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Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

ओडिशा ने पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड योद्धा घोषित किया

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओडिशा ने अपनी ड्यूटी करते हुए कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 15 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा. वैश्विक महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक ओडिशा में 11 पत्रकारों की जान जा चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 टीकों की कमी के चलते ‘टीका उत्सव’ मनाने में सक्षम नहीं: ओडिशा

ओडिशा सरकार ने केंद्र से अपील की है कि तत्काल राज्य को कम से कम 25 लाख कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों की आपूर्ति की जाए. ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, तीन अप्रैल तक राज्य में 1,476 टीकाकरण केंद्र संचालित किए जा रहे थे लेकिन टीकों की कमी के कारण लगभग 700 केंद्रों को बंद करना पड़ा है.

अशोक गहलोत. (फोटो साभार: फेसबुक/@AshokGehlot.Rajasthan)

प्रधानमंत्री ने ‘टीका उत्सव’ का आह्वान किया है पर राज्यों में टीका ही उपलब्ध नहीं है: अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना टीकाकरण में कोई राजनीति नहीं है, पर तथ्यों से स्पष्ट कि अनेक राज्यों में टीके की कमी है. गहलोत ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में टीके की और 30 लाख खुराक उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में टीके का मौजूदा भंडार अगले दो दिन में ख़त्म हो जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र समेत छह राज्यों ने की वैक्सीन की कमी की शिकायत, केंद्र ने कहा- कहीं कोई कमी नहीं

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना ने राज्य में वैक्सीन की कमी की शिकायत की है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि टीकों की कमी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. केंद्र किसी भी राज्य को वैक्सीन की कमी का सामना नहीं करने देगा.

पीड़ित महिला और उनके पति. (फोटो: एएनआई)

ओडिशा: गर्भवती को तीन किमी. पैदल चलने को मजबूर करने वाली पुलिस अधिकारी निलंबित

ओडिशा के मयूरभंज ज़िले का मामला है. गर्भवती महिला अपने पति के साथ बाइक पर स्वास्थ्य जांच के लिए अस्‍पताल जा रही थीं. पति ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन गर्भवती महिला स्वास्थ्य कारणों से हेलमेट नहीं पहने हुई थीं. ट्रैफिक नियमों के उल्‍लंघन के लिए महिला पुलिस अधिकारी ने उन पर जुर्माना लगा दिया था.

नियमगिरि पर्व में हिस्सा लेती आदिवासी महिलाएं. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

नियमगिरि पर्व लोगों के प्रतिरोध का उत्सव है…

नियमगिरि में धरणी पेनु सबसे बड़ी शक्ति हैं, जो धरती का स्वरूप कही जाती हैं. लोगों का विश्वास है कि धरती की पूजा सबसे पहले होनी चाहिए. बीते दिनों इनकी उपासना करते हुए नियमगिरि पर्व मनाकर लोगों ने अपनी एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया.

सामाजिक कार्यकर्ता नाचिका लिंगा. (फोटो: जसिंता केरकेट्टा)

‘सरकारें आदिवासियों का संघर्ष नहीं समझतीं, अमीरों की बजाय इन्हें ध्यान में रख नीति बननी चाहिए’

साक्षात्कार: कोंध समुदाय से आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नाचिका लिंगा चासी मुलिया आदिवासी संंघ के नेता हैं और लंबे समय से ओडिशा में नशामुक्ति, ज़मीन अधिकार और आदिवासियों को बंधुआ मज़दूर बनाए जाने के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं. उनसे जसिंता केरकेट्टा की बातचीत.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ओडिशा: गैंगरेप के चलते सीएम को गंवानी पड़ी थी कुर्सी, उसका मुख्य आरोपी दो दशक बाद गिरफ़्तार

साल 1999 में ओडिशा की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. उनका आरोप था कि छेड़छाड़ मामले में तत्कालीन एडवोकेट जनरल के ख़िलाफ़ दर्ज कराया गया केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया था. उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जेबी पटनायक पर एडवोकेट जनरल को बचाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

ओडिशा: करलापट अभ्यारण्य में चौदह दिनों में छह हाथियों की मौत

कालाहांडी ज़िले में 175 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले करलापट वन्यजीव अभ्यारण्य में साल 2018 की गणना के अनुसार 17 हाथी थे. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यहां हुई हाथियों की सिलसिलेवार मौत पर चिंता जताते हुए वन, पर्यावरण और पशु संसाधन विभागों को इस पर राज्य और बाहर के विशेषज्ञों से परामर्श लेने को कहा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

डॉक्टरों की स्वास्थ्य मंत्रालय से अपील, कोविड टीकाकरण के बाद हुई 13 मौतों की जांच हो

16 जनवरी को टीकाकरण शुरू होने के बाद से अब तक विभिन्न राज्यों में 13 लोगों की जान गई है, इनमें से अधिकतर मौतें टीका लेने के बाद कुछ घंटों से लेकर पांच दिनों के भीतर हुई हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से किसी भी मौत के लिए टीकाकरण के कारण होने को ख़ारिज किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ओडिशा: टीकाकरण के बाद शख़्स की मौत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीके से कोई संबंध नहीं

मामला नौपाड़ा ज़िले का है. सोमवार को एक 27 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड को जी मिचलाने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन उन्होंने दम तोड़ दिया. उन्होंने बीमार होने के तीन दिन पहले कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत टीका लगवाया था.

Jalandhar: Farmers thrash rice paddy at a field, in Jalandhar, Friday, Oct. 2, 2020. (PTI Photo)

ओडिशा: भाजपा का दावा- ख़रीद में देरी के कारण एमएसपी से नीचे धान बेचने को मजबूर किसान

ओडिशा के भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी बीजेडी सरकार ने अपने केंद्रीकृत टोकन प्रणाली के साथ किसानों को गुमराह किया है जिसके कारण कई किसान अपनी उपज बेचने में असमर्थ हैं. हालांकि, बीजेडी ने भरोसा दिलाया कि वास्तविक किसानों की फसल ख़रीदी जाएगी.

(फोटो साभार: एएनआई)

ओडिशा: राउरकेला स्टील प्लांट में गैस रिसाव से चार श्रमिकों की मौत, जांच के आदेश

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित राउरकेला के इस प्लांट में यह हादसा बुधवार को हुआ, जिसके बाद दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों में बताया कि शुरुआती जांच के हिसाब से श्रमिकों की मौत इकाई में कार्बन मोनोक्साइड के रिसाव की वजह से हुई.

Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

ओडिशाः पांच साल की बच्ची की हत्या मामले में मुख्यमंत्री ने एसआईटी जांच के आदेश दिए

ओडिशा के नयागढ़ ज़िले का मामला. बीते 10 जुलाई को पांच साल की बच्ची लापता हो गई थी. बाद में उसका शव बरामद हुआ था. बीते 24 नवंबर को बच्ची के माता-पिता ने विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की थी. उनका आरोप है कि मामले के आरोपियों में से एक को राज्य के कृषि मंत्री द्वारा बचाने की कोशिश की जा रही है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार: Flickr/CC BY NC ND 2.0)

ओडिशाः कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत के दो मामले, जांच के आदेश

ओडिशा के पुरी और सुंदरगढ़ ज़िलों में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत के मामले सामने आए हैं, जिसे लेकर ओडिशा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन हंगामा हुआ. अदालत की निगरानी में जांच के लिए ओडिशा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है.