Railways

नुकसान का हवाला देते हुए केंद्र ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे रियायत देने से इनकार किया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि कोविड महामारी का रेलवे की आर्थिक स्थिति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों समेत कई श्रेणियों के किराये में छूट का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है. एक आरटीआई से बीते मई महीने में पता चला था कि मार्च 2020 से दो वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में मिलने वाली रियायत न देने से रेलवे ने 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया था.

रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को टिकट रियायत निलंबित कर अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये कमाए: आरटीआई

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, 20 मार्च, 2020 और 31 मार्च, 2022 के बीच भारतीय रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को रियायतें नहीं दीं. इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष, 58 से अधिक आयु की 2.84 करोड़ महिलाएं और 8,310 ट्रांसजेंडर लोग शामिल हैं.

अगर कोई शख़्स खचाखच भरी ट्रेन से गिरकर ज़ख्मी होता है तो रेलवे को मुआवज़ा देना चाहिए: कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पश्चिमी रेलवे को एक बुज़ुर्ग को तीन लाख रुपये हर्जाना के तौर पर देने के निर्देश दिए. ये बुज़ुर्ग  भीड़ भरी एक लोकल ट्रेन से गिरकर चोटिल हो गए थे.

Mathura: Passengers travel in an overcrowded train ahead of Holi festival in Mathura on Thursday. PTI Photo (PTI3_1_2018_000196B)

वरिष्ठ नागरिकों के लिए किराए में छूट को बहाल नहीं करेगा रेलवे

देश में कोविड-19 महामारी शुरू होने के पहले वरिष्ठ नागरिकों को यह छूट दी जाती थी लेकिन यात्री किराए के ज़रिये कमाई बढ़ाने के लिए मार्च 2020 से यह छूट बंद कर दी गई थी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि राजस्व में गिरावट में के चलते यात्रियों को ट्रेन किराए में रियायत देना संभव नहीं है.

साल 2020 में रेल की पटरियों पर हुई मौतों का कारण अतिक्रमण: रेलवे

हाल ही में आरटीआई आवेदन के जवाब में रेलवे ने बताया था कि साल 2020 में रेल की पटरियों पर 8,733 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर प्रवासी मज़दूर थे. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा है कि ये मौतें अतिक्रमण के कारण हुई हैं न कि रेल हादसों की वजह से. इनका रेलवे से कुछ लेना-देना नहीं है.

साल 2020 में 8,000 से अधिक लोगों की रेल पटरियों पर जान गई, इनमें ज़्यादातर प्रवासी मज़दूर थे: आरटीआई

आरटीआई आवेदन के जवाब में दी गई जानकारी में अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में अधिकतर प्रवासी मज़दूर थे, जिन्होंने पटरियों पर चलकर घर पहुंचने का विकल्प चुना था, क्योंकि इससे वे लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए पुलिस से बच सकते थे और उनका यह भी मानना था कि वे रास्ता नहीं भटकेंगे.

किसान आंदोलन: पंजाब में तकरीबन दो महीने बाद ट्रेन सेवा आंशिक तौर पर बहाल

नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पंजाब में किसान संगठन सितंबर महीने से रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके चलते ट्रेन सेवाएं स्थगित थीं. संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके मुद्दों का हल नहीं निकाला गया तो वो दोबारा ट्रैक पर लौट आएंगे.

पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान: रेलवे

पंजाब में किसानों ने नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ बीते एक अक्टूबर से अनिश्चितकालीन ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया था. रेलवे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के कारण 3,850 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है. अब तक 2,352 यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया है.

मध्य और पश्चिम रेलवे के 872 कर्मचारी कोरोना संक्रमित अब तक 88 लोगों की मौत: रेलवे

अधिकारियों ने बताया कि 872 संक्रमित कर्मचारियों में से 559 मध्य रेलवे और 313 पश्चिमी रेलवे से हैं. कुछ रेल यूनियनों का दावा है कि 15 जून के बाद लोकल ट्रेन सेवाओं के परिचालन बहाल होने के बाद से रेलकर्मियों के संक्रमित होने की संख्या बढ़ी है.

बिहार: लॉकडाउन के कारण घर लौटे कामगार फिर से दूसरे शहरों में लौटने पर मजबूर

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में अपनी आ​जीविका खो चुके कामगार कुछ समय पहले पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और ट्रकों के ज़रिये यहां तक कि कंटेनर ट्रकों और कंक्रीट मिक्सिंग मशीन वाहन में छिपकर आनन-फानन में बिहार स्थित अपने घर लौटे थे.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मज़दूरों की मुश्किलों को लेकर गृह सचिव और रेलवे को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि राज्य ट्रेनों में सवार ग़रीब मज़दूरों के जीवन की रक्षा करने में विफल रहे हैं. आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव, रेलवे और गुजरात और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत जवाब देने को कहा है.

48 घंटे में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से घर लौट रहे नौ लोगों की मौत: रेलवे

ये नौ मौतें उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली अलग-अलग ट्रेनों में हुईं. रेलवे की ओर से कहा गया है कि अधिकतर मौतों के मामले में मृतक पहले से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे थे.

श्रमिक ट्रेनें: भटकती रेलें, भूख-प्यास से मरते मज़दूर

वीडियो: सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर महिला का शव के पास एक बच्चा नज़र आता है. अहमदाबाद से बिहार आ रही श्रमिक ट्रेन में सवार इस महिला के परिजनों का आरोप है कि खाने-पीने को न मिलने से तबियत ख़राब होने के बाद उनकी मौत हो गई. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए राज्यों से सहमति की ज़रूरत नहीं: रेलवे

इससे पहले रेल मंत्रालय द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि जिस राज्य से प्रवासी चलेंगे, उस राज्य को जिस राज्य में प्रवासी लौटना चाहते हैं, उसकी सहमति लेनी होगी. रेलवे ने बताया है कि अब तक 1,600 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 21 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जा चुका है.

लॉकडाउन: तकरीबन दो महीने बाद आज से कुछ यात्री ट्रेनें शुरू

रेलवे ने एक बयान में कहा है कि एक मई से अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है.