अयोध्या के राम मंदिर में चोरी: क्या अब फल देने लगा है घृणा का बीज?

सत्य धर्म संवाद के संयोजक स्वामी राघवेंद्र का तर्क है कि राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये की कथित चोरी कोई अलग घटना नहीं, बल्कि उस राजनीतिक प्रक्रिया का परिणाम है जिसकी शुरुआत अयोध्या आंदोलन से हुई थी. उनका यह आलेख मंदिर, राजनीति, चंदा प्रबंधन और जवाबदेही से जुड़े सवालों को सामने रखता है.

अयोध्या राम मंदिर: चढ़ावा विवाद से पहले भी लग चुके हैं भ्रष्टाचार के कई आरोप

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन को लेकर पिछले कुछ सालों से कई बड़े वित्तीय विवाद हुए हैं. इनमें फंड के इस्तेमाल और ज़मीन के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप भी शामिल हैं. हालांकि भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन के इन बार-बार लगने वाले आरोपों के जवाब में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि सभी फंड सुरक्षित हैं.

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अयोध्या में जो हो रहा है, उसमें नया क्या है?

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर अयोध्या में आम तौर पर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं - यह कि जो कुछ कहा-सुना या किया जा रहा है, उसमें नया क्या है? उसकी शुरुआत तो 22-23 दिसंबर, 1949 को बाबरी मस्जिद में मूर्ति रखे जाने के बाद तभी हो गई थी, जब वहां चढ़ावे के तौर पर अकूत धन आना शुरू हुआ था.

राम मंदिर चंदा विवाद: भगवा खेमे में असंतोष, सीबीआई जांच और कैग ऑडिट की मांग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ियों का विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया है. भाजपा-आरएसएस से जुड़े एक व्यक्ति ने मांग की है कि पीएम मोदी को मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख बनाया जाए और सीबीआई, ईडी या कैग से इस मामले की जांच कराई जाए. कई अन्य लोग भी इस विचार का समर्थन कर रहे हैं.