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लॉकडाउन: दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली-हरियाणा सीमा पर प्रतिबंधों में मिलेगी छूट

हरियाणा सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है कि सरकार तथा निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, पुलिस और अदालत के अधिकारियों समेत ज़रूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ई-पास दिखाने पर दिल्ली-हरियाणा के बीच आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.

A police officer stands at New Delhi's border barricade during lockdown by the authorities to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in New Delhi, India March 23, 2020. REUTERS/Adnan Abidi/File Photo

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में हलफनामा दिया है कि सरकार तथा निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, पुलिस और अदालत के अधिकारियों समेत जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को लॉकडाउन के दौरान ई-पास दिखाने पर दिल्ली और हरियाणा के बीच आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.

हरियाणा सरकार ने उच्च न्यायालय को यह आश्वासन भी दिया कि दिल्ली और हरियाणा के बीच जरूरी और गैर-जरूरी सामान ले जा रहे ट्रकों को कंटेनमेंट जोन के अलावा हर जगह भी आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.

राज्य सरकार की ओर से यह आश्वासन कोर्ट द्वारा दोनों राज्यों की सीमा पर आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए कहने के बाद आया है.

ज्ञात हो कि बीते 8 मई को हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के दिल्ली से सोनीपत के बीच डॉक्टरों, नर्सों, अदालत के अधिकारियों व ट्रक आदि को आने-जाने से रोकने पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार यह आदेश नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा सरकार ने कहा है कि कोविड-19 से निपटने में लगे लोगों को आवेदन करने के 30 मिनट के अंदर ई-पास मुहैया करवाया जायेगा.

इस पास से न केवल सरकारी कर्मचारियों, बल्कि निजी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक स्टाफ, सफाईकर्मी, दिल्ली पुलिस के कर्मचारी, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, हाईकोर्ट, निचली अदालतों के कर्मचारियों आदि को भी दिल्ली और हरियाणा के बीच कई बार आने-जाने की सुविधा मिलेगी.

हरियाणा सरकार ने यह भी जोड़ा कि दिल्ली से आने वाले इन लोगों को तब तक क्वारंटीन नहीं किया जाएगा, जब तक इनमें से कोई कोरोना पॉजिटिव न हो या किसी कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के संपर्क में न आया हो.

जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के वकील द्वारा हलफनामा दायर किए जाने के बाद जनहित याचिका (पीआईएल) का निस्तारण किया जाता है.

अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के कई निवासियों को आवश्यक कार्यों के लिए सोनीपत की यात्रा करनी है और सोनीपत के निवासियों के लिए भी यही स्थिति है. लेकिन हरियाणा सरकार लॉकाडाउन के दौरान उन्हें सीमाओं पर रोक रही है

पिछले महीने हरियाणा सर्कार की ओर से केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को आवाजाही की छूट देते हुए बाकी सभी के लिए सीमायें सील कर दी गयी थीं.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार हरियाणा में अब तक कोरोना संक्रमण के 793 मामले सामने आये हैं और इससे अब तक 11 लोगों की मई हुई है. वहीं दिल्ली में अब तक आठ हजार के करीब कोविड-19 मामले सामने आए हैं और इससे 106 लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्य में सार्वजनिक परिवहन होगा बहाल: हरियाणा सरकार

इस बीच सरकार ने राज्य के अंदर परिवहन प्रतिबंध कम करने के बारे में भी कहा है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को घोषणा की थी कि राज्य में ‘प्रयोग के आधार पर’ सार्वजनिक परिवहन बहाल किया जाएगा और शुक्रवार से चुनिंदा मार्गों पर सीमित संख्या में बसें चलेंगी.

लॉकडाउन में ढील देने के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर चीजें योजना के अनुसार आगे नहीं  हुईं, तो और कड़े नियम लगाए जा सकते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित दिशानिर्देश के संशोधनों के बाद राज्य सरकार भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए जिलावार नीति तैयार करेगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)