Uttar Pradesh

यूपी: नाबालिग का 28 लोगों पर रेप का आरोप, पिता के साथ सपा-बसपा नेताओं समेत 7 गिरफ़्तार

मामला ललितपुर का है, जहां एक 17 वर्षीय युवती ने अपने पिता समेत 28 लोगों पर पिछले पांच सालों से बलात्कार करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने बताया कि लड़की की मां ने उनके पति पर अपने 10 साल के बेटे का भी यौन शोषण करने का आरोप लगाया था.

ग़ाज़ियाबाद: डासना मंदिर में ‘ग़लती से’ जाने वाले दस साल के मुस्लिम बच्चे से पुलिस की पूछताछ

डासना मंदिर के पुजारी और कट्टर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि बच्चे को उन पर नज़र रखने के लिए भेजा गया था. पुलिस का कहना है कि उक्त बच्चा क्षेत्र से परिचित नहीं था और अनजाने में मंदिर में चला गया था. उसके बयान की सच्चाई जानने के बाद उसे छोड़ दिया गया.

क्या प्रियंका गांधी यूपी की अगली मुख्यमंत्री होंगी?

वीडियो: लखीमपुर हिंसा के बाद बीते दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी गई थीं. यहां पर काशी विश्वनाथ मंदिर और मां कुष्मांडा के दर्शन करने के बाद उन्होंने किसान न्याय रैली को संबोधित किया था. इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष, शरत प्रधान और स्मिता गुप्ता से द वायर के वरिष्ठ संपादक आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने विचार-विमर्श किया.

यूपी: नोएडा में दलित महिला से गैंगरेप, संतकबीरनगर में मदरसा शिक्षक ने बच्ची से किया बलात्कार

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर इलाके में यह घटना उस वक़्त हुई जब 55 वर्षीय दलित महिला घास काटने खेत में गई थी. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. मुख्य आरोपी अभी भी फ़रार है. राज्य के संतकबीरनगर ज़िले में सात वर्ष की बच्‍ची से बलात्कार का आरोपी मदरसा शिक्षक की भी पुलिस तलाश कर रही है.

हम किसी को फार्च्यूनर से कुचलने नहीं आए हैं: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का यह बयान ऐसे वक़्त आया है, जब लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और बसपा समेत कई दल सत्तारूढ़ भाजपा के ख़िलाफ़ आक्रामक हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्ख़ास्त करने की मांग के साथ जनता से विधानसभा चुनाव में सरकार को सत्ता से बाहर करने का आह्वान कर रहे हैं.

लखीमपुर खीरी हिंसा के आरोपी आशीष मिश्रा को लेकर एक मृतक के परिवार ने कहा- वह ग़ुंडा है

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा द्वारा किसानों को दी गई चेतावनी का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद बीते तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी ज़िले में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समूह पर कथित तौर पर उनके बेटे आशीष मिश्रा द्वारा वाहन चढ़ा देने से चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

केयूडब्ल्यूजे का आरोप- सिद्दीक़ कप्पन को नहीं मिली मेडिकल सहायता, यूपी सरकार के ख़िलाफ़ याचिका

केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन और तीन अन्य को पांच अक्टूबर 2020 को हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले की रिपोर्टिंग के लिए जाते समय गिरफ़्तार किया गया था. केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि उचित चिकित्सीय देखभाल की कमी की वजह से कप्पन बीमार हैं और वे गंभीर दर्द से जूझ रहे हैं.

किसानों ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मृतकों के पोस्टमॉर्टम पर संदेह जताया

वीडियो: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बीते तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान जिन किसानों की मौत हुई उनके परिजनों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं दी गई है. इसके अलावा किसानों का आरोप है कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली है, उसमें गोली लगने का जिक्र नहीं है, जबकि मौत का कारण वाहन से कुचलने के अलावा गोली लगना भी है. किसानों में इस बात को लेकर भी रोष है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को अभी तक गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

क्या लखीमपुर हिंसा का असर योगी आदित्यनाथ की चुनावी संभावनाओं पर पड़ेगा?

वीडियो: उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के सामूहिक बलात्कार और मौत के बाद किसी अन्य घटना ने इतना ध्यान आकर्षित नहीं किया, जितना हाल ही में लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारी किसानों को निर्ममतापूर्ण तरीके से कुचल देने की घटना ने किया है. दूसरी ओर ठोस कार्रवाई करने में उत्तर प्रदेश सरकार की ढिलाई ने किसानों के गुस्से को शांत करने के बजाय और बढ़ा दिया है.

सिद्दीक़ कप्पन की गिरफ़्तारी का एक साल पूरा होने पर पत्रकारों ने की रिहाई की मांग, प्रदर्शन

5 अक्टूबर 2020 को केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन और तीन अन्य को हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले की रिपोर्टिंग के लिए जाते समय गिरफ़्तार किया गया था. कप्पन की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर विभिन्न पत्रकार संघों ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप मनमाने हैं.

सीएए विरोधी प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने निष्कासित छात्र को स्नातक परीक्षा देने की अनुमति दी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित ख़्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने अहमद रज़ा ख़ान को नागरिकता संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में उनकी कथित संलिप्तता के लिए निष्कासित कर दिया था.

क्या भारत की मिठास का दाम भर रहा है गन्ना किसान?

वीडियो: बीते दिनों केंद्र ने गन्ने का दाम बढ़ाया है. गन्ना किसानों के बकाया, अर्थव्यवस्था और ग्रामीण भारत पर इसके प्रभावों के मुद्दों पर इंद्र शेखर सिंह आईआईएम-अहमदाबाद के प्रोफेसर सुखपाल सिंह से चर्चा कर रहे हैं. साथ ही आगामी यूपी चुनाव के मद्देनज़र राज्य में गन्ने की राजनीति को लेकर भाकियू नेता राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह से बातचीत.

हाथरस गैंगरेप और मर्डर के साल भर बाद भी ख़ौफ़ में है पीड़ित परिवार

वीडियो: उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में एक दलित युवती के साथ बलात्कार और हत्या की घटना को एक साल हो गए. बीते दिनों दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में उनके परिवार के लिए न्याय की मांग के लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया.

राजद्रोह मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी की गिरफ़्तारी पर रोक

पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी ने गिरफ़्तारी पर रोक लगाने और एक भाजपा नेता द्वारा बीते पांच सितंबर को उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के सिविल लाइंस पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था. आरोप है कि आज़म ख़ान के घर जाने और उनकी पत्नी से मुलाकात करने के बाद क़ुरैशी ने राज्य सरकार के ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान दिया था.

यूपी पुलिस ने चार्जशीट में कहा- सिद्दीक़ कप्पन अपने लेख में मुस्लिमों को भड़काते हैं

यूपी पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में हाथरस जाने के रास्ते में केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. पुलिस ने कप्पन के लेखों के आधार पर कहा है कि वे ज़िम्मेदार पत्रकार नहीं हैं और माओवादियों के समर्थन में लिखते हैं.