सैन फ्रांसिस्को: एनआईए ने भारतीय दूतावास पर हमले के आरोपी खालिस्तान समर्थकों की फोटो जारी कीं

इस साल मार्च और जुलाई महीने में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा हमला किया गया था. कनाडा द्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाने के बीच एनआईए ने 10 खालिस्तान समर्थकों की तस्वीरें जारी कर इनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है, जिससे उनकी गिरफ़्तारी की जा सके.

एनआईए ने आईएसआईएस के लिए काम करने के आरोप में एएमयू के छात्र को गिरफ़्तार किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वैश्विक आतंकवादी समूह आईएसआईएस का सदस्य होने के आरोप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक 19 वर्षीय छात्र को गिरफ़्तार किया है. छात्र झारखंड के लोहरदगा ज़िले का रहने वाला है.

रूपेश समेत सभी पत्रकारों की रिहाई पत्रकारिता ही नहीं, लोकतंत्र बचाने का अनिवार्य हिस्सा है

रूपेश कुमार सिंह की दोबारा गिरफ़्तारी को सालभर हो गया है और इस बीच उन्हें चार नए मामलों में आरोपी बनाया गया है. बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे पर ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने पूरे एक पन्ने पर भारतीय जेलों में बंद पत्रकारों की रिहाई की मांग उठाई थी. भारत में भी ऐसी मांग उठाना ज़रूरी है.

टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को मृत्युदंड देने की मांग को लेकर एनआईए हाईकोर्ट पहुंचा

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नेता यासीन मलिक को बीते साल एक ट्रायल कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी मानते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी. 

तीन महीने के भीतर केंद्रीय जांच एजेंसियों, पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाए जाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में विशेष तौर पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरण लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि अभियुक्तों और विचाराधीन कै़दियों के मानवाधिकारों की रक्षा हो और पारदर्शिता बनी रहे. लेकिन, केंद्र की सात जांच एजेंसी में से चार ने इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया.

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद

जम्मू कश्मीर के पुंछ ज़िले में सेना के ट्रक पर हुआ आतंकी हमला. राष्ट्रीय राइफल्स के ये शहीद जवान आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात थे. 2019 के पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट के बाद से जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के चलते वाहन पर हुआ यह सबसे घातक हमला है.

मालेगांव विस्फोट: एक और गवाह बयान से मुकरा, अब तक 30 लोग बदल चुके हैं बयान

साल 2008 में नासिक ज़िले के मालेगांव में हुए बम धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और सौ से अधिक घायल हुए थे. इस मामले की सुनवाई एक विशेष एनआईए अदालत में चल रही है, जहां अब तक अभियोजन पक्ष के 30 गवाह अपने बयान से पलट चुके हैं. भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर मामले के आरोपियों में से एक हैं.

जम्मू कश्मीर: पत्रकार इरफ़ान मेहराज को टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए ने गिरफ़्तार किया

इसी मामले में जेल में बंद कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ भी आरोपी हैं. 2020 में दर्ज राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एफ़आईआर में कश्मीर स्थित कुछ एनजीओ पर भारत विरोधी गतिविधियों को प्रायोजित करने के आरोप लगाए गए हैं.

अदालत में पीएफआई नेताओं की पैरवी करने वाले वकील के घर एनआईए का छापा

राजस्थान के रहने वाले मानवाधिकार मामलों के वकील अंसार इंदौरी के आवास पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को छापेमारी की. यह छापा पिछले साल दर्ज हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया मामले से संबंधित है. इंदौरी ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ कई क़ानूनी लड़ाइयों का नेतृत्व किया है.

जेल में बंद कश्मीरी कार्यकर्ता को मानवाधिकार क्षेत्र में दिया जाने वाला पुरस्कार मिला

कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ को 22 नवंबर, 2021 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ़्तार किया था, तब से उनकी हिरासत को कई बार बढ़ाया जा चुका है. परवेज़ मानवाधिकार के क्षेत्र में दिए जाने वाले मार्टिन एनल्स अवॉर्ड, 2023 से सम्मानित होने वाले तीन लोगों में से एक हैं.

एल्गार परिषद केस: गौतम नवलखा की नज़रबंदी 17 फरवरी तक बढ़ाई गई

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बीते 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नज़रबंद करने का आदेश दिया था.

केरल में पीएफआई से जुड़े 56 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी

प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई गुरुवार तड़के राज्य पुलिस के सहयोग से शुरू हुई. कहा जा रहा है कि एनआईए को कई आतंकी गतिविधियों और हत्याओं में शामिल पीएफआई कैडर के ख़िलाफ़ विशेष इनपुट प्राप्त हुए थे.

एल्गार परिषद: कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की रिहाई और झूठे सबूत गढ़ने के आरोपों की जांच की मांग की

बीते दिनों एक अमेरिकी डिजिटल फॉरेंसिक फर्म की रिपोर्ट में पाया गया था कि एल्गार परिषद मामले के एक आरोपी आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के लैपटॉप में उन्हें फंसाने वाले दस्तावेज़ प्लांट किए गए थे. 84 वर्षीय स्वामी की जुलाई 2021 में अस्पताल में उस समय मौत हो गई थी, जब वह चिकित्सा के आधार पर ज़मानत का इंतज़ार कर रहे थे.

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामला: ऑपरेशन के लिए हेनी बाबू को चार दिन की ज़मानत

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर हेनी बाबू के वकील युग चौधरी ने बताया कि पीठ ने निर्देश दिया है कि उनके मुवक्किल को मोतियाबिंद का ऑपरेशन और चिकित्सकीय जांच के लिए 20 दिसंबर को अस्पताल ले जाया जाए और 24 दिसंबर को वापस जेल ले आया जाए.

स्टेन स्वामी के लैपटॉप में उन्हें फंसाने वाले दस्तावेज प्लांट किए गए थे: फॉरेंसिक रिपोर्ट

मैसाच्युसेट्स स्थित डिजिटल फॉरेंसिक फर्म आर्सेनल कंसल्टिंग की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेन स्वामी लगभग पांच वर्ष तक एक मैलवेयर कैंपेन के निशाने पर थे, जब तक कि जून 2019 में पुलिस द्वारा उनके उपकरण ज़ब्त नहीं किए गए.

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