Petrol-Diesel Price

निजी कंपनियों का दावा- पेट्रोल पर 20-25, डीज़ल पर 14-18 रुपये लीटर का नुकसान, सरकार को पत्र लिखा

फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री ने निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को राहत प्रदान करने, उनके लिए एक अधिक व्यवहार्य निवेश वातावरण बनाने और इस क्षेत्र में निवेश, रोज़गार सृजन को आकर्षित करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के हस्तक्षेप की मांग की है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी छत्तीसगढ़ को पर्याप्त ईंधन देने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है.

मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीज़ल की कमी

मांग में अचानक आए उछाल की वजह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में कुछ पेट्रोल पंप तेल की कमी का सामना कर रहे हैं. सरकार ने कहा है कि ईंधन की अधिक मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीज़ल की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन सरकारी पेट्रोल पंपों पर भीड़ ने ग्राहकों के इंतज़ार की अवधि को बढ़ा दिया है.

पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल कीमत में वृद्धि के लिए विपक्ष शासित राज्यों को ज़िम्मेदार ठहराया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान पर महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे विपक्ष शासित राज्यों ने कहा ​कि केंद्र सरकार को राज्यों से कर घटाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि यही प्रधानमंत्री जनता को लेकर चिंतित होते तो उनकी सरकार ने पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ाई होतीं, उपकर भी नहीं बढ़ाया होता.

New Delhi: Minister of State for Housing and Urban Affairs (I/C), Hardeep Singh Puri, addresses a press conference on the initiatives & achievements of his ministry in the last 4 years of the NDA government, in New Delhi on Thursday, June 07, 2018. ( PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI6_7_2018_000110B)

पेट्रोल-डीज़ल क़ीमतों में वृद्धि के बाद बोले केंद्रीय मंत्री- राज्य लोगों को राहत के लिए वैट घटाएं

22 मार्च के बाद 6 अप्रैल तक पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उनका प्रयास पेट्रोल और डीज़ल के दामों को नियंत्रण में रखने का है. इसी वजह से केंद्र ने इन पर उत्पाद शुल्क घटाया था और राज्यों से भी ऐसा करने को कहा था.

महंगाई को काबू में लाने के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर लगे टैक्स में कटौती ज़रूरी: प्रो. अरुण कुमार

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान में इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेंस के चेयर प्रो. अरुण कुमार सरकार को सबसे पहले पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में कमी करने की ज़रूरत है. ईंधन के दाम अधिक होने पर दूसरे उत्पाद महंगे हो जाते हैं. सरकार चाहे तो कर राजस्व बढ़ाने के लिए उन लोगों पर टैक्स लगा सकती है, जिनकी संपत्ति हाल के वर्षों में काफी बढ़ी है. कॉरपोरेट कर, संपत्ति कर जैसे कर बढ़ाकर प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ाया जा सकता है.

‘मोदी जी टीके की सेंचुरी मना रहे हैं, पेट्रोल की सेंचुरी क्यों नहीं मना रहे हैं’

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वादे के साथ सत्ता में आए थे कि अगर उनकी सरकार बनी तो लोगों को पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी. सात साल हो गए हैं, लोग सीएनजी की दोगुनी कीमत चुका रहे हैं, पेट्रोल ने 100 रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है और डीज़ल की कीमत दोगुनी हो चुकी है. पेट्रोल-डीज़ल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों को लेकर दिल्ली के लोगों से बातचीत.

भाजपा के नेताओं और मंत्रियों के महंगाई पर अजब-गजब बयान

वीडियो: भारत की जनता महंगाई की मार झेल रही है. पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. इस साल जनवरी से सितंबर तक रसोई गैस के दाम 190 रुपये तक बढ़ गए, वहीं पेट्रोल के दाम 100 के पार भी गए. इस बीच भाजपा के नेताओं और मंत्रियों के अजब-गजब बयान आते रहे. सरकार में आने से पहले और बाद में भाजपा मंत्रियों और नेताओं के बयानों को सुना जाना चाहिए.