दुनिया

पाकिस्तान: ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ का हमला, भारत ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

पुलिस का कहना है कि किशोरी का अपहरण और धर्म परिवर्तन कराने का आरोपी मुस्लिम परिवार इस मामले में अपने संबंधियों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहा था. इसी परिवार के नेतृत्व में भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर पथराव किया. पाकिस्तान ने कहा है कि ननकाना साहब गुरुद्वारा बिल्कुल सुरक्षित.

लाहौर के नजदीक स्थित गुरुद्वारा ननकाना साहिब. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

लाहौर के नजदीक स्थित गुरुद्वारा ननकाना साहिब. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

लाहौर/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ननकाना साहिब में शुक्रवार को सैकड़ों की भीड़ ने सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थलों में से एक ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर पत्थरबाजी की. गुरुद्वारे के ग्रंथी का आरोप है कि उनकी बेटी जगजीत कौर का कुछ लोगों ने अपहरण कर जबरन निकाह कराया.

भारत सरकार ने इस घटना की निंदा करते हुए पाकिस्तान से मांग की है कि वह सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए.

लाहौर के नजदीक स्थित ननकाना साहिब से संबद्ध और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) के पूर्व सदस्य गोपाल सिंह चावला ने बताया, ‘सिख लड़की से शादी करने वाले और उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले मोहम्मद हसन के भाई इमरान की अगुवाई में भीड़ ने गुरुद्वारे पर पथराव करने के बाद अंदर घुसने की कोशिश की.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर एक सिख किशोरी से शादी करने वाले मुस्लिम परिवार की अगुवाई में ननकाना साहिब पर पथराव किया गया और गुरुद्वारे को मस्जिद में तब्दील करने की धमकी दी गई.

भीड़ ने गुरुद्वारा साहिब को घेर लिया और गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार पर पथराव शुरू करना शुरू किया. गेट बंद करने पर गुरुद्वारे के भीतर पत्थर फेंके गए. प्रदर्शन लगभग चार घंटे चला. इस कारण गुरुद्वारे के आसपास की दुकानें बंद हो गईं. इस भीड़ का नेतृत्व कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करने परिवार के लोग कर रहे थे.

पुलिस का कहना है कि आरोपी मुस्लिम परिवार किशोरी का कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण कराने के मामले में अपने संबंधियों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहा था, जो बाद में उग्र हो गया.

गुरुद्वारा जन्म स्थान के नाम से मशहूर गुरुद्वारा ननकाना साहिब सिख धर्म के लोगों के लिए बेहद पवित्र स्थल है, क्योंकि यहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म हुआ था.

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कई पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

इस घटना से जुड़े एक वीडियो क्लिप में धर्म परिवर्तन कराने वाले मोहम्मद हसन के भाई इमरान को सिखों को धमकियां देते देखा जा सकता है. वीडियो में इरान कह रहा है कि पुलिस ने उसकी पिटाई की और उसके भाई को कहा कि उसे लड़की को तलाक दे देना चाहिए. उसने बताया कि परिवार से कहा गया है कि वह लड़की को सिखों को सौंप दें लेकिन हम अदालत के फैसले के अनुरूप चलेंगे.

फिलहाल जगजीत कौर लाहौर में महिलाओं के आश्रय गृह में हैं.

बीते साल सितंबर में प्रकाशित इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि जगजीत कौर का उसके घर से अपहरण कर लिया गया था और उसका धर्म परिवर्तन करके एक मुस्लिम युवक मोहम्मद हसन से निकाह करा दिया गया था.

बीते साल अगस्त महीने में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के ग्रंथी ने थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, उनकी सबसे छोटी बेटी 19 वर्षीय जगजीत कौर का छह लोगों ने अपहरण कर लिया और जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार, जगजीत कौर ने लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने परिवार से उनकी और उनके पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी. उन्होंने दावा किया था कि उनका परिवार दोनों की हत्या करने की धमकी दे रहा है.

उन्होंने कहा था उन्होंने ये सब अपनी मर्जी से किया है.

मजिस्ट्रेट के सामने जगजीत ने बयान भी दिया था कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया है और 28 अगस्त 2019 को मोहम्मद हसन से अपनी मर्जी के साथ निकाह कर लिया था. उन्होंने अपने परिवार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को बेबुनियाद बताया था.

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर बयान जारी कर कहा, ‘हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वो तुरंत ही सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठाए. भारत गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हुए हमले की निंदा करता है.’

घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत धार्मिक स्थल में पथराव और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करता है. घटना में दोषियों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार सख्त कार्रवाई करे. पवित्र ननकाना साहिब गुरुद्वारे को सुरक्षित व संरक्षित करने को हरसंभव उपाय करना चाहिए. हम पाकिस्तान सरकार से मांग करते हैं कि सिख समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने को तत्काल कदम उठाए जाएंगे.’

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और गुरुद्वारे में फंसे सिखों को सुरक्षित बाहर निकालने का आग्रह किया.

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले को घृणित बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के समक्ष ले जाने को कहा है.

दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, ‘गुरुद्वारे पर हमले के बाद पाकिस्तान में सिख समुदाय में दहशत का माहौल है. कई पाकिस्तानी सिख फोन कर डर जता रहे हैं.’

इस बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और अकाली दल ने शनिवार को पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘ननकाना साहिब पर हमला निंदनीय है और इसकी खुल कर भर्त्सना करनी चाहिए. धर्मान्धता खतरनाक है और यह बहुत पुराना जहर है जिसकी कोई सीमा नहीं होती. प्रेम, परस्पर सम्मान और समझ ही इस जहर को खत्म करती है.’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुआ हमला मानवता के आदर्शों एवं धार्मिक मूल्यों को शर्मसार करने वाली घटना है. इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान की सरकार जिम्मेदार है. इस घटना की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर हुए भीड़ के हमले की शनिवार को निंदा की और कहा कि सिखों पर अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘पाकिस्तान में ननकाना साहिब पर हुआ हमला एक बेहद कायराना और शर्मनाक घटना है. ननकाना साहिब करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. वहां रहने वाले सिख भाइयों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.’

गुरुद्वारा ननकाना साहिब बिल्कुल सुरक्षित: पाकिस्तान सरकार

पाकिस्तान ने शुक्रवार को उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि गुरुद्वारा ननकाना साहिब को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपवित्र किया.

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने मध्य रात्रि में एक बयान में कहा कि पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि वहां दो मुस्लिम समूहों के बीच किसी छोटी घटना को लेकर झड़प हुई थी जिसमें तत्काल हस्तक्षेप करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. गुरुद्वारा बिल्कुल सुरक्षित है और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

बयान में कहा गया कि पाकिस्तान सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और खास तौर पर अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)