South Asia

ऐसे बच्चों की संख्या सबसे ज़्यादा भारत में है, जिन्हें कोई टीका नहीं लगा हैः यूनिसेफ़

दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के बीच यूनिसेफ ने कहा कि भारत में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़कर 35 लाख हो गई है, जिन्हें कोई टीका नहीं लगा है. यह 2019 की अपेक्षा इस संख्या में 14 लाख की वृद्धि हुई है. इसके मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में किसी भी नियमित टीकाकरण में विफलता के मामले में दक्षिण एशिया सबसे ऊपर रहा और 2020 में ऐसे बच्चों की संख्या क़रीब 44 लाख थी.

New Delhi: Commuters drive through heavy smog, a day after Diwali celebrations, in New Delhi, Thursday, Nov 08, 2018. According to the officials, Delhi recorded its worst air quality of the year the morning after Diwali as the pollution level entered 'severe-plus emergency' category due to the rampant bursting of toxic firecrackers. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI11_8_2018_000035B)

दुनियाभर में कोविड-19 से हुई 15 प्रतिशत मौतों का संबंध वायु प्रदूषण से: अध्ययन

जर्मनी के मैक्स प्लांक रसायन विज्ञान संस्थान के अध्ययन में कहा गया है कि वायु प्रदूषण और कोविड-19 मृत्यु दर के बीच सीधे जुड़ाव को नहीं दिखता, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण इस बीमारी की गंभीरता बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जोखिमों के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध देखा गया है.

मुग़लों को निशाना बनाकर आदित्यनाथ अपने ही नाथ संप्रदाय के इतिहास को मिटा रहे हैं

पूरे मुग़ल शासन के दौरान गोरखपुर समेत विभिन्न नाथों को शासकों द्वारा तोहफे और अनुदान प्राप्त हुए हैं. आधिकारिक मंदिर साहित्य भी इस बात की पुष्टि करता है.

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर ग़रीबी में, महामारी से यह संख्या बढ़ने की आशंका: रिपोर्ट

विश्व बैंक और यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों को तुरंत बच्चों को इस संकट से उबारने की योजना बनाने की ज़रूरत है ताकि असंख्य बच्चों और उनके परिवारों को घोर ग़रीबी में जाने से रोका जा सके.

हर चार में से तीन ग्रामीण भारतीयों को नहीं मिल पाता पौष्टिक आहार: रिपोर्ट

हाल ही में जारी वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में भारत को 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर रखा गया है और देश भूख की ‘गंभीर’ श्रेणी में है.

वैश्विक भूख सूचकांक में 107 देशों की सूची में भारत 94वें स्थान पर

वैश्विक भूख सूचकांक, 2020 में भारत पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, म्यांमार और पाकिस्तान के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं. वहीं, नेपाल और श्रीलंका की स्थिति इन देशों की तुलना में ठीक है. सूची में ये ‘मध्यम’ श्रेणी में हैं.

जातिगत भेदभाव को लेकर कब ख़त्म होगा भारतीयों का दोहरापन

भारतीयों के मन में व्याप्त दोहरापन यही है कि वह ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर होने वाली ज़्यादतियों से उद्वेलित दिखते हैं, पर अपने यहां के संस्थानों में आए दिन दलित-आदिवासी या अल्पसंख्यक छात्रों के साथ होने वाली ज़्यादतियों को सहजबोध का हिस्सा मानकर चलते हैं.

भारतीय अर्थव्यवस्था में 2020-21 में चार प्रतिशत गिरावट का अनुमान: एडीबी

एशियाई विकास बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में धीमी पड़कर 3.1 प्रतिशत रही. यह 2003 के बाद सबसे धीमी वृद्धि है.

कोविड-19 संकट के चलते दुनिया में एक अरब से अधिक लोग अत्यंत ग़रीब हो सकते हैं: रिपोर्ट

किंग्स कॉलेज लंदन और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों के एक अध्ययन में कहा गया है कि मध्यम आय वर्ग वाले विकासशील देशों में ग़रीबी बढ़ेगी जो वैश्विक स्तर पर ग़रीबी को बढ़ाएगा. दक्षिण एशिया का इलाका ग़रीबी की मार झेलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा.

लॉकडाउन में श्रमिकों को पूरी सैलरी देने के आदेश को गृह मंत्रालय ने वापस लिया

गृह मंत्रालय ने 29 मार्च को आदेश जारी कर कहा था कि सभी नियोक्ताओं को लॉकडाउन के दौरान अपने श्रमिकों की सैलरी में कोई कटौती किए बिना पूरी सैलरी देनी होगी.

कोरोना के प्रकोप के बीच दक्षिण एशिया में स्वास्थ्य संकट का सामना कर सकते हैं बच्चे: यूनिसेफ

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण टीकाकरण अभियान सीमित कर देने से दुनियाभर में 11.7 करोड़ बच्चे खसरा के ख़तरे का सामना कर रहे हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लॉकडाउन: कर्मचारियों को वेतन देने के आदेश के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने संबंधी गृह मंत्रालय की अधिसूचना को नागरीका एक्सपोर्ट्स और फिक्स पैक्स प्राइवेट लिमिटेड सहित तीन निजी कंपनियों ने चुनौती दी है.

भारत में लॉकडाउन से देश के चार करोड़ प्रवासी कामगार प्रभावित हुए: विश्व बैंक

विश्व बैंक की ‘प्रवासी के नजरिये से कोरोना वायरस संकट’ नामक रिपोर्ट के अनुसार आंतरिक प्रवास की तादाद अंतरराष्ट्रीय प्रवास के मुकाबले करीब ढाई गुना है. विश्व बैंक ने कहा कि सरकारों को नकदी हस्तांतरण तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए इनकी मदद करनी चाहिए.

घर लौट रहे मजदूर उपमहाद्वीप में वायरस फैला सकते हैं: विश्व बैंक

अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में अंतर्देशीय यात्री परिवहन साधनों पर रोक की घोषणा और इसे लागू करने के बीच एक दिन से भी कम समय लगा जिससे अव्यवस्था उत्पन्न हो गई.