सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा का पुलिस के सामने ऑनलाइन पेश होने का आग्रह ठुकराया

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की सोशल मीडिया पर टिप्पणियों को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक भाजपा नेता की शिकायत के आधार पर उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. हाईकोर्ट ने इस बाबत उन्हें जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा था. मोइत्रा ने थाने जाने पर हमला किए जाने की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से वहां वर्चुअली पेश होने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया.

आसाराम को मिली 20 दिन की पैरोल, कोर्ट ने कहा- सरकार ने अर्ज़ी ख़ारिज करने की ठोस वजह नहीं दी

बलात्कार दोषी आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिनों की नियमित पैरोल मिल गई है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राज्य सरकार पैरोल आवेदन ख़ारिज करने का कोई ठोस और वैध आधार बताने में विफल रही है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पॉक्सो सज़ा पर रोक लगाने और ज़मानत देने से इनकार कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट में एक दशक से 10,000 से अधिक मामले लंबित, उच्च न्यायालयों में 30 वर्षों से 80,000

केंद्र सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में 10 वर्ष से अधिक समय से 10,000 से ज्यादा मामले लंबित हैं. इनमें 558 मामले 20 वर्षों से अधिक समय से और 26 मामले 30 वर्षों से लंबित हैं. वहीं, देश के 25 उच्च न्यायालयों में 30 वर्षों से अधिक समय से 80,000 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं.

हेट स्पीच: सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा को मिली क्लीन चिट के ख़िलाफ़ समीक्षा याचिका ख़ारिज की

माकपा नेता वृंदा करात ने शीर्ष अदालत के 29 अप्रैल के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के नेताओं - अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भाषणों के ख़िलाफ़ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है. अदालत ने करात की याचिका ख़ारिज करते हुए अपने पिछले फैसले पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ कोयला ब्लॉक आवंटन मामले को बंद किया

यह मामला स्क्रीनिंग समिति की सिफ़ारिश के विपरीत हिंडाल्को को कोयला ब्लॉक आवंटित किए जाने से संबंधित था. अप्रैल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने उस मामले में डॉ. मनमोहन सिंह को जारी समन पर रोक लगा दी थी. अब अदालत ने उस मामले को बंद कर दिया है.

दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाले वकील पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, स्वतंत्र जांच की मांग

जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग को लेकर निजामुद्दीन थाने पहुंचे वकील मानिक गुप्ता ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें गैरकानूनी हिरासत में रखा. अब उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

युवा आंदोलन: आपराधिक रिकॉर्ड न रखने वाले सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करें- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि दिल्ली में युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई बर्बरता की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व जस्टिस की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर सकता है. फिलहाल अदालत ने केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल की सरकारों से जवाब मांगा है.

बिहार: आंदोलन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई तेज़, एके-47 फायरिंग के बाद पुलिसकर्मी निलंबित; सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राजद नेता

बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है. आंदोलन के बाद बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है और उनके विरुद्ध केस दर्ज किए गए हैं. इस बीच, पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को लेकर राजद सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

‘छात्रों पर लाठी चलाने का आदेश किसने दिया?’: राहुल का अमित शाह को पत्र, पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की है. उधर, इसी कार्रवाई को चुनौती देने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को सुनवाई करेगा.

दिल्ली: एनएसए को लेकर पुलिस का स्पष्टीकरण, लगातार चौथे दिन इंटरनेट सेवा बाधित

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी युवाओं के प्रदर्शन के बीच पुलिस ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं. वहीं, 20 जुलाई से लगातार चौथे दिन भी मध्य दिल्ली में इंटरनेट सुविधाओंं पर पाबंदी की शिकायत सामने आई है.

लखीमपुर खीरी हिंसा: यूपी पुलिस बोली- टेनी, उनके बेटे द्वारा गवाह को धमकाने का कोई सबूत नहीं

2021 लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ़ 'मोनू' मुख्य आरोपी हैं और बलजिंदर सिंह नाम के एक शख़्स चश्मदीद गवाह हैं. बलजिंदर ने आरोप लगाया था कि एक स्थानीय के ज़रिये मिश्रा ने अगस्त 2023 में उन्हें दो बार धमकाया था. इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कथित तौर पर उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया- एसआईआर से नाम हटने पर नागरिकता नहीं जाएगी; पर अन्य अधिकारों के बारे में नहीं दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में नाम हटाने से जुड़े एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नागरिकता की स्थिति तय करने का संवैधानिक अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है. चुनाव आयोग का अधिकार केवल मतदाता सूची तक सीमित है. लेकिन अदालत ने सरकारों को नागरिक अधिकारों में बाधा न डालने का निर्देश नहीं दिया.

बुलडोज़र जस्टिस: सुप्रीम कोर्ट का अवमानना याचिका पर सुनवाई से इनकार, कहा- याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने 'बुलडोज़र जस्टिस' पर अवमानना याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि अवैध निर्माण और सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन किसी आरोपी या उसके परिवार को चुन-चुनकर निशाना नहीं बनाया जा सकता. अदालत ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है.

‘स्तन पकड़ना रेप की कोशिश नहीं’ संबंधी टिप्पणी पर पटना हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा

पटना हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को एक व्यक्ति की बलात्कार के प्रयास के अपराध में हुई सज़ा रद्द करते हुए कहा था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश और उसकी छाती दबाना बलात्कार की कोशिश नहीं माना जा सकता. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले की आलोचना की और यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायिक संवेदनशीलता बनाए रखने का निर्देश दिया.

फिल्म पर प्रतिबंध के बाद पहली बार बोले हनी त्रेहन- ‘सतलुज’ को बहने से नहीं रोका जा सकता

साक्षात्कार: 'सतलुज' फिल्म को ओटीटी से हटाए जाने के बाद पहली बार बात करते हुए फिल्मकार हनी त्रेहन ने कहा कि 'सतलुज' पर रोक लग सकती है पर जसवंत सिंह खालरा को ख़त्म नहीं किया जा सकता. त्रेहन जोड़ते हैं कि 'सतलुज' पंजाब के ज़ख्मों पर मलहम की तरह है, लेकिन इसे बैन किया गया क्योंकि यह फूट डालो और राज करो की राजनीति को बढ़ावा नहीं देती.

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