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पेगासस: कोर्ट ने एल्गार मामले के सात आरोपियों के फोन जांच समिति को सौंपने की अनुमति दी

मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने पेगासस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति को एल्गार परिषद मामले के सात आरोपियों- रोना विल्सन, आनंद तेलतुंबडे, वर्नोन गॉन्जाल्विस, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, हेनी बाबू और शोमा सेन के मोबाइल फोन सौंपने की एनआईए की अर्ज़ी को मंज़ूरी दी है. इन सभी का आरोप है कि पेगासस के ज़रिये उनके फोन में सेंधमारी की गई थी.

पेगासस: सुप्रीम कोर्ट की समिति ने कहा- जांच के लिए केवल दो लोगों ने जमा किए फोन, समयसीमा बढ़ाई गई

इज़रायली स्पायवेयर पेगासस जासूसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तकनीकी समिति ने पिछले महीने लोगों अपील की थी कि जिनके पास यह मानने का पर्याप्त कारण मौजूद है कि उनके मोबाइल फोन स्पायवेयर से प्रभावित हैं, तो अपने फोन जांच के लिए जमा करा दें. हालांकि तय समयसीमा तक पर्याप्त संख्या में फोन नहीं जमा होने पर अदालत ने इसकी समयसीमा बढ़ा दी है.

पेगासस विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारे पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है

पेगासस स्पायवेयर पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक हालिया रिपोर्ट पर सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जिस कथित मामले का संदर्भ दिया गया है, उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक समिति द्वारा की जा रही है. बागची ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री की इज़रायल यात्रा के संबंध में कई समझौता-पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है.

केंद्र द्वारा पेगासस ख़रीद संबंधी रिपोर्ट पर विपक्ष ने कहा- ग़ैरक़ानूनी जासूसी ‘राजद्रोह’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की प्राथमिक संस्थाओं, राजनेताओं व जनता की जासूसी करने के लिए पेगासस ख़रीदा था. माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी का मतलब केवल अपनी आपराधिक गतिविधि को स्वीकार करना है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारत ने 2017 में इज़रायल के साथ रक्षा सौदे के तहत पेगासस ख़रीदा था.

भारत ने 2017 में इज़रायल के साथ रक्षा सौदे के तहत पेगासस खरीदा थाः रिपोर्ट

न्यूयॉर्क टाइम्स ने सालभर की पड़ताल के बाद एक रिपोर्ट में कहा कि भारत सरकार ने साल 2017 में हथियारों की ख़रीद के लिए इज़रायल के साथ हुए दो अरब डॉलर के रक्षा सौदे के तहत पेगासस खरीदा था. रिपोर्ट बताती है कि इज़रायली रक्षा मंत्रालय ने नए सौदों के तहत पोलैंड, हंगरी, भारत समेत कई देशों को पेगासस बेचा.

विवादित एनएसओ ग्रुप के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा, कहा- पेगासस मामले से कोई लेना-देना नहीं

एनएसओ ग्रुप के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा इज़रायल के एक न्यूज़ पोर्टल द्वारा प्रकाशित उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि देश की पुलिस ने भी पेगासस खरीदा था और इसे ग़ैरक़ानूनी तरीके से कुछ पूर्व सरकारी कर्मचारियों समेत कई नागरिकों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया था.

पेगासस प्रोजेक्ट: पोलैंड ने स्वीकार किया कि देश ने इज़रायली स्पायवेयर ख़रीदा था

सरकार के विरोधियों पर पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल किए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में पोलैंड के सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी ‘लॉ एंड जस्टिस’ के नेता और उप-प्रधानमंत्री जारोस्लाव कैकजिंस्की कहा कि इसका इस्तेमाल कई देशों का खुफ़िया विभाग अपराध और भ्रष्टाचार से निपटने में कर रहा है. उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि इसका इस्तेमाल उनके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में किया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट समिति ने लोगों से पेगासस का निशाना बने अपने मोबाइल फोन के साथ संपर्क करने को कहा

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त तकनीकी समिति ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर नागरिकों से यह भी बताने को कहा है कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि उनके मोबाइल फोन में इज़रायल के एनएसओ ग्रुप द्वारा विकसित पेगासस स्पायवेयर से सेंध लगाई गई होगी. जांच के लिए उन्हें अपना फोन दिल्ली में जमा करना होगा.

पेगासस जासूसी: पश्चिम बंगाल की ओर से गठित आयोग की जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने मामले की समानांतर जांच पर नाखुशी व्यक्त की, क्योंकि शीर्ष अदालत द्वारा एक स्वतंत्र जांच पैनल का गठन किया गया है. पेगासस प्रोजेक्ट के तहत यह खुलासा किया था कि इज़रायल की एनएसओ ग्रुप कंपनी के पेगासस स्पायवेयर के ज़रिये नेता, पत्रकार, कार्यकर्ता, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के फोन कथित तौर पर हैक कर उनकी निगरानी की गई या फिर वे संभावित निशाने पर थे.

अमेरिकी सांसदों की एनएसओ ग्रुप और अन्य स्पायवेयर कंपनियों पर प्रतिबंध की मांग

अमेरिकी सांसदों ने वित्त विभाग और विदेश विभाग को पत्र भेजकर एनएसओ के शीर्ष अधिकारियों, संयुक्त अरब अमीरात की साइबरसिक्योरिटी कंपनी डार्कमैटर, यूरोपीयन ऑनलाइन बल्क सर्विलांस कंपनियों नेक्सा टेक्नोलॉजीज और ट्रोविकोर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.