Kashi Vishwanath Temple Corridor

उत्तर प्रदेश: वाराणसी का ग़रीब तबका योगी सरकार को जनविरोधी क्यों बता रहा है

उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भाजपा के व्यवसायिक हिंदू राष्ट्रवाद के मॉडल से आकर्षित लोगों और इस मॉडल से बाहर किए जा चुके लोगों के बीच की लड़ाई बन गया है.

क्या ‘भव्य-काशी’ के रास्ते उत्तर प्रदेश चुनाव की मंज़िल फिर पाने को तैयार है भाजपा

भाजपा उम्मीद कर रही है कि अयोध्या में बहुप्रतीक्षित मंदिर निर्माण आरंभ करने के बाद अब काशी विश्वनाथ को अभूतपूर्व भव्य स्वरूप दे देने से उन्होंने आम हिंदू वोटर के दिल को छू लेने में सफलता प्राप्त कर ली है.

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: मोदी-योगी का चुनावी दांव

वीडियो: बीते 13 दिसंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया. इस मुद्दे पर प्रो. अपूर्वानंद, प्रो. आदित्य मुखर्जी और वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान के साथ द वायर की वरिष्ठ संपादक आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए ज्ञानवापी मस्जिद ने अपने परिसर के पास की ज़मीन दी

काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए ज्ञानवापी मस्जिद परिसर से करीब 15 मीटर की दूरी पर स्थित प्लॉट काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया है. मस्जिद के अधिकारी ने कहा कि ट्रस्ट ने कई साल पहले वाराणसी में मंदिर कॉरिडोर परियोजना के लिए इसकी मांग की थी.

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में अदालत का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आदेश

इस सर्वेक्षण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पांच विख्यात पुरातत्ववेत्ताओं को शामिल करने का आदेश दिया गया है, जिसमे दो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरातत्ववेत्ता शामिल रहेंगे.

मोदी जिस गंगा मैया के पुत्र बनकर बनारस आए थे, वहां आज भी नाले गिर रहे हैं: अजय राय

साक्षात्कार: वाराणसी लोकसभा सीट से नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय से बातचीत.

बीते पांच सालों में कितना बना-बिगड़ा बनारस

ग्राउंड रिपोर्ट: 2014 में वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद बने नरेंद्र मोदी एक बार फिर यहां से चुनावी मैदान में उतरे हैं. उनके कार्यकाल और बनारस में हुए बदलावों के बारे में क्या सोचती है बनारस की जनता?

बनारस से ग्राउंड रिपोर्ट: क्या मोदी-योगी गलियों और मंदिरों के इस शहर से उसकी पहचान छीन रहे हैं?

बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए तकरीबन 300 मकानों का अधिग्रहण होना है, जिससे 600 परिवारों पर विस्थापन का ख़तरा पैदा हो गया है.