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असम: चाय बागान में युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या, चार गिरफ़्तार

घटना रविवार शाम को जोरहाट ज़िले में हुई. पुलिस ने बताया कि नौ युवक किसी जन्मदिन पार्टी से नशे में लौट रहे थे, जब एक की बाइक चाय बागानों से आ रही महिलाओं से टकराई और वे गंभीर रूप से घायल हो गईं. इसके बाद उनके साथी मज़दूरों ने दो युवकों को पकड़कर पीटा, जिनमें से एक की मौत हो गई.

Jorhat Assam

जोरहाट: असम के जोरहाट जिले में युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या के मामले में रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी.

जोरहाट के पुलिस अधीक्षक मृणाल तालुकदार ने बताया कि नौ युवक शुक्रवार को तीन स्कूटी और दो मोटरसाकिलों पर सवार होकर गबरू टी एस्टेट इलाके में जन्मदिन मनाने के लिए गए थे.

उन्होंने कहा, ‘वे लौटते समय नशे में चूर थे. रास्ते में दो बाइक सवारों ने चाय बागान से चाय की पत्तियां तोड़कर लौट रहीं दो महिलाओं और एक पुरुष को टक्कर मार दी.’

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत गबरू टी एस्टेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

तालुकदार ने बताया, ‘कामगारों से टक्कर के बाद दो युवकों को छोड़कर सभी युवक भाग गए. इसके बाद चाय बागान के मजदूर वहां जमा हो गए और इन दोनों युवकों की बुरी तरह पिटाई कर दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.’

उन्होंने कहा कि एक युवक को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि दूसरे युवक की जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मौत हो गई. मृतक की पहचान मरियानी के निवासी देवाशीष गोगोई (24) के रूप में हुई है.

उन्होंने कहा, ‘हमने गोगोई के पिता की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है. प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है. अतिरिक्त उपायुक्त बिस्वजीत फुकन मामले की जांच करेंगे.’

उन्होंने जोर देकर का कि यह भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) का मामला नहीं है. हालांकि बीते कुछ सालों में राज्य में भीड़ द्वारा पिटाई की कई घटनाएं सामने आई हैं.

बीती 24 मई को ही कामरूप जिले में एक सब्जी विक्रेता को पांच लोगों के एक समूह ने पीट-पीटकर मार दिया था. सब्जी बेचने वाला सनातन डेका साइकिल से बाजार से लौट रहे थे, जब होजो कस्बे के पास मोनाहकुची गांव में उनकी टक्कर एक कार से हो गई.

इसके बाद कार में सवार जलील अली और साबिर अली की डेका से झड़प हो गई. तीन अन्य लोग उनके साथ आ गए और पांचों ने मिलकर डेका की बुरी तरह पिटाई की. बाद में अस्पताल उनकी मौत हो गई.

इससे पहले साल 2019 में जोरहाट जिले में चाय बागान के एक अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद उसके साथ काम करने वाले लोगों ने एक बुजुर्ग डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद राज्य भर में डॉक्टरों ने हड़ताल की थी.

उससे पहले साल 2018 में राज्य के कर्बी आंगलांग जिले में एक भीड़ ने दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में 12 लोगों को दोषी करार दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)