Kapil Sibal

निर्वाचन आयोग के चुनावी वादों संबंधी पत्र पर सिब्बल बोले- आयोग को भी आचार संहिता की ज़रूरत

निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों को लिखे एक पत्र में कहा है कि वह चुनावी वादों पर अपर्याप्त सूचना और वित्तीय स्थिति पर अवांछित प्रभाव की अनदेखी नहीं कर सकता है, क्योंकि खोखले चुनावी वादों के दूरगामी प्रभाव होंगे. सिब्बल के साथ माकपा ने भी इसकी आलोचना की है.

लोग लगातार जांच एजेंसियों, सत्ता और पुलिस के डर के साए में जी रहे हैं: कपिल सिब्बल

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि धर्म पूरी दुनिया, ख़ासतौर पर भारत में एक हथियार बन गया है. आज भारत में नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने में शामिल लोग एक खास विचारधारा का हिस्सा हैं. पुलिस उनके ख़िलाफ़ कुछ भी करने को तैयार नहीं है क्योंकि वे सभी सहयोगी हैं.

सुप्रीम कोर्ट तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत अर्ज़ी पर 30 अगस्त को सुनवाई करेगा

तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में ‘निर्दोष लोगों को फंसाने’ के लिए कथित तौर पर सबूत गढ़ने के लिए जून में गिरफ्तार किया गया था. बीते 30 जुलाई को अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने मामले में सीतलवाड़ तथा पूर्व पुलिस महानिदेशक आरबी श्रीकुमार की जमानत याचिकाएं खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें यह जांचना होगा कि क्या उसे कैद की जरूरत है.

मनी लॉन्ड्रिंग क़ानून में ईडी की शक्तियों संबंधी अपने निर्णय की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत गिरफ़्तारी, संपत्ति की कुर्की और ज़ब्ती से संबंधित ईडी की शक्तियों को बरक़रार रखा था. इसकी समीक्षा के लिए दायर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की याचिका की सुनवाई में सीजेआई एनवी रमना की पीठ ने माना कि दो मुद्दों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है.

तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस भेजा

अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई एफआईआर में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ पर आरोप है कि उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ अन्य मंत्रियों, अफसरों और राज्य सरकार को बदनाम करने की साज़िश रची थी. बीते 30 जुलाई को हाईकोर्ट उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर चुका है.

कपिल सिब्बल बोले- सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद नहीं बची, वकीलों ने की अवमानना कार्यवाही की मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों को लेकर कहा कि यदि आपको लगता है कि जज हमेशा क़ानून के अनुसार निर्णय लेते हैं, तो आप ग़लत हैं. राजनीतिक तौर पर संवेदनशील मामले कुछ चुनिंदा जजों को दिए जाते हैं और निर्णय का क्या होगा, यह कोई भी बता सकता है.

पत्रकारों, कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियां और अदालतों के धर्म पर कपिल सिब्बल क्या कहते हैं

वीडियो: पिछले कुछ दिनों से देश में हो रही पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियां और इन मामलों पर अदालतों के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट के वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

इलाहाबाद हिंसा: छात्र कार्यकर्ता आफ़रीन फ़ातिमा का घर तोड़ने का चौतरफ़ा विरोध

उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जेएनयू की छात्रा आफ़रीन फ़ातिमा के पिता और वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के नेता जावेद मोहम्मद के इलाहाबाद स्थित घर को बुलडोज़र चलाकर जमींदोज कर दिया था. यह क़दम पुलिस द्वारा जावेद को 10 जून को शहर में हुए प्रदर्शनों का ‘मास्टरमाइंड’ बताए जाने के बाद उठाया गया था. पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा नेताओं के बयानों के बाद उक्त प्रदर्शन हुए थे.

कपिल सिब्बल का भी कांग्रेस से इस्तीफ़ा, सपा के समर्थन से राज्यसभा चुनाव का नामांकन दाख़िल किया

पूर्व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बताया कि वह क़रीब 10 दिन पहले 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि 30-31 साल के रिश्ते को छोड़ना आसान नहीं होता. विभिन्न राज्यों से कांग्रेस नेताओं के इस्तीफ़ा देने का सिलसिला जारी है. इससे पहले हार्दिक पटेल, सुनील जाखड़, अश्विनी कुमार, आरपीएन सिंह और अमरिंदर सिंह जैसे नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं.

Prashant Kishor, political strategist of India's main opposition Congress party, is pictured at a hotel in New Delhi, India May 15, 2016. To match Insight INDIA-CONGRESS/ REUTERS/Anindito Mukherjee

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकराया

कांग्रेस की ओर से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पार्टी के ‘विशेषाधिकार प्राप्त कार्य समूह-2024’ का हिस्सा बनकर दल में शामिल होने की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पार्टी की ढांचागत समस्याओं को दूर करने के लिए उनसे ज़्यादा ज़रूरत नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की है.

New Delhi: Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad speaks during a news conference in which MLA's of various local parties in Haryana who joined Congress, in New Delhi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_15_2019_000167B)

सोनिया गांधी से मिलने के बाद आज़ाद ने कहा: नेतृत्व परिवर्तन मुद्दा नहीं, संगठन को लेकर सुझाव दिए

कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के प्रमुख सदस्य गुलाम नबी आजाद ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद कहा कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन कोई मुद्दा नहीं है, उन्होंने सिर्फ संगठन को मज़बूत बनाने तथा आगे के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए हैं.

कांग्रेस के ‘जी 23’ ने कहा- सामूहिक और समावेशी नेतृत्व व्यवस्था अपनाई जाए, हर स्तर पर निर्णय हो

कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के नेताओं ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाली सभी ताक़तों के साथ संवाद की शुरुआत करे ताकि 2024 के लिए विश्वसनीय विकल्प पेश करने का एक मंच बन सके. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हालिया चुनावी हार की पटकथा लिखने के ज़िम्मेदार हैं, उन्हें ही चुनाव बाद के हालात के आकलन के लिए नियुक्त किया गया है.

सोनिया गांधी के चुनावी राज्यों के अध्यक्षों से इस्तीफ़ा मांगने के बाद कई ने पद छोड़ा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस निर्देश के कुछ देर बाद ही उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अपने त्याग-पत्र की घोषणा की है. हालांकि, पार्टी ने इन पांच चुनावी राज्यों के महासचिवों और प्रभारियों को इस्तीफ़ा देने के लिए नहीं कहा है.

New Delhi: Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad speaks during a news conference in which MLA's of various local parties in Haryana who joined Congress, in New Delhi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_15_2019_000167B)

राजनीतिक भविष्य की अटकलों पर आज़ाद बोले- भ्रम पैदा करने के लिए दुष्प्रचार किया जा रहा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने ख़ुद को पद्म भूषण सम्मान मिलने की घोषणा के बाद उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर चल रहीं अटकलों को लेकर यह टिप्पणी की है. माकपा के वरिष्ठ नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य द्वारा पद्म भूषण सम्मान को अस्वीकार किए जाने को लेकर आज़ाद पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि वह आज़ाद रहना चाहते हैं, ग़ुलाम नहीं.

अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ का आयोजन अब अप्रैल में होगा

धर्म संसद की प्रवक्ता पूजा शकुन पांडेय ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम को कोविड महामारी और राज्य में जारी विधानसभा चुनावों के कारण स्थगित किया गया है. उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्था की प्रमुख मांग देश के हर ज़िले में धर्म गुरुओं की नियुक्ति का प्रावधान करना है, जो सरकार में सलाहकारों के रूप में काम करेंगे.