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कोरोना वायरस: देश में 149 लोगों की मौत, संक्रमित लोगों का आंकड़ा पांच हज़ार के पार

दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1,431,900 हो गई है और 82,172 लोगों की मौत हो चुकी है. वायरस के केंद्र रहे चीन के वुहान शहर में 73 दिन बाद लॉकडाउन हटा. ईरान में संसद खोली गई. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री दूसरे दिन भी आईसीयू में.

Jodhpur: Women, wearing masks, look out from a window of their house during the complete lockdown imposed in the wake of the novel coronavirus pandemic, in Jodhpur, Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo) (PTI25-03-2020 000208B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/वॉशिंगटन/बीजिंग/वुहान: देश में बुधवार को कोरोना वायरस यानी कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 5,194 हो गई और इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 149 पर पहुंच गया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 के ऐसे मामले जिनमें इलाज चल रहा है उनकी संख्या 4,643 है, 401 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई है. एक मामले में मरीज दूसरे देश में चला गया. इनमें 70 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

सुबह नौ बजे तक आए मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार से 25 लोगों की मौत हुई. इनमें से 16 लोगों की मौत महाराष्ट्र में तथा दिल्ली, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और तमिलनाडु में दो-दो व्यक्ति की मौत और आंध्र प्रदेश में एक व्यक्ति की मौत हुई.

कोरोना वायरस से सर्वाधिक 64 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई. गुजरात और मध्य प्रदेश में 13-13 लोगों की मौत और दिल्ली में नौ लोगों की मौत हुई.

तेलंगाना, पंजाब और तमिलनाडु में सात-सात लोगों की मौत हुई.

पश्चिम बंगाल में पांच लोगों की, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में चार-चार लोगों की मौत, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है.

जम्मू कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों की मौत हुई. बिहार, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई. कोविड-19 के सर्वाधिक 1018 मामले महाराष्ट्र से, तमिलनाडु में 690 मामले और दिल्ली में 576 मामले हैं.

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में इस महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1,431,900 हो गई है और 82,172 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 301,543 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं.

स्पेन में कोरोना वायरस से बीते मंगलवार को 743 मौतें हुईं और इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या बुधवार तक 14,045 हो गई, जबकि संक्रमण के मामले 141,942 पहुंच गए हैं. यहां 43,208 लोग इससे ठीक हो चुके हैं.

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित इटली में अब तक 17,127 लोगों की मौतें हो चुकी है, 135,586 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से 24,392 लोग ठीक हो चुके हैं.

चीन के वुहान शहर में खुला 73 दिन का लॉकडाउन

चीन का वुहान जहां से कोरोना वायरस महामारी शुरू हुई और पूरी दुनिया में फैल गई, वहां 73 दिन के बाद, बुधवार को लॉकडाउन खत्म हो गया है.

People wearing face masks wait for a subway train on the first day the city's subway services resumed following the novel coronavirus disease (COVID-19) outbreak, in Wuhan of Hubei province, the epicentre of China's coronavirus outbreak, March 28, 2020. The Chinese characters REUTERS/Aly Song

चीन के वुहान शहर से लॉकडाउन खत्म होने के बाद होने के बाद लोग घरों से बाहर निकले. (फोटो: रॉयटर्स)

हालांकि देश में कोविड-19 के नए मामलों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है और दो संक्रमित लोगों की मौत भी हो चुकी है जिसके साथ ही यहां संक्रमण के फिर से फैलने की आशंका बढ़ गई है.

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि मंगलवार को चीनी भूभाग पर कोविड-19 के 62 नए मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें से 59 मामले ऐसे हैं जिनमें लोग विदेश से लौटे हैं. कुल मामले 1,042 हो गए.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि तीन नए घरेलू मामले भी सामने आए हैं जिनमें दो शानडोंग प्रांत और एक गुआंगडोंग प्रांत से है.

मंगलवार को कोविड-19 के ऐसे 137 मामले सामने आए जिनमें मरीजों में इस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे. आयोग ने बताया कि ऐसे 1,095 मामलों पर निगरानी रखी जा रही है.

इस तरह के मामलों को एसिम्टोमेटिक कहा जाता है.

