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बिहार: कोरोना संदिग्ध लोगों की सूचना देने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या, सात गिरफ़्तार

बीते 25 मार्च को झारखंड के पलामू ज़िले में कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनज़र कुछ लोगों को घर में रहने की सलाह देने पर एक दुकानदार पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

(फोटो साभार: फेसबुक)

(फोटो साभार: फेसबुक)

पटनाः बिहार के सीतामढ़ी जिले में कोरोना वायरस संदिग्धों की सूचना देने पर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है. मामला सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाने के मधौल गांव का है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मधौल गांव के रहने वाले बबलू को कथित तौर पर अन्य राज्यों से आ रहे संदिग्ध कोरोना पीड़ितों की स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना देने की वजह से पीट-पीटकर मार डाला.

बबलू ने अपने गांव को कोरोना से बचाने के लिए सतर्कता का उदाहरण देते हुए प्रशासन को इसके बारे में सूचित किया था लेकिन इस वजह से उन्हीं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र से दो मजदूर इस सप्ताह की शुरुआत में ही मधौल गांव लौटे थे. राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुरूप बबलू ने प्रवासी मजदूरों के गांव में आने की सूचना अधिकारियों को दी.

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की टीम कोरोना वायरस जांच के लिए इनके सैंपल इकट्ठा करने के इरादे से इन दोनों प्रवासी मजदूरों के घर पहुंची थी.

इस वजह से ये दोनों मजदूर गुस्से में आ गए और सैंपल देने के बाद पांच अन्य लोगों के साथ सीधे बबूल के घर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के लिए इन सात लोगों ने मिलकर बुरी तरह से बबूल की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई.

इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने सभी सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया. उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

घटना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘बिहार में कोरोना वायरस के संदिग्धों की जानकारी देने वाले युवक की निर्मम हत्या की खबर बेहद दुखद है. इस मुश्किल घड़ी में हमें एक समाज के तौर पर एकजुट खड़े होने की जरूरत है. इस पर ही भारतीय समाज का भविष्य निर्भर करता है. अपनी जिम्मेदारियों से पीछे न हटें.’

इससे पहले झारखंड में कुछ लोगों को कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर घर में रहने की सलाह देने की वजह से एक दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. घटना बीते 25 मार्च को झारखंड के पलामू ज़िले के चाक उदयपुर में घटी.

विभिन्न शहरों से चार मज़दूर अपने गांव लौटे थे, जिन्हें जांच के बाद 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटाइन रहने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वे घूमते हुए एक दुकान पर पहुंच गए थे, तब 45 वर्षीय दुकानदार काशी साव ने उन्हें घर में रहने की सलाह दी थी.

इसी बात पर उन्हें बुरी तरह से पीटा गया था और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया था.