राजनीति

महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र में 285 विधायकों ने ली शपथ

महाराष्ट्र की 14वीं विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को शुरू. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 28 नवंबर की शाम मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

 Mumbai: 'Maha Vikas Aghadi' MLAs and leaders submitted a letter to Governor Bhagat Singh Koshyari declaring Shiv Sena Chief Udhhav Thackeray as their leader at Raj Bhavan, Mumbai, Tuesday, Nov 26, 2019. (PTI Photo)(PTI11_26_2019_000303B)

मुंबई स्थित राजभवन में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस गठबंधन के नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: महाराष्ट्र की 14वीं विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को शुरू हुआ, जिसमें नव निर्वाचित 285 सदस्यों को शपथ दिलाई गई. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर कालीदास कोलाम्बकर ने मंगलवार को शपथ ली थी.

विधान भवन के एक अधिकारी ने बताया कि 288 सदस्यीय सदन में दो सदस्यों- सुधीर मुनगंटीवार (भाजपा) और देवेंद्र भुयार (स्वाभिमानी पक्ष) ने बुधवार को शपथ नहीं ली.

विधान सचिव राजेंद्र भागवत ने बताया कि दो सदस्यों- महेश बालदी (निर्दलीय), मोहम्मद इस्माइल (एआईएमआईएम) को बुधवार को कोलाम्बकर के चैंबर में शपथ दिलाई गई क्योंकि वे सदन स्थगित होने के बाद पहुंचे थे.

उन्होंने बताया कि इस्माइल जाम में फंसने के कारण विलंब से पहुंचे, जबकि पड़ोसी रायगढ़ जिले के उरण से विधायक बालदी इसलिए देरी से पहुंचे क्योंकि वह अलीबाग से मुंबई आने के लिए जिस नौका में सवार हुए थे उसमें कुछ खराबी आ गई थी.

भागवत ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अध्यक्ष के चुनाव के लिए तारीख पर फैसला लिया जाएगा. बृहस्पतिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद मंत्रिमंडल की बैठक होगी.

बहरहाल, कांग्रेस में सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 30 नवंबर को होगा.

इससे पहले सुबह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सांसद सुप्रिया सुले ने सत्र शुरू होने से पहले विधान भवन के प्रवेश द्वार पर अजित पवार और पार्टी विधायक रोहित पवार से मुलाकात की.

सुले ने पत्रकारों से कहा, ‘यह दिन अपने साथ बड़ी जिम्मेदारी लाया है.’

सदन में कार्यवाहक अध्यक्ष कालीदास कोलाम्बकर ने बबनराव पचपुते, विजयकुमार गवित और राधाकृष्ण विखे पाटिल को सदस्यों को शपथ दिलाने के वास्ते पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया.

सदस्यों को वरिष्ठता क्रम के अनुसार शपथ दिलाई गई.

पीठासीन अधिकारी पचपुते और गावित ने सबसे पहले शपथ ली और फिर इसके बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शपथ ली.

एनसीपी नेता अजित पवार, छगन भुजबल, कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण, पृथ्वीराज चह्वाण, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वाल्से पाटिल (एनसीपी) तथा हरीभाऊ बागड़े (भाजपा) पहले शपथ लेने वालों में शामिल रहे.

अजित पवार जब शपथ लेने के लिए मंच पर गए तो एनसीपी सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया.

मुंबई की वरली सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे को विभिन्न दलों ने बधाई दी. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के 29 वर्षीय बेटे आदित्य सभी वरिष्ठ सदस्यों के पास उनका अभिवादन करने गए.

शपथ लेने वाले नए सदस्यों में धीरज देशमुख (कांग्रेस) और रोहित पवार (एनसीपी) भी शामिल रहे.

नव निर्वाचित सदस्य राज्य में चल रहे नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक महीने बाद भी शपथ नहीं ले पाए थे. किसी भी राजनीतिक दल के सरकार न बना पाने के कारण राज्य में 12 नवंबर से 23 नवंबर तक राष्ट्रपति शासन लागू रहा.

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को राज्यपाल कोश्यारी से प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्यों को बुधवार शाम पांच बजे तक शपथ दिला दी जाए.

एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन से 23 नवंबर को बनी भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार मंगलवार दोपहर को तब गिर गई जब पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और फिर उसके बाद देवेंद्र फड़णवीस को भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.

मालूम हो कि भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस ने बीते 23 नवंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अजीत पवार ने उप-मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. यह शपथ ग्रहण समारोह ऐसे समय में हुआ जब शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस का नया गठबंधन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमत हो गया था.

23 नवंबर को मुंबई में सुबह-सुबह आननफानन हुए एक समारोह में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फड़णवीस और अजीत पवार को शपथ दिलाई. इससे कुछ देर पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन हटा दिया किया था.

तब शिवसेना ने देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दायर की. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र फड़णवीस को 27 नवंबर की शाम तक बहुमत साबित करने का आदेश दिया था, लेकिन 26 नवंबर को ही फड़णवीस और अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया.

इस बीच बीते 25 नवंबर को शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन ‘महाविकास अघाड़ी’ ने 162 विधायकों का समर्थन होने का दावा करते हुए राज्यपाल को एक पत्र सौंपा.

एनसीपी ने घोषणा की है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे. वह बृहस्पतिवार शाम को दादर में शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस स्थान पर उनकी पार्टी हर साल पारंपरिक दशहरा रैली का आयोजन करती है.

ठाकरे राज्य विधानसभा में अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.

राज्य विधानभवन के प्रभारी सचिव राजेंद्र भागवत ने बताया कि बीते कई दशकों से यह परंपरा चली आ रही है कि सबसे पहले मुख्यमंत्री शपथ लेते हैं और उनके बाद अन्य सदस्यों को शपथ दिलवाई जाती है.

उन्होंने कहा, ‘इसके तुरंत बाद या फिर उसके बाद के सत्र में शक्ति परीक्षण करवाया जाता है. इस मामले में मुख्यमंत्री ने तो शपथ ली ही नहीं लेकिन सदन के सदस्यों को शपथ ग्रहण करवाई गई.’

भागवत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते शपथ ग्रहण समारोह करवाना हमारे लिए अनिवार्य हो गया था. सभी सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा बिना प्रमुख और बिना मंत्रिमंडल के ही आरंभ हो जाएगी.’

भागवत ने कहा कि मुख्यमंत्री को शपथ लेने के बाद मंत्रिमंडल का गठन करना होगा. उन्होंने बताया, ‘अगले पूर्ण सत्र का कार्यक्रम मंत्रिमंडल की पहली बैठक में तय होगा. शक्ति परीक्षण उसी सत्र में होगा.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)