वीडियो: रिज़र्व बैंक ने बीते मई में 2016 की नोटबंदी में लाए गए दो हज़ार रुपये के नोट को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा करते हुए कहा था कि इन्हें 30 सितंबर तक बदला जा सकता है. बाद में यह समयसीमा सात अक्टूबर तक बढ़ाई गई. फिर कहा गया कि जो लोग अब भी नोट नहीं बदल सके, वे आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों से जाकर नोट बदल सकते हैं.
द वायर बुलेटिन: आज की ज़रूरी ख़बरों का अपडेट.
वीडियो: जुलाई में स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनएफएचएस तैयार करने वाले इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज के निदेशक को निलंबित कर दिया था, क्योंकि वह एनएफएचएस-5 के ‘आंकड़ों से नाखुश’ था. बीते दिनों उनके इस्तीफ़ा देने के बाद यह निलंबन रद्द किया गया. पूरा घटनाक्रम बता रही हैं बनजोत कौर.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मणिपुर में हिंसा के 175वें दिन कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के लोगों को तब छोड़ा जब उन्हें उनके हस्तक्षेप की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. उन्होंने सवाल भी किया कि एन. बीरेन सिंह को अब भी राज्य का मुख्यमंत्री बने रहने की अनुमति क्यों दी जा रही है.
सरकारी अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रचार अभियान में तैनात करने को लेकर भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा ने द वायर की आरफ़ा ख़ानम शेरवानी से बातचीत में कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित कर सकने वाली किसी गतिविधि में लोकसेवकों को शामिल करना चुनाव क़ानूनों का उल्लंघन है.
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाने के लिए ज़रूरी सेमीकंडक्टर और चिप्स की कमी है, जिसका अर्थ है कि एक साथ मतदान के लिए निर्वाचन आयोग को तैयार होने में तक़रीबन एक साल तक का समय लगेगा.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की योजनाओं में अनियमितताओं की रिपोर्ट पर पर्दा डालने के लिए कैग का गला घोंटा जा रहा है. देश के सबसे बड़े ऑडिटर पर ‘बुलडोज़र चलवाया’ जा रहा है. हाल ही में कैग द्वारा फील्ड ऑडिट वर्क रोके जाने की ख़बरें आई थीं, लेकिन कैग ने इस बात से इनकार किया है.
17 अक्टूबर को केंद्र सरकार द्वारा सभी मंत्रालयों को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि वे देश के सभी ज़िलों से ऐसे सरकारी अधिकारियों के नाम दें, जिन्हें मोदी सरकार की 'पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों को दिखाने/जश्न मनाने' के एक अभियान के लिए 'जिला रथ प्रभारी (विशेष अधिकारी)' के तौर पर तैनात किया जाए.
इसके बजाय एक अधिसूचना में केंद्र सरकार ने आईटी हार्डवेयर उद्योग के लिए एक नई ‘आयात प्रबंधन प्रणाली’ की घोषणा की है. इसके तहत आईटी हार्डवेयर कंपनियों को अन्य चीज़ों के अलावा अपने आयात और जिन देशों से वे आयात करते हैं, उनसे संबंधित डेटा को पंजीकृत करने और उसका खुलासा करने की आवश्यकता होगी.
अदालत के फैसले में यह भी कहा गया कि पीएमएलए की धारा 19 के तहत ईडी की गिरफ़्तार करने की शक्तियां 'बेरोक-टोक नहीं' हैं. अधिकारी इन्हें अपनी 'मर्ज़ी' के हिसाब से किसी को गिरफ़्तार करने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते.
द वायर को महाराष्ट्र के महालेखाकार द्वारा 9 अक्टूबर को जारी एक आदेश की एक प्रति मिली है, जिसमें कहा गया है कि सभी फील्ड ऑडिट कार्य ‘तत्काल प्रभाव से रोका जाए’. हालांकि कैग कार्यालय की ओर से भेजे एक ईमेल में कहा गया है कि फील्ड ऑडिट कार्य रोकने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते 28 जुलाई को इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) के निदेशक को निलंबित कर दिया था, क्योंकि वह एनएफएचएस-5 के तहत ‘जारी आंकड़ों से नाखुश’ था. उनका निलंबन औपचारिक रूप से पिछले सप्ताह रद्द कर दिया गया था. निदेशक का निलंबन तब तक जारी रहा, जब तक उन्होंने अपना इस्तीफा नहीं दे दिया.
पांच जजों की पीठ द्वारा 3:2 से यह प्रस्ताव भी ख़ारिज कर दिया गया कि समलैंगिक जोड़े बच्चों को गोद ले सकते हैं.
सीबीआई ने गुवाहाटी में एक विशेष अदालत के समक्ष छह लोगों और एक नाबालिग के खिलाफ मई की घटना के संबंध में आरोप पत्र दायर किया है. मई में हुई इस घटना का वीडियो जुलाई महीने में सामने आया था, जिसमें भीड़ द्वारा कुकी समुदाय की दो महिलाओं को नग्नकर घुमाकर उन पर यौन हमला किया गया था.
वैश्विक नागरिक समाज गठबंधन ‘सिविकस’ ने कहा है कि यह भारत में प्रेस की स्वतंत्रता पर पूर्ण हमला है और समाचार वेबसाइट न्यूज़क्लिक की आलोचनात्मक और स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति प्रतिशोध की कार्रवाई है. यूएपीए के तहत इस वेबसाइट पर आरोप लगाना, स्वतंत्र मीडिया, कार्यकर्ताओं और नागरिकों को चुप कराने और परेशान करने का एक बेशर्म प्रयास है.