया गांधी

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक लेख में कहा कि सत्तारूढ़ दल संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रहा है, उन्हें नष्ट कर रहा है और स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय की इनकी नींव को कमज़ोर कर रहा है.

बाबासाहेब की मूर्तियों से मोह और विचारों से द्रोह का सिलसिला कहां ले जाएगा?

आज बाबासाहेब की शिक्षा, संदेश व विचारों के बजाय मूर्तियां अहम हो चली हैं. ये मूर्तियां चीख सकतीं तो उन पर तो ज़रूर चीखतीं, जो बाबासाहेब की जयंती व निर्वाण दिवस पर साल में दो दिन उन पर फूलमाला अर्पित कर उनकी विरासत के प्रति अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान लेते हैं.

हमारा संविधान: लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कैसे चुने जाते हैं?

वीडियो: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 93 से 96 लोकसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष से जुड़े अधिकारों, उनके चयन की प्रक्रिया, उनकी रिक्ति के समय उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में बात करते हैं. इस बारे में विस्तार से बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

पासपोर्ट जारी करने में पुलिस की आपत्ति पर महबूबा मुफ़्ती की बेटी ने पूछा, क्या मैं आतंकवादी हूं

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती को इस सप्ताह की शुरुआत में अदालती हस्तक्षेप के बाद ‘सशर्त’ पासपोर्ट जारी किया गया था. हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के जवाब में श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर पुलिस सीआईडी उन्हें पासपोर्ट जारी करने के पक्ष में नहीं है.

अगर भारत की मूल जनसांख्यिकीय रूपरेखा बदल जाती है, तो संविधान नष्ट हो जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट जज

मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश जीआर स्वामीनाथन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि अगर देश की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल बदलती है, तो संविधान नष्ट हो जाएगा. जनसांख्यिकीय प्रोफाइल को बनाए रखने के लिए भारतीय परंपराओं और धर्मों का पालन करना होगा. राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इस टिप्पणी की आलोचना की है.