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दिल्ली: पांच साल की बच्ची से बलात्कार के दोनों आरोपी क़रीब सात साल बाद दोषी क़रार

साल 2013 में दिल्ली के गांधी नगर इलाके में दो लोगों ने पांच साल की बच्ची से बलात्कार किया था. अदालत ने कहा कि इस घटना ने समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर डाला. पांच साल की बच्ची को काफी अनैतिकता और अति क्रूरता का सामना करना पड़ा.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: दिल्ली की पॉक्सो अदालत ने 2013 में पांच साल की बच्ची से सामूहिक बलात्कार के मामले में शनिवार को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया. अदालत ने इस मामले को समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाला बताया है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा ने दोनों आरोपियों मनोज शाह और प्रदीप कुमार को दोषी ठहराते हुए कहा कि महज पांच साल की बच्ची को काफी अनैतिकता एवं अति क्रूरता बर्दाश्त करनी पड़ी.

बच्चों का यौन अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अदालत ने कहा, ‘इस घटना ने समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर डाला. हमारे समाज में छोटी बच्चियों की पूजा देवी की तरह होती है. बच्ची महज पांच साल की थी जिसे काफी अनैतिकता और अति क्रूरता का सामना करना पड़ा.’

पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी को न्याय मिलने पर संतोष जताते हुए कहा, ‘सुनवाई दो वर्षों में पूरी हो जानी चाहिए थी लेकिन हम खुश हैं कि छह साल बाद हमें न्याय मिल गया.’

अदालत ने सजा की अवधि पर जिरह की तारीख 30 जनवरी तय की है.

मालूम हो कि दोनों आरोपियों मनोज शाह और प्रदीप कुमार ने 15 अप्रैल 2013 को गांधी नगर इलाके में पांच साल की एक बच्ची से बलात्कार किया था और बच्ची को मरा हुआ समझकर घटनास्थल से फरार हो गए थे. बच्ची घटना के दो दिन बाद 17 अप्रैल को मिली और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे बड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया.

इलाज के दौरान बच्ची के निजी अंगों से एक शीशी और मोमबत्ती मिली थी.

दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने 2013 में बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों से गिरफ्तार किया था. दोनों के खिलाफ उसी साल 24 मई को चार्जशीट दाखिल की गई और अदालत ने 11 जुलाई को आरोप तय किए थे.

पॉक्सो अदालत में अभियोजन पक्ष के 57 गवाहों के बयान की रिकॉर्डिंग को पूरा करने में पांच साल से अधिक का समय लगा.

अदालत के बाहर एक दोषी ने मीडियाकर्मियों पर हमला किया

पूर्वी दिल्ली में 2013 में पांच वर्षीय लड़की से बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति ने शनिवार को कुछ मीडियाकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किया. पोक्सो की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए मनोज शाह को जब अदालत कक्ष से बाहर ले जाया जा रहा था तो उसने कुछ वरिष्ठ संवाददाताओं के चेहरे पर कथित तौर पर प्रहार किया.

मामले को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा के संज्ञान में लाने के बाद दोषी शख्स के हमले का शिकार हुई एक महिला पत्रकार से थाना प्रभारी (एसएचओ) को लिखित में शिकायत देने को कहा गया.

इसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)