इन मामलों में मरीज में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं होता लेकिन जांच में उनमें वायरस संक्रमण की पुष्टि होती है. इस तरह के संक्रमित लोग बड़ी संख्या में अन्य लोगों को संक्रमित कर सकते हैं.

आयोग ने कहा कि मंगलवार को संक्रमण से दो लोगों की मौत हो गई जिनमें से एक व्यक्ति की शंघाई में और एक अन्य की हुबेई प्रांत में मौत हुई, इसके साथ ही देश में संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 3,333 हो गई.

सोमवार को ऐसा पहली बार हुआ था जब कोविड-19 के कारण कोई मौत नहीं हुई थी. जनवरी से आयोग कोविड-19 के बारे में नियमित रिपोर्ट दे रहा है.

चीनी मुख्यभूमि पर मंगलवार तक कुल पुष्ट मामलों की संख्या 81,802 हो गई, जिनमें 1,190 मरीज ऐसे हैं जिनका उपचार चल रहा है, 77,279 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और 3,333 लोगों की रोग से मौत हो गई.

वुहान में लॉकडाउन को देखते हुए ही दुनिया के कई देशों ने इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन का यही मॉडल अपनाया था.

अधिकारियों ने वुहान के लोगों को बाहर आने जाने की इजाजत दे दी है.

बुधवार की मध्य रात्रि से लॉकडाउन खत्म होने के बाद शहर के 1.1 करोड़ लोगों को अब कहीं भी आने जाने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत नहीं होगी, बशर्ते अनिवार्य स्मार्ट फोन एप्लिकेशन में यह पता चलता हो कि वे स्वस्थ हैं और किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं.

इस मौके पर यांगतेज नदी के दोनों ओर लाइट शो हुआ, गगनचुंबी इमारतों और पुलों पर ऐसी छवियां तैर रहीं थीं जिनमें स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को ले जाते हुए दिख रहे थे, तो कहीं वुहान के लिए ‘हीरोइक सिटी’ शब्द दिख रहे थे.

तटबंधों और पुलों पर नागरिक झंडे लहरा रहे थे और ‘वुहान आगे बढ़ो’ के नारे लगा रहे थे तथा चीन का राष्ट्रगान गा रहे थे.

सड़कों पर गाड़ियां निकलीं, सैकड़ों लोग शहर से बाहर जाने के लिए ट्रेनों और विमानों का इंतजार करते दिखे तो कई लोग नौकरी पर जाने को बेताब नजर आए.

चीन के कोविड-19 के 82,000 मामलों में से अधिकांश वुहान में थे.

सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ने इतनी जल्दी जश्न मनाने के खिलाफ चेतावनी दी है.

अमेरिका में मृतकों की संख्या 12 हज़ार के पार

अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण एक ही दिन में 1,900 लोगों की मौत के साथ ही अब तक इस संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या मंगलवार को 12,700 का आंकड़ा पार कर गई.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 399,929 हो गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शोकाकुल देश को सांत्वना देते हुए कहा कि नए आंकड़ों से पता चलता है कि जितनी आशंका थी, उससे कम मौतें हुई हैं.

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जितनी आशंका थी, हम उससे कम मौत देख रहे हैं. मुझे लगता है कि हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं लेकिन इसके बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगा.’

अमेरिका में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है और इस जानलेवा बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या चार लाख का आंकड़ा पार कर गई है जो दुनिया में किसी देश के लिए सर्वाधिक है.

अमेरिका में कोविड-19 का केंद्र रहे न्यूयॉर्क में अकेले 5,400 लोगों की मौत हुई है और 1,38,000 लोग संक्रमित पाए गए. यह आंकड़ा 9/11 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में मारे गए लोगों की संख्या से भी अधिक है.

दुनिया के सबसे घातक आतंकी हमले 9/11 में शहर के 2,753 लोग और कुल 2,977 लोग मारे गए थे, जब 11 सितंबर, 2001 को आतंकवादियों ने विमानों का अपहरण कर उन्हें पेंटागन के दो टावरों से टकरा दिया और एक विमान पेंसिल्वेनिया के एक क्षेत्र में गिरा था.

