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राजस्थान: मुस्लिम पुलिसकर्मियों के दाढ़ी न रखने का फ़ैसला वापस लिया गया

मामला अलवर जिले का है, जहां गुरुवार को एसपी ने जिले में तैनात नौ पुलिसकर्मियों के दाढ़ी रखने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था. ये सभी नौ पुलिसकर्मी मुस्लिम समुदाय से थे.

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(फोटोः पीटीआई)

जयपुरः राजस्थान के अलवर जिले में तैनात नौ मुस्लिम पुलिसकर्मियों को दाढ़ी रखने की मनाही वाला फैसला वापस ले लिया गया है. अब पुलिसकर्मियों के लिए दाढ़ी रखने की मंजूरी बरकरार रहेगी.

पुलिस अधीक्षक अनिल पारिस देशमुख ने बताया कि यह प्रशासनिक आदेश था, जिसे संबंधित पुलिसकर्मियों के आवेदन मिलने के बाद वापस ले लिया गया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अलवर पुलिस के एसपी ने जिले में तैनात नौ पुलिसकर्मियों के दाढ़ी रखने पर रोक लगाने वाला आदेश जारी किया था, लेकिन 24 घंटे से भी कम समय में इस आदेश को वापस ले लिया गया. ये सभी नौ पुलिसकर्मी मुस्लिम समुदाय से थे.

अलवर पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ‘कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल सहित कुल 32 पुलिसकर्मियों को दाढ़ी रखने की अनुमति दी गई थी लेकिन प्रशासनिक आधार पर इनमें से नौ पुलिसकर्मियों के दाढ़ी रखने पर मंजूरी वापस ले ली गई थी. हालांकि, सभी नौ पुलिसकर्मियों को अब दाढ़ी रखने की मंजूरी दे दी गई है.’

अलवर पुलिस से जुड़े सूत्रों ने कहा कि जुलाई और सितंबर के बीच कुल 32 आवेदकों को दाढ़ी रखने की अनुमति दी गई लेकिन गुरुवार को देशमुख द्वारा जारी आदेश के जरिए तत्काल भाव से इन हालिया आवेदकों में से नौ के दाढ़ी रखने पर लगाई गई रोक हटा दी गई.

देशमुख ने बताया कि दाढ़ी रखने की इजाजत को इसलिए वापस लिया गया है ताकि पुलिसकर्मी निष्पक्षता के साथ काम कर सके और निष्पक्ष दिखें. उन्होंने बताया कि इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निष्पक्षता के साथ करें.

उन्होंने कहा, ‘पुलिसकर्मियों को न केवल निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए बल्कि उनको निष्पक्ष दिखना चाहिए. यदि इस आदेश से किसी को पीड़ा है तो वह इस संबंध में अपना प्रार्थना पत्र दे सकता है उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी.’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रावधनों के अनुसार विभाग का मुखिया पुलिसकर्मियों को दाढ़ी रखने की इजाजत प्रदान कर सकता है.

सरकार के प्रावधानों के अनुसार, 32 पुलिसकर्मियों को स्वीकृति प्रदान की गई थी. नौ पुलिसकर्मियों की स्वीकृति को वापस ले लिया गया है जबकि शेष पुलिस कर्मियों को दी गई स्वीकृति जारी रहेगी.

उन्होंने कहा कि हालांकि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जा सकता है और पीड़ित अपना आवेदन दे सकते हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)