Yogi Adityanath

दो साल बाद भी हाथरस बलात्कार पीड़िता के परिवार के साथ प्रताड़ना का सिलसिला जारी: राहुल गांधी

14 सितंबर 2020 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित तौर पर ऊंची जाति के युवकों ने 19 साल की एक दलित युवती का बलात्कार किया था. 29 सितंबर 2020 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट साझा की है, जिसमें कहा गया है कि दो साल बाद भी युवती के परिवार को घर और नौकरी देने का वादा योगी सरकार ने पूरा नहीं किया है.

यूपी: मंत्री राकेश सचान को शस्त्र अधिनियम मामले में एक साल की सज़ा, ज़मानत भी मिली

शनिवार को कानपुर की एक अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान को अवैध हथियार रखने के 31 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया था. इस दौरान सचान दोषी क़रार दिए जाने के अदालती आदेश की फाइल लेकर वहां से भाग गए थे.

योगी सरकार में मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी

निषादों को आरक्षण देने की मांग को लेकर साल 2015 में उत्तर प्रदेश में गोरखपुर शहर के सहजनवा क्षेत्र में हुए उग्र आंदोलन में संजय निषाद समेत 37 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था. इस दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और 24 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.

यूपी के मंत्री शस्त्र अधिनियम मामले में दोषी क़रार, अदालत से फ़रार होने का आरोप

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान को अदालत ने जब 31 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया और बचाव पक्ष को सज़ा पर बहस शुरू करने को कहा, तब सचान वहां से चले गए. इस संबंध में अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कानपुर कोतवाली में मंत्री के ख़िलाफ़ तहरीर दी गई है.

गीतांजलि श्री की किताब ‘रेत समाधि’ पर हिंदू भावना आहत करने का आरोप, आगरा में आयोजन रद्द

बीते 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश की हाथरस पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत के बाद आगरा में बुकर पुरस्कार विजेता लेखक गीतांजलि श्री के सम्मान में होने वाले कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी किताब ‘रेत समाधि’ में भगवान शिव और पार्वती का ‘आपत्तिजनक चित्रण’ है, जो ‘हिंदुओं की भावनाओं को आहत’ करता है.

इलाहाबाद: नौजवानों से ख़ाली अटाले की गलियों को इंसाफ़ का इंतज़ार है…

न्याय का सिद्धांत है कि ‘सौ दोषी भले छूट जाएं, लेकिन एक भी निर्दोष नहीं पकड़ा जाना चाहिए’, लेकिन इलाहाबाद के अटाला में पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ टिप्पणी को लेकर जून महीने में हुई हिंसा के बाद बड़े पैमाने पर की गईं गिरफ़्तारियों में न्याय के इस सिद्धांत को ही उलट दिया गया है.

क्या भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी ख़त्म हो चुकी है

यूपी में बीते दिनों हुई दो गिरफ़्तारियां स्पष्ट करती हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब मौजूद नहीं है. या फिर जैसा कि ईदी अमीन ने एक बार कहा था कि ‘बोलने की आज़ादी तो है, लेकिन हम बोलने के बाद की आज़ादी की गारंटी नहीं दे सकते.’

उत्तर प्रदेशः उद्घाटन के बाद पहली बारिश में ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे कई जगह क्षतिग्रस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. इसके बाद से लगातार इसके जगह-जगह धंसने की ख़बरें आ रही हैं. विपक्ष ने योगी सरकार पर निधाना साधा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि एक्सप्रेसवे कुछ देर की बरसात झेल नहीं पाया. इससे लगता है कि इसके निर्माण में लूट नहीं, डकैती हुई है.

उत्तर प्रदेश: लखनऊ के बाद मेरठ के एक कॉम्प्लेक्स में नमाज़ पढ़ने पर विवाद, पुलिस ने जांच शुरू की

इससे संबधित कथित वीडियो सामने आने के बाद नमाज़ के विरोध में हिंदू जागरण मंच के तीन लोग शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंच गए थे. पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में ले लिया है. मेरठ पुलिस ने बताया कि वीडियो की सत्यता का पता लगाया जा रहा है. वीडियो कब का है और नमाज़ पढ़ने वाला कौन था, इसकी जानकारी की जा रही है.

लुलु मॉल में अनधिकृत रूप से नमाज़ पढ़ने के सभी सात आरोपी गिरफ़्तार: लखनऊ पुलिस

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित लुलु मॉल में कथित तौर पर नमाज़ अदा करते लोगों का एक वीडियो बीते 13 जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आया था. पुलिस ने बताया कि वीडियो में सात आरोपी नज़र आए थे, जिन्हें अब गिरफ़्तार कर लिया गया है. एक हिंदुत्ववादी संगठन द्वारा मॉल में नमाज़ पर आपत्ति जताने और वहां हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मांगने के बाद विवाद खड़ा हो गया था.

यूपी के जलशक्ति मंत्री दिनेश खटीक ने इस्तीफ़े की पेशकश की, दलित होने से अनदेखी का आरोप

सोशल मीडिया को उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री दिनेश खटीक द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को भेजा गया त्याग-पत्र वायरल हो रहा है. इसमें उन्होंने उन्हें 100 दिनों से कोई काम नहीं दिए जाने का दावा करने के साथ विभागीय तबादलों में अनियमितता का आरोप लगाया है. इधर, बताया जा रहा है कि योगी सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद अपने ओएसडी को निलंबित किए जाने से नाराज़ हैं और भाजपा नेतृत्व से मिलने दिल्ली गए हुए हैं.

यूपी: मंत्री जितिन प्रसाद पैसे लेकर तबादला कराने के विवाद में घिरे, उनके ओएसडी हटाए गए

जितिन प्रसाद उत्तर प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री हैं. मामला उनके तहत आने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग में इंजीनियरों के तबादले से जुड़ा है. पिछले एक महीने में 150 से अधिक तबादले किए गए हैं. 18 जुलाई को उनके ओएसडी को पैसा लेकर तबादला करने संबंधी आरोपों के बाद हटा दिया गया था. शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के आदेश दिए थे.

यूपी: लखनऊ के लुलु मॉल में अनधिकृत रूप से नमाज़ पढ़ने के चार आरोपी गिरफ़्तार किए गए

बीते 13 जुलाई को लखनऊ स्थित लुलु मॉल में नमाज़ पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद ये गिरफ़्तारियां हुई हैं. गिरफ़्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बीते 15 जुलाई को यहां हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. दो और लोगों को पूजा करने और एक व्यक्ति को नमाज़ पढ़ने के लिए गिरफ़्तार किया गया था.

यूपी: कूड़े में मिलीं प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की तस्वीरें, सफाईकर्मी बर्ख़ास्त

उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले की घटना. एक सफाईकर्मी कथित तौर पर अपनी कचरा गाड़ी में कूड़ा समेटकर ले जा रहा था. सफाईकर्मी का कहना है कि उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए कूड़ा इकट्ठा कर ट्रॉली में डाला था. कूड़े के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें भी आ गईं तो इसमें उनकी क्या ग़लती है.

पैगंबर टिप्पणी विवाद: इलाहाबाद में हुए प्रदर्शनों को लेकर जावेद मोहम्मद पर रासुका लगाया

पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के विरोध में बीते 10 जून को इलाहाबाद में हुई हिंसा के संबंध में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के नेता और सीएए विरोधी प्रदर्शनों में शामिल रहे जावेद मोहम्मद को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. उनके वकील का कहना है कि पुलिस उनके ख़िलाफ़ जब कोई ठोस सबूत जुटाने में विफल रही तो उसने राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगा दिया.