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दिल्ली: मंडोली जेल के अधिकारी संक्रमित, रोहिणी जेल में 18 क़ैदियों समेत अधिकारी कोराना पॉजिटिव

राजधानी दिल्ली की रोहिणी जेल में 50 वर्षीय सहायक अधीक्षक के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला है, वहीं मंडोली जेल के उपाधीक्षक संक्रमित पाए गए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की रोहिणी जेल में एक 50 वर्षीय अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली है. वह जेल में सहायक अधीक्षक के पद पर तैनात हैं. इसके साथ ही जेल में संक्रमित लोगों की संख्या 18 हो गई.

उधर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली जेल के उपाधीक्षक को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है.

रोहिणी जेल में 13 मई को पहला मामला सामने आया था और बीती 16 मई को 16 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 15 कैदी थे.

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया, ‘तीन-चार दिन पहले पहले अधिकारी को शुगर और गले में दिक्कत थी जिसके बाद उन्हें घर पर रहने और आराम करने के लिए कहा गया था.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली के जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए उन्हें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया था. मंगलवार को जांच रिपोर्ट में वह संक्रमित पाए गए.

उन्होंने बताया कि वह तिहाड़ आवासीय परिसर में रहते हैं और उनके परिवार के सदस्यों को पृथक कर दिया गया है.

अधिकारी ने बताया कि उनके आवास के नजदीक रहने वाले जेल कर्मचारियों को 14 दिनों के लिए अपने घरों में रहने और खुद को पृथक रखने के लिए कहा गया है.

जेल के जो 15 कैदी संक्रमित पाए गए थे, उनमें एक कैदी को लोक नायक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है. वह 45 वर्ष के हैं.

 

 

दिल्ली के मंडोली जेल के उपाधीक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली जेल के उपाधीक्षक को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अधिकारी 11 मई से छुट्टी पर थे क्योंकि उन्हें बुखार था. उन्होंने गंगा राम अस्पताल में कोविड-19 की जांच कराई और बुधवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली.’

उन्होंने बताया कि उपाधीक्षक सराय रोहिल्ला में रहते हैं और वर्तमान में गृह पृथकवास में हैं. उनके संपर्क में आये लोगों का पता लगाया जा रहा है.

जेलों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए शीर्ष अदालत ने 23 मार्च को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उच्चाधिकार प्राप्त समितियों का गठन करने का निर्देश दिया था, जो कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान कैदियों को अंतरिम जमानत या पैरोल पर रिहा करने का निर्णय ले.

हाल ही में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने रिपोर्ट जारी कर बताया था कि जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए पिछले डेढ महीने में 42,259 विचाराधीन कैदियों को देश भर की जेलों से रिहा किया गया. उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 9,977 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया था. वहीं दिल्ली से दिल्ली से 2,177 कैदियों को रिहा किया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)