Umesh Malik

यूपी: 2012 में किसान आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए मंत्री सहित आठ भाजपा नेताओं पर मुक़दमा चलेगा

उत्तर प्रदेश में 2012 में एक किसान आंदोलन के दौरान कथित तौर पर ट्रेन सेवा बाधित करने के लिए राज्य के मंत्री कपिल अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक और पूर्व विधायक अशोक कंसल सहित आठ भाजपा नेताओं पर एक विशेष अदालत ने मुकदमा शुरू किया. भाजपा नेताओं ने ख़ुद को ‘निर्दोष’ बताया है.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: आठ साल में 1,100 से अधिक लोग बरी हुए, केवल सात दोषी क़रार

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में 2013 के सांप्रदायिक दंगे में 60 से अधिक लोग मारे गए थे और 40 हज़ार से ज़्यादा विस्थापित हुए थे. एसआईटी के अनुसार, पुलिस ने 1,480 लोगों के ख़िलाफ़ 510 मामले दर्ज किए और 175 मामलों में चार्जशीट दायर हुई. 97 मामलों में अदालत ने निर्णय दिया और 1,117 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया.

अदालत ने भाजपा विधायक के ख़िलाफ़ दर्ज मामले वापस लेने की यूपी सरकार की अर्ज़ी ख़ारिज की

पुलिस ने 2006 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के जानसठ रोड पर एक मांस फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन के बाद विधायक समेत कई लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था. इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि राज्य के अभियोजक उच्च न्यायालयों की पूर्व मंज़ूरी के बिना सीआरपीसी के तहत जन प्रतिनिधियों के ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमे वापस नहीं ले सकते हैं.

2013 के मुज़फ़्फ़रनगर दंगे भड़काने के लिए भाजपा विधायक के ख़िलाफ़ आरोप तय

मुज़फ़्फ़रनगर के कवाल गांव में दो युवकों की हत्या को लेकर कार्रवाई के लिए सितंबर 2013 को जाट समुदाय के लोगों ने महापंचायत बुलाई थी. महापंचायत से लौट रहे लोगों पर हमले के बाद हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान 65 लोगों की मौत हो गई और लगभग 40,000 लोगों को पलायन करना पड़ा था.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: अदालत ने संगीत सोम के ख़िलाफ़ एसआईटी की ‘क्लोज़र रिपोर्ट’ स्वीकार की

उत्तर प्रदेश के सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम पर साल 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर में हुए सांप्रदायिक दंगे के पहले सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करने का मामला दर्ज किया था. एसआईटी ने विशेष अदालत में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर कहा कि सोम के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: यूपी सरकार ने तीन भाजपा विधायकों के ख़िलाफ़ केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की

इन आरोपियों में भाजपा विधायक संगीत सोम, सुरेश राणा, कपिल देव शामिल हैं. दंगे से पहले जाट समुदाय के लोगों द्वारा बुलाई के गई महापंचायत के संबंध में ये केस दर्ज किया गया था. भाजपा विधायकों पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: दो युवकों की हत्या के मामले में सात को उम्रकैद

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में अलग-अलग घटनाओं में दो चचेरे भाइयों गौरव और सचिन के साथ एक अन्य युवक शाहनवाज कुरैशी की हत्या हो गई थी जिसके बाद पूरे इलाके में हिंसा फैल गई थी. इस दौरान 62 लोगों की मौत हुई थी जबकि 50 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गए थे.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: योगी सरकार ने आरोपियों पर मुक़दमा चलाने की अब तक नहीं दी अनुमति

दंगों के लगभग 20 मामलों में विधायक और सांसद भी आरोपियों की सूची में हैं. पुलिस ने भाजपा विधायक उमेश मलिक, भाजपा सांसद भारतेंदु सिंह, हिंदुत्ववादी नेता साध्वी प्राची और अन्य के ख़िलाफ़ इसमें उनकी कथित भूमिका के लिए मामला दर्ज किया था.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: भाजपा सांसद संजीव बालियान और साध्वी प्राची के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भाजपा विधायक उमेश मालिक समेत बालियान और साध्वी को 22 जून को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है.

योगी सरकार द्वारा मुज़फ़्फ़रनगर दंगों से जुड़े 131 मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

पिछले महीने केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मालिक और खाप नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुज़फ़्फ़रनगर दंगों से जुड़े 179 मामलों रद्द करने की सूची सौंपी थी.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ मामले वापस लेने की सोच रही है योगी सरकार

राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ज़िलाधिकारी को लिखे एक पत्र में पूछा गया है कि क्या भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ मामला वापस लेना जनहित में सही होगा.

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा विधायकों के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, भाजपा विधायक संगीत सोम और उमेश मलिक के ख़िलाफ़ राज्य सरकार से मुकदमा चलाने की इजाज़त मिलने के बाद अदालत ने पेश होने को कहा.