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बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव शाह (बाएं) और टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन (दाएं). (स्क्रीनग्रैब: कोबरापोस्ट)

हम कोबरापोस्ट का ‘रिवर्स स्टिंग’ कर रहे थे: टाइम्स समूह

टाइम्स समूह ने अपने बयान में कहा है, ‘हमें पता था कि कोबरापोस्ट का रिपोर्टर संदेहास्पद है. हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी सच्चाई जानने के लिए उसे लपेटे में लिया ताकि उसके पीछे कौन है, इसका पता लगाया जा सके.’

टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन. (फोटो साभार: फेसबुक/vineettimes, इलस्ट्रेशन: कर्णिका कोहली/द वायर)

टाइम्स समूह को लेकर कोबरापोस्ट का स्टिंग दिखाता है कि पैसा ही सबसे बड़ा है

कोबरापोस्ट के स्टिंग आॅपरेशन में टाइम्स समूह के एमडी विनीत जैन कहते नज़र आ रहे हैं कि एक कॉरपोरेट के तौर पर हमें निष्पक्ष दिखना है, मतलब देखने में निष्पक्ष लगना चाहिए.

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कोबरापोस्ट स्टिंग पर देश के प्रमुख अख़बारों की कवरेज कुछ ऐसी रही

मीडिया की कोबरापोस्ट स्टिंग पर कवरेज दिखाती है कि जब ख़ुद मीडिया पर सवाल उठते हैं, तब वह उसे कैसे रिपोर्ट करता है.

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कोबरापोस्ट स्टिंग: दो बांग्ला अख़बारों का हिंदुत्ववादी प्रोपेगेंडा से इनकार

जब कोबरापोस्ट के स्टिंग में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब दिखे, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है.