Migration

2021 में नागरिकता पाने में असमर्थ रहे 800 पाकिस्तानी हिंदू भारत से लौटे: रिपोर्ट

ऐसे प्रवासियों के लिए नागरिकता के आवेदनों को फास्ट-ट्रैक करने के लिए केंद्र सरकार की दो अधिसूचनाओं के साथ-साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम के पारित होने के बावजूद इस मामले में अब तक कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है.

उत्तराखंड: कॉमन सिविल कोड से पहाड़ की जनता को क्या मिलेगा

अगर पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार कोई क़ानून लाना चाहती है तो उसके बारे में आम जनता को पहले से तफ़्सील से क्यों नहीं बताया जाता कि उत्तराखंड के लिए इसके क्या फ़ायदे होंगे.

उत्तर प्रदेश: स्मार्ट सिटी के तमगे के बावजूद झांसी बदहाल क्यों है

ग्राउंड रिपोर्ट: झांसी बुंदेलखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है, जो स्मार्ट सिटी में भी शुमार है. लेकिन शहर और इससे सटे गांवों में पानी की भारी किल्लत और पलायन की समस्या क्षेत्र की समस्याओं की बानगी भर हैं.

New Delhi: Residents of Vivekanand camp gather around a Municipal Corporation tanker to fill water, at Chanakyapuri in New Delhi, on Wednesday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI3_21_2018_000121B)

पानी की कमी जारी रहने पर भारत जलवायु शरणार्थी संकट का कर सकता है सामना: ‘वॉटरमैन’ राजेंद्र सिंह

भारत के वॉटरमैन नाम से मशहूर जल संरक्षणवादी राजेंद्र सिंह ने कहा कि यूरोप कई अफ्रीकी देशों से आ रहे जलवायु शरणार्थियों का सामना कर रहा है. सौभाग्य से भारतीयों को अभी जलवायु शरणार्थी नहीं कहा जाता है, लेकिन अगले सात साल में अगर देश में जल की कमी बनी रही तो भारतीयों को भी उसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा.

प्रवासी मज़दूरों के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र का लापरवाह रवैया अक्षम्य

प्रवासी कामगारों को खाद्य सुरक्षा, नकदी हस्तांतरण, परिवहन सुविधा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए तीन कार्यकर्ताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 31 जुलाई तक ‘एक देश, एक राशन कार्ड योजना’ लागू करने का निर्देश दिया है.

भारत में जलवायु आपदाओं और संघर्षों की वजह से 2020 में 39 लाख लोग विस्थापित हुए: रिपोर्ट

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट द्वारा जारी ‘भारत के पर्यावरण की स्थिति की रिपोर्ट 2021’ के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में पलायन के लिहाज़ से भारत दुनिया का चौथा सबसे बुरी तरह प्रभावित देश बन गया है. चीन, फिलीपींस और बांग्लादेश में पिछले साल सर्वाधिक पलायन हुआ. प्रत्येक देश में 40 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.

कोविड संबंधी योजनाओं के लाभ के लिए प्रवासी कामगारों के पंजीकरण प्रक्रिया बेहद धीमी: अदालत

सुप्रीम कोर्ट तीन मानव अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से दाख़िल आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रवासी कामगारों को खाद्य सुरक्षा, नकदी हस्तांतरण, परिवहन सुविधा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश केंद्र और राज्य सरकारों को देने का अनुरोध किया गया है.

कोरोना की दूसरी लहर में हिमाचल के प्रवासी मज़दूरों का भविष्य फिर अनिश्चित हो गया है

इस पहाड़ी राज्य में काम करने वाले प्रवासी मज़दूरों को डर है कि साल 2020 में कोरोना की पहली लहर में राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान उन्होंने जो दुख और चुनौतियां झेलीं, इस बार भी वैसा ही होने वाला है.

हमारा संविधान: दोहरी नागरिकता और नागरिकता पर क़ानून में संशोधन करने की शक्ति

वीडियो: संविधान का अनुच्छेद 9 दोहरी नागरिकता पर रोक लगाता है. अनुच्छेद 10 कहता है कि नागरिकता का अधिकार जो अनुच्छेद 5 से 8 में दिया गया है, वो बना रहेगा, जब तक संसद क़ानून द्वारा उसे बदलती नहीं है. नागरिकता संबंधी कानूनों के बारे में विस्तार से बता रही हैं अवनि बंसल.

भारत में संविधान की शुरुआत के बाद किसे नागरिक माना गया

वीडियो: हमारा संविधान कार्यक्रम के सातवें एपिसोड में जानिए भारतीय संविधान बनने के बाद किसे मिला नागरिकता का अधिकार. निवास और किसी अन्य देश से आए लोगों के लिए कैसे तय किया गया नागरिकता का अधिकार.

जलवायु आपदाओं के चलते 2050 तक साढ़े चार करोड़ भारतीय विस्थापित हो सकते हैं: रिपोर्ट

एक्शन एड इंटरनेशनल और क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क साउथ एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, पेरिस समझौते के तहत ग्लोबल वार्मिंग को दो डिग्री सेल्सियस से कम पर रोकने की राजनीतिक असफलता के कारण अकेले दक्षिण एशिया में बड़ी संख्या में विस्थापन होगा और यह क्षेत्र बाढ़, सूखा, तूफान, चक्रवात जैसी जलवायु संबंधी आपदाओं से जूझेगा.

बिहार: कमाने के लिए पंजाब गए कामगार सिख धर्म क्यों अपना रहे हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: अररिया ज़िले की हलहलिया पंचायत में मुसहर जाति समेत पिछड़े वर्गों के कई कामगार, जो आजीविका कमाने के लिए पंजाब गए थे, उन्होंने सिख धर्म अपना लिया है. उनका कहना है कि वे इस बात से बहुत प्रभावित हुए कि इस धर्म में ऊंच-नीच का कोई भेदभाव नहीं किया जाता.

कुबौल: नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ पर सवाल खड़े करता बिहार का एक गांव

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के दरभंगा ज़िले के किरतपुर प्रखंड का कुबौल गांव कोसी नदी के बाढ़ क्षेत्र में आता है. बाढ़ के कई महीनों बाद तक पानी में डूबा रहने वाला यह गांव उन बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम है, जिन्हें नीतीश सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनवा रही है.

बिहार चुनाव: पलायन से प्रभावित गांव में न सरकार से नाराज़गी है, न ही कोई उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: आजीविका की तलाश में राज्य से पलायन की जिस बात को बिहार में चुनावी मुद्दा बताया जा रहा है, उसे मधुबनी ज़िले के बस्सीपट्टी गांव के लोग अपनी नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं.

कोविड-19 और लॉकडाउन के दौरान एक करोड़ से अधिक प्रवासी कामगार अपने राज्य लौटे: सरकार

लोकसभा में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के चलते सबसे ज़्यादा प्रवासी मज़दूर उत्तर प्रदेश, उसके बाद बिहार फिर पश्चिम बंगाल लौटे हैं.