इसके बाद न्यूजर्सी में 1,200 लोगों ने जान गंवाई और 44,416 मामले सामने आए. यहां मरने वाले अधिकांश उत्तरी काउंटी के हैं, जहां से कई लोग न्यूयॉर्क शहर में आते हैं.

अमेरिका में वायरस के चपेट में आने वाले सबसे घातक हॉट स्पॉट में डेट्रायट, न्यू ऑरलियन्स और न्यूयॉर्क महानगरीय क्षेत्र के साथ ही लॉन्ग आइलैंड, न्यूजर्सी और कनेक्टिकट के कई हिस्से शामिल हैं.

अधिकारियों का मानना है कि मरने वाले और संक्रमित लोगों की संख्या अगले हफ्ते बढ़ेगी लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि भौतिक दूरी समेत अन्य कदमों को सख्ती से लागू करने से अगले कुछ हफ्तों में हालात को काबू पाने में मदद मिलेगी.

अमेरिका की करीब 97 फीसदी आबादी अपने घरों में सिमटी हुई है. पिछले दस दिनों में अमेरिकी सेना ने अपने केंद्रों को अस्पतालों में बदलते हुए हजारों नए बिस्तर लगाए हैं. हजारों वेंटीलेटर वितरित किए गए हैं. इसके साथ ही मास्क, निजी सुरक्षा उपकरण और आवश्यक चिकित्सा वस्तुएं भी दी गई हैं.

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्योमो के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें लगता है कि शहर सबसे अधिक मामलों की संख्या के करीब है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही संख्या में गिरावट होने लगेगी. हालांकि साथ ही कहा कि यह बहुत ही मुश्किल हफ्ता होने जा रहा है.

इस बीच, ट्रम्प ने कहा कि कोविड-19 जांच के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि अफ्रीकी अमेरिकी समुदाय इस विषाणु के लिहाज से अधिक संवेदनशील है.

ट्रम्प ने कहा, ‘हम इस चुनौती से निपटने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. यह बड़ी चुनौती है, खतरनाक है और हम देश के अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिकों को मदद मुहैया करा रहे हैं जो इससे काफी हद तक प्रभावित हैं. सच बात यह है कि वे बहुत, बहुत मुश्किल वक्त का सामना कर रहे हैं.’

(फोटो: रॉयटर्स)

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वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि गरीब, चिकित्सा देखरेख में भेदभाव के कारण अश्वेत लोग इस संक्रामक रोग से अधिक प्रभावित हैं. साथ ही एक बड़ी वजह यह है कि वे ऐसी नौकरी कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें अपने घरों से बाहर निकलना पड़ता है.

देश के सर्जन जनरल जेरोम एडम्स ने कहा, ‘हम जानते हैं कि अश्वेतों को मधुमेह, दिल की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी होने की आशंका अधिक होती है.’

इन बीमारियों के साथ ही गरीबी और नस्लवाद के चलते वे कोविड-19 बीमारी से अधिक प्रभावित हैं.

फ्रांस में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की मृतक संख्या 10 हजार के पार

पेरिस: फ्रांस में मंगलवार को घातक कोरोना वायरस से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 10 हजार से अधिक हो गयी. देश में इसके कारण अस्पताल में 7091 लोगों की, जबकि विभिन्न वृद्धाश्रमों में 3237 व्यक्तियों की जान गयी है.

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार तक यहां मरने वालों का कुल आंकड़ा 10,328 था, जबकि 110,070 लोगों में संक्रमण और 19,523 लोग ठीक हो चुके थे.

देश के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी जेरोम सोलोमन ने पत्रकारों को बताया कि सघन चिकित्सा में कुल 7131 लोगों का उपचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘महामारी का तेजी से बढ़ना जारी है.’

ब्रिटेन में तबरीबन 6,200 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री आईसीयू में

उधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आईसीयू में भर्ती हें, जो संभवत: दुनिया के पहले प्रमुख नेता हैं, जो इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं. अधिकारियों ने बताया कि 55 वर्षीय जॉनसन की हालत स्थिर है और होश में हैं, उन्हें ऑक्सीजन लगायी गयी, लेकिन उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया है. इस दौरान उनके कार्यभार के संचालन के लिए विदेश मंत्री डॉमिनिक राब को नामित किया गया है.

