Supreme Court

पंजाब कांग्रेस: रोड रेज़ केस में सिद्धू को एक साल की सज़ा, सुनील जाखड़ ने थामा भाजपा का दामन

27 दिसंबर, 1988 को पटियाला में हुई रोड रेज़ की इस घटना के समय कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनके दोस्त रूपिंदर सिंह संधू उर्फ बनी भी थे. दोनों ने कथित तौर पर 65 वर्षीय गुरनाम सिंह के साथ मारपीट की थी, जिनकी बाद में मौत हो गई थी.​ शुक्रवार को सिद्धू ने पटियाला की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. वहीं भाजपा में शामिल होने के बाद सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पर पंजाब को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने यौनकर्मियों को आधार कार्ड जारी किए जाने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जारी एक प्रोफार्मा प्रमाण-पत्र के आधार पर यौनकर्मियों को आधार कार्ड जारी किए जाने का निर्देश दिया और कहा कि यौनकर्मियों की गोपनीयता भंग नहीं होनी चाहिए और उनकी पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में सपा नेता आज़म ख़ान को अंतरिम ज़मानत दी

इस संबंध में दर्ज एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि 13.842 हेक्टेयर की विवादित ज़मीन इमामुद्दीन क़ुरैशी नाम के व्यक्ति की थी, जो देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए और भारत की नागरिकता छोड़कर पाकिस्तान की नागरिकता ले ली. उनकी ज़मीन को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन सपा नेता ख़ान ने अन्य लोगों की मिलीभगत से उस भूखंड पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

कोर्ट ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को फटकारा, कहा- बड़ी मछलियों को पकड़ते नहीं, किसानों को तंग करते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र को फटकार लगाई और बैंक को किसानों के एकमुश्त निपटान (ओटीएस) प्रस्ताव को स्वीकार करने और उन्हें स्वीकृति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है.

राजीव गांधी हत्याकांड मामले के दोषी पेरारिवलन की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया

तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बदुर में 21 मई, 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को विस्फोट से उड़ा लिया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई थी. महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी. मामले के चारों दोषियों एजी पेरारिवलन, मुरुगन, संथन और नलिनी को मौत की सज़ा दी गई थी, जिसे बाद में उमक़ैद में बदल दिया गया था.

Mumbai: Sheena Bora murder accused Indrani Mukerjea at Bandra Family Court in Mumbai, Tuesday, Sept 18, 2018. Indrani and Peter Mukerjea filed for divorce in the court. (PTI Photo) (PTI9_18_2018_000134B)

शीना बोरा हत्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को ज़मानत दी

आरोप है कि इंद्राणी मुखर्जी, उनके चालक श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में उनकी 24 वर्षीय बेटी शीना बोरा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उनका शव महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था. साज़िश का हिस्सा होने के आरोप में पूर्व मीडिया दिग्गज और इंद्राणी के पूर्व पति पीटर मुखर्जी को फरवरी 2020 में ज़मानत मिल गई थी. जेल में बंद रहने के दौरान ही उन्होंने इंद्राणी मुखर्जी से तलाक़ ले लिया था.

धर्म संसद: मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण देने के आरोपी जितेंद्र त्यागी को अंतरिम ज़मानत

सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार धर्म संसद में मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर नफ़रत फैलाने वाला भाषण देने के मामले में आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी को तीन महीने की अंतरिम ज़मानत देते हुए उन्हें नफ़रत फैलाने वाला भाषण नहीं देने और इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल या सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी न करने का वादा करते हुए एक हलफ़नामा दाख़िल करने का निर्देश दिया है.

राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए शरजील ने अंतरिम ज़मानत की अर्ज़ी दाख़िल की

इस साल जनवरी में दिल्ली की एक अदालत ने साल 2019 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शरजील इमाम के ख़िलाफ़ राजद्रोह का अभियोग तय किया था. इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह क़ानून पर विचार होने तक इससे संबंधित सभी कार्यवाहियों पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

असम: एनआरसी संयोजक ने विदेशी न्यायाधिकरणों से कहा- 2019 में आई सूची फाइनल नहीं

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में असम एनआरसी की अंतिम सूची अगस्त 2019 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें 19 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं थे. इस सूची के प्रकाशन के बाद से ही राज्य समन्वयक हितेश देव शर्मा और राज्य की भाजपा सरकार इस पर सवाल उठाते रहे हैं.

आख़िर नीट स्थगित करने की मांग क्यों कर रहे हैं छात्र?

वीडियो: छात्र नीट-पीजी (NEET-PG) प्रवेश परीक्षा स्थगित करने की मांग क्यों कर रहे हैं? यह परीक्षा 21 मई 2022 को होने जा रही है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इसे 8 से 10 सप्ताह तक के लिए टाल दिया जाए. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने बीते 13 मई को छात्रों की याचिका खारिज कर दी. द वायर ने इस संबंध में ऐसे कुछ छात्रों से बातचीत की.

राजद्रोह पर रोक सही है पर अदालतों को सरकारी दमन के ख़िलाफ़ खड़े होना चाहिए

ऐसी संभावना है कि राजद्रोह का आसन्न अंत देश भर में पुलिस (और उनके आकाओं) को आलोचकों को डराने और पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं व विपक्षी नेताओं को चुप कराने के तरीके के रूप में अन्य क़ानूनों के उपयोग को बढ़ा देगा.

हिंदुत्ववादी जमातों की ख़ुद को बड़ा साबित करने की होड़ में पिसती अयोध्या

राज ठाकरे की अयोध्या यात्रा के ऐलान के बाद आदित्य ठाकरे ने भी वहां जाने की घोषणा की है और शहर में पोस्टर वॉर छेड़ते हुए ‘नकली हिंदुत्ववादी’ से सावधान रहने को कहा है. वहीं, कैसरगंज से भाजपा के बाहुबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज ठाकरे को ‘कालनेमि’ बताते हुए अयोध्या में न घुसने देने की धमकी दे डाली है. एक अन्य भाजपा सांसद लल्लू सिंह राज ठाकरे को ‘राम के साथ मोदी की शरण में आने’ की सीख दे रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म संसद जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण देने के मामले में इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने वाले जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ़ वसीम रिज़वी की ज़मानत याचिका पर उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया. त्यागी लगभग छह महीने से हिरासत में हैं. इस मामले के एक अन्य आरोपी क​ट्टरपंथी हिंदुत्तवादी धर्मगुरु यति नरसिंहानंद को बीते फरवरी माह में ही ज़मानत मिल गई थी.

जम्मू कश्मीर: परिसीमन आयोग के ख़िलाफ़ याचिका पर कोर्ट ने केंद्र व चुनाव आयोग से जवाब मांगा

केंद्रशासित प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा सीट के पुनर्निर्धारण को लेकर परिसीमन आयोग गठित करने के सरकार के फ़ैसले को चुनौती देते हुए सूबे के दो निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि संविधान के प्रावधानों के विपरीत जाते हुए परिसीमन की प्रक्रिया चलाई गई.

राजद्रोह क़ानून के तहत 2014-19 के बीच 326 केस दर्ज, सिर्फ़ छह में दोषी क़रार: गृ​ह मंत्रालय के आंकड़े

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, छह सालों में राजद्रोह क़ानून के तहत कुल 326 मामले दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज़्यादा असम में 54 मामले दर्ज किए गए, लेकिन एक भी दोष सिद्ध नहीं हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने क़ानून की समीक्षा होने तक राजद्रोह के मामलों में सभी कार्यवाहियों पर रोक लगाते हुए निर्देश दिया है कि इसके तहत कोई नई एफ़आईआर दर्ज न की जाए.