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महिला केंद्रित फिल्मों के लिए पैसा जुटाना अब भी मुश्किल: कोंकणा सेन शर्मा

अभिनेत्री और फिल्मकार कोंकणा सेन ने कहा, मुझे और कल्कि कोचलिन को एक फिल्म करनी थी लेकिन पैसे की कमी की वजह से यह रुक गई है. अगर हम पुरुष होते तो यह नहीं रुकी होती.

Konkana Sen Sharma Arre

अभिनेत्री और फिल्मकार कोंकणा सेन शर्मा. (फोटो साभार: Arre/Youtube)

मुंबई: बॉलीवुड के फिल्मकारों और दर्शकों ने स्वतंत्र सिनेमा के लिए भले ही अपनी बाहें खोल ली हों लेकिन कोंकणा सेन शर्मा ने कहा कि महिला केंद्रित फिल्मों के लिए कोष हासिल करना या पैसा जुटा पाना अब भी मुश्किल काम है.

अभिनेत्री और फिल्मकार कोंकणा ने कहा कि उन्होंने कुछ दिलचस्प पटकथाएं पढ़ी हैं लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि फिल्म वास्तव में उपलब्ध हो पाएंगी.

कोंकणा ने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि वे बनें क्योंकि ऐसी फिल्मों के लिए पैसा मिलना अब भी मुश्किल हैं जब तक आप एक बड़े स्टार नहीं हों. कल्कि कोचलिन और मुझे साथ में एक फिल्म करनी थी लेकिन पैसे की कमी की वजह से यह रुक गई है. मुझे पता है कि अगर हम पुरुष होते तो यह नहीं रुकी होतीं.

37 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि यह दो महिलाओं और उनकी जिंदगी के बारे में थी. इसे एक स्वतंत्र फिल्मकार बना रहे थे.

पेज थ्री, मिस्टर एंड मिसेज़ अय्यर, लाइफ इन अ मेट्रो, वेकअप सिड जैसी फिल्मों में प्रभावशाली रोल निभा चुकीं कोंकणा सेन शर्मा की बतौर निर्देशक पहली फिल्म अ डेथ इन गूंज हाल ही में रिलीज़ हुई है. इससे पहले वह एक शॉर्ट फिल्म नामकोरोन बना चुकी हैं.

इसके अलावा सेंसर बोर्ड की तमाम आपत्तियों और विवादों के बाद कोंकणा की फिल्म लिपस्टिक अंडर माय बुरख़ा जल्द ही सिनेमाघरों में आने वाली है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)