ब्रिटेन में अब तक मृतकों की संख्या 6,159 हो गई है. यहां 55,949 लोग संक्रमित पाए गए हैं और 325 लोग ठीक हो चुके हैं.

ईरान में संसद खोली गई

तेहरान: ईरान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद बंद किए गए संसद के दरवाजे मंगलवार को खोल दिए गए. सात दिन में संक्रमण के मामले घटने के बाद यह निर्णय लिया गया.

ईरान की 290 सदस्यीय संसद के दो तिहाई से अधिक सदस्य संसद पहुंचे हालांकि वरिष्ठ नेता एवं स्पीकर अली लारिजानी नहीं पहुंचे. उन्हें पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था. संसद अथवा मजलिस के कम से कम 31 सदस्य संक्रमित पाए गए हैं.

Iranian family wear protective masks to prevent contracting a coronavirus, as they stand at Grand Bazaar in Tehran, Iran February 20, 2020. WANA (West Asia News Agency)/Nazanin Tabatabaee via REUTERS

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सरकारी टेलीविजन में संसद के सत्र की शुरुआत के जो फुटेज दिखाए गए उनमें कुछ सांसद झुंड बना कर खड़े दिखाई दिए और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाने के नियम का उल्लंघन करते दिखाई दिए.

संसद में बहस हुई और देश को एक माह के लिए बंद करने संबंधी एक महत्वपूर्ण विधेयक को बाधित किया गया. कुछ सांसदों का तर्क था कि इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा.

ईरान में इस महामारी से अब तक 3,872 लोगों की मौत हो चुकी है, 62,589 लोग संक्रमित पाए गए हैं और 27,039 लोग इससे ठीक हो चुके हैं.

स्वीडन में एक दिन में 100 से ज्यादा लोगों की मौत

स्टॉकहोम: स्वीडन में मंगलवार को कोरोना वायरस से 114 और लोगों की मौत के साथ ही देश में मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 591 पहुंच गया.

स्वीडन ने अपने पड़ोसी यूरोपीय देशों के मुकाबले वायरस पर लगाम लगाने के लिये अपेक्षाकृत नरम रुख अपना रखा है.

स्वीडन की जन स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि करीब एक करोड़ की आबादी वाले देश में कोविड-19 के कुल 7,693 मामले सामने आए हैं. मंगलवार को 114 और लोगों की मौत की खबर आई जो हाल में आ रहे मौत के आंकड़ों से थोड़ी ज्यादा थी लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इनमें कुछ लोगों की मौत पहले हुई हो सकती है.

सरकारी महामारी रोग विशेषज्ञ एंडर्स टेगनेल ने मंगलवार को कहा कि देश का औसत रोजाना 40 मौत से थोड़ा ज्यादा है. उन्होंने कहा कि स्वीडन में पहले के मुकाबले रोजाना संक्रमण के पुष्ट मामलों में थोड़ी कमी देखी गई है लेकिन यह कहना अभी काफी जल्दबाजी होगी कि क्या सबसे बुरा वक्त बीत गया है.

स्वीडन ने अन्य यूरोपीय देशों की तरह सख्त लॉकडाउन के नियमों को लागू नहीं किया है, बजाय इसके उसने अपने नागरिकों से ही सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों के पालन की जिम्मेदारी लेने को कहा.

सरकार ने 50 से ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने तथा लोगों के नर्सिंग होम जाने पर भी रोक लगा दी है. सरकार के कोरोना वायरस से निपटने के तरीके को लेकर अन्य देश जहां उसकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं देश के अंदर इसे लेकर तीखी बहस भी हो रही है.

स्वीडन की सरकार ने हालांकि वायरस पर लगाम लगाने में सरकार के प्रयासों में ढिलाई के आरोपों को खारिज किया है. स्वास्थ्य मंत्री लेना हालेनग्रेन ने पिछले हफ्ते संवाददाताओं से कहा था, स्वीडन में यह सामान्य नहीं है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)