दुनिया

ट्रंप ने कहा, कोरोना वायरस से निपटने के लिए अमेरिका और चीन मिलकर काम कर रहे हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को लेकर चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से फोन पर बात की. इससे पहले ट्रंप लगातार इस वायरस को चीनी वायरस कहते रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फोटोः रॉयटर्स)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फोटोः रॉयटर्स)

नई दिल्लीः कोरोना वायरस के संकट के बीच अमेरिका में गुरुवार को ही कोरोना के 16,000 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिसके बाद देश में इसके पीड़ितों की संख्या बढ़कर 85 के पार हो गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों में बढ़ोतरी का कारण देश में बड़े स्तर पर हुई टेस्टिंग को माना है.

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘मुझे लगता है कि इसका श्रेय हमारी टेस्टिंग प्रक्रिया हो जाता है. कोई नहीं जानता कि चीन में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या कितनी है.’

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 10,108 हो गई है, जबकि 22,993 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना को लेकर शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात की, जिसके बाद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि दोनों देश कोरोना के मामले पर मिलकर काम कर रहे हैं.

जिनपिंग से बात करने के बाद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘अभी अभी मेरी चीन के राष्‍ट्रपति से बहुत अच्‍छी बातचीत हुई है. हमने आपस में कोरोना वायरस के बारे में बात की जिससे दुनिया का बड़ा हिस्‍सा प्रभावित है. चीन ने इस वायरस के संबंध में काफी काम किया है और अच्‍छी समझ विकसित की है. हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं इसका सम्‍मान करता हूं.’

बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर बड़ा आरोप हुए कहा था कि कोरोना वायरस के मामले में डब्ल्यूएचओ ने चीन का पक्ष लेकर उसे बचाने की कोशिश की है.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि डब्ल्यूएचओ लगातार चीन का पक्ष लेकर उसे बचाता रहा है. यदि दुनिया को पहले से इसकी जानकारी होती तो इतनी जानें नहीं जातीं.

दरअसल अमेरिकी सांसद ग्रेग ने एक ट्वीट में इस तरह के आरोप लगाए थे. उन्हीं के आरोपों से ट्रंप ने अपनी सहमति जताई थी.

इससे पहले ट्रंप ने कोरोना वायरस को चीनी वायरस तक कह डाला था. ट्रंप ने बीते सप्ताह कहा था कि चीन कोरोना वायरस के फैलने के लिए जिम्मेदार है. उन्होंने कहा था कि यह शब्द उचित है क्योंकि वायरस का केंद्र चीन का वुहान शहर है.

मालूम हो कि अभी तक अमेरिका में कोरोना की वजह से 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2,000 से अधिक मामले गंभीर है.

वहीं, चीन में बीते तीन दिनों में स्थानीय स्तर पर कोरोना का एक नया मामला सामने आया जबकि 4 ऐसे मामले सामने आए हैं, जो बाहर से आए लोगों की वजह से हुए हैं.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि फिलहाल चीन में कोरोना से संक्रमित 81,340 मामले हैं, जिनकी पुष्टि हो चुकी है जबकि 3,292 लोगों की मौत हो चुकी है.

इटली में कोरोना वायरस के 6,153 नए मामले

इटली में कोरोना वायरस से संक्रमण के 6,153 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद देश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 80,539 हो गई है.

इटली की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी ने बताया कि गुरुवार को कोरोना से 662 लोगों की मौत हो गई जिसके बाद देश में मृतकों की संख्या 8,165 हो गई है जो विश्व में सबसे अधिक है.

फ्रांस में एक दिन में सर्वाधिक 365 मौतें

फ्रांस में गुरुवार को कोरोना से 365 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 16 साल की एक लड़की भी शामिल है. देश में एक दिन में हुई मौतों का यह आंकड़ा अब तक का सर्वाधिक है.

फ्रांस के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी जेरोमी सोलोमोन ने बताया कि फ्रांस में कोरोना से अस्पताल में कुल 1,696 लोगों की मौत हुई है. इसमें घरों और रिटायरमेंट होम में मरने वाले लोगों का आंकड़ा नहीं है.

उन्होंने कहा कि अभी तक फ्रांस में कोरोना से 29,155 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

मध्य-पूर्व में 184 नए मामले

मध्य-पूर्व के देशों में गुरुवार को कोरोना के 184 नए मामले सामने आए हैं. इनमें सऊदी अरब, बहरीन, लेबनान, ओमान और कुवैत शामिल हैं.

सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री ने 112 नए मामलों की पुष्टि की, जिसके बाद कुल संख्या बढ़कर 1,012 हो गई है. वहीं अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है.

लेबानान में 35, बहरीन में 14, ओमान में 10 और कुवैत में कोरोना के 13 नए मामले सामने आए हैं.