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नॉर्थ ईस्ट डायरी: मणिपुर के आदिवासी नेता की हत्या मामले की एनआईए जांच के आदेश

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मणिपुर, असम, मेघालय, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के प्रमुख समाचार.

किस हाल में है नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई ढेरों रिपोर्ट्स में एक समान बात यह है कि भारत में नरेंद्र मोदी के शासन में मानवाधिकार समूहों पर दबाव बढ़ा है, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को धमकाया गया है और मुसलमानों के प्रति घृणा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इस तरह के अभियान की प्रेरणा जो भी हो, मानवाधिकारों के इन उल्लंघनों के बारे में कुछ करने की ज़रूरत है.

Kamrup: People wait to check their names on the final draft of the National Register of Citizens (NRC) after it was released, at NRC Seva Kendra, Goroimari in Kamrup district of Assam on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo) (PTI7_30_2018_000129B)

असम: हाईकोर्ट ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के आदेश को किया ख़ारिज, कहा- नागरिकता महत्वपूर्ण अधिकार है

ये मामला असम के मोरीगांव ज़िले के मोइराबारी निवासी असोरुद्दीन से जुड़ा हुआ है, जिन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हो सके थे और ट्रिब्यूनल ने उनका पक्ष जाने बिना ही उन्हें विदेशी घोषित कर दिया था.

तमिलनाडु विधानसभा ने सीएए निरस्त किए जाने का प्रस्ताव पारित किया

विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने से पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि केंद्र को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की तैयारी से संबंधित अपनी पहल को भी पूरी तरह से रोक देना चाहिए. नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने वाला तमिलनाडु देश का आठवां राज्य बन गया है.

अस्सलाम-ओ-अलैकुम से पता चलता है शरजील इमाम का भाषण विशेष समुदाय के लिए था: दिल्ली पुलिस

शरजील इमाम के ख़िलाफ़ जामिया मिलिया इस्लामिया में 13 दिसंबर 2019 और इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 जनवरी 2020 को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी थी कि असम और शेष पूर्वोत्तर राज्यों को ‘भारत से अलग’ कर दिया जाए.

सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने पर नागरिकों को तड़ीपार नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने 39 वर्षीय कार्यकर्ता कलीम सिद्दिक़ी के ख़िलाफ़ अहमदाबाद पुलिस की ओर से जारी तड़ीपार करने के आदेश को निरस्त कर दिया. सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के संबंध में सिद्दीक़ी को अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा और मेहसाणा ज़िलों में एक साल की अवधि के लिए प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया था.

यूपीएससी में ‘भाजपा के सवालों’ के बाद बंगाल लोक सेवा परीक्षा में आए सावरकर, एनआरसी पर प्रश्न

इससे पहले बीते आठ अगस्त को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के तहत सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की नियुक्ति परीक्षा में पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा और तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के विरोध में हो रहे किसान आंदोलन को लेकर सवाल पूछे गए थे.

हमें ज़ख़्म देकर भी सरकार हमारा हौसला तोड़ने में नाकामयाब रही…

सरकार को सवाल पूछने, अधिकारों की बात करने और उसके लिए संघर्ष करने वाले हर इंसान से डर लगता है. इसलिए वो मौक़ा देखते ही हमें फ़र्ज़ी आरोपों में फंसाकर जेलों में डाल देती है.

असम सरकार ने डिटेंशन सेंटर का नाम बदलकर ‘ट्रांज़िट कैंप’ किया

असम के गोआलपाड़ा, कोकराझार, तेजपुर, जोरहाट, डिब्रूगढ़ और सिलचर ज़िलों की जेलों में छह डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं, जहां ‘अवैध विदेशी नागरिकों’ को रखा जाता है.

कर्नाटक स्कूल मामला: पुलिस का हथियार लेकर बच्चों से पूछताछ करना क़ानून का गंभीर उल्लंघन- कोर्ट

2020 में कर्नाटक के बीदर के शाहीन स्कूल के ख़िलाफ़ बच्चों द्वारा सीएए विरोधी नाटक करने पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था. अब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह हलफनामा दायर कर बताए कि उन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई हुई, जिन्होंने यूनिफॉर्म में हथियारों के साथ बच्चों से पूछताछ की थी.

भारतीय सभ्यता के संदर्भ में धर्मनिरपेक्षता को परिभाषित किया जाए: हिमंता बिस्वा शर्मा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने वामपंथी बुद्धिजीवियों, उदारवादियों और मीडिया पर निशाना साधते हुए दावा किया कि देश के बौद्धिक समाज में अब भी वाम.उदारवादियों का वर्चस्व है और मीडिया ने वैकल्पिक आवाजों की अनदेखी करते हुए उन्हें ज़्यादा स्थान दिया है. उन्होंने कहा कि वामपंथी सोच को चुनौती दी जानी चाहिए और अस्तित्व के लिए हमारे लंबे संघर्ष, इतिहास पर आधारित अधिक विचारोत्तेजक पुस्तकों को सही परिप्रेक्ष्य में तैयार किया जाना चाहिए.

Nagpur: RSS Chief Mohan Bhagwat addresses after a book release during an event organised by Shree Narkesari Prakashan, in Nagpur, Monday, Oct 15, 2018. (PTI Photo) (PTI10_15_2018_000166B)

सीएए, एनआरसी का हिंदू-मुसलमान विभाजन से कोई लेना-देना नहीं: मोहन भागवत

असम में एक किताब के विमोचन के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा जाएगा और अब तक ऐसा ही किया गया है. हम ऐसा करना जारी रखेंगे. सीएए के कारण किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं होगा.

फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की वेबसाइट पर दंगा पीड़ितों की फोटो, परिवार को ‘विदेशी’ ठहराए जाने का डर

असम में साल 2012 में बोडो और बांग्ला भाषी मुस्लिमों के भीषण सांप्रदायिक दंगे हुए थे. इस दौरान विस्थापित हुए एक परिवार की तस्वीर को राज्य सरकार के गृह विभाग ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के बारे में जानकारी देते हुए अपने पेज पर लगाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को सीएए प्रदर्शनकारियों को मिले नोटिस पर कार्रवाई न करने को कहा

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019 के अंत में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कथित आरोपी सीएए-एनआरसी आंदोलनकारियों से संपत्ति के नुकसान से कथित नुकसान की वसूली करने की धमकी दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य क़ानून के अनुसार और नए नियमों के तहत कार्रवाई कर सकता है.