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दिल्ली: महिला बंदी की शिकायत के बाद तिहाड़ प्रशासन ने माना, विदेशी क़ैदियों ने की जेल में हिंसा

तिहाड़ जेल में बंद पिंजड़ा तोड़ संगठन की नताशा नरवाल ने आरोप लगाया था कि जेल में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के चलते संपर्क माध्यम निषिद्ध कर दिए गए हैं. इसके जवाब में जेल के अधिकारियों ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि कुछ दिन पहले कई विदेशी क़ैदियों द्वारा हिंसा में 10 जेलकर्मियों समेत 25 लोग घायल हो गए थे.

तिहाड़ जेल, दिल्ली (फोटो: रायटर्स)

तिहाड़ जेल, दिल्ली. (फोटो: रायटर्स)

नई दिल्ली: तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि कुछ दिन पहले जेल में कई विदेशी कैदियों के हिंसक हो जाने के कारण 10 कर्मियों समेत 25 लोग घायल हो गए थे. ये कर्मी उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे.

अधिकारियों ने पिंजड़ा तोड़ संगठन की एक नताशा नरवाल के आरोपों के जवाब में अदालत में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है. नरवाल को इस साल के प्रारंभ में उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था.

नरवाल ने दावा किया था कि 16 जून को तिहाड़ जेल में ‘बड़े पैमाने पर हिंसा हुई’ थी और कैदियों के लिए जेल के बाहर किसी से भी वीडियो कांफ्रेंस समेत विभिन्न माध्यमों से संपर्क करना निषिद्ध है.

तिहाड़ जेल के अधीक्षक ने जस्टिस सी. हरिशंकर की अदालत में रिपोर्ट दाखिल की. उनके सामने पिंजड़ा तोड़ की सदस्य नताशा नरवाल की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया था कि हिंसा हुई थी और जेल कर्मियों ने कथित रूप से कुछ कैदियों के पैर-हाथ तोड़ दिये थे.

इस स्थिति रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि सेंट्रल जेल नंबर छह में अप्रिय घटना हुई. रिपोर्ट में कहा गया है, ‘16 जून को फिर 15-20 विदेशी कैदियों ने जेल में बखेड़ा किया. वे वार्ड से निकल गए और उन्होंने वार्ड नंबर 9 के दरवाजों के ताले और चक्कर को नुकसान पहुंचाया.’

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘समस्या भांपते हुए और कोई विकल्प नहीं मौजूद होने पर जेल में सुबह करीब साढ़े आठ बजे अलार्म बजाया गया तथा और पुलिसकर्मी बुलाये गए एवं न्यूनतम बल प्रयोग से इन कैदियों को शारीरिक रूप से नियंत्रित किया गया.’

जेल ने कहा कि इस प्रक्रिया में 15 कैदी और 10 जेलकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए.

कैदियों को जेल से बाहर के व्यक्तियों से वीडियो कांफ्रेंस से संपर्क नहीं करने देने के नरवाल के आरोप पर जेल अधिकारियों ने कहा कि उसके वकील ने 24 जून को उसके साथ सफलतापूर्वक वीडियो कांफ्रेंस किया था और उसका अगला वीडियो कांफ्रेंस 29 जून को है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय जेल नंबर छह में महिला कैदियों के वकीलों को अब से जेल अधीक्षक से कैदियों के वकीलों के लिखित अनुरोध पर वीडियो कांफ्रेंस करने दिया जाएगा.

जेल प्रशासन ने यह भी कहा कि नरवाल को अब तक आठ बार अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात करने दी गई है.

तिहाड़ जेल में एक कैदी ने ली दूसरे बंदी की जान

दिल्ली के तिहाड़ जेल में सोमवार को एक कैदी ने दूसरे कैदी की धारदार नुकीली वस्तु से गोदकर हत्या कर दी. अधिकारी ने बताया कि दोनों में पुरानी दुश्मनी होने का संदेह है.

अधिकारी ने बताया कि 21 वर्षीय जाकिर नामक कैदी ने 27 वर्षीय मोहम्मद महताब के पेट और गले सहित शरीर के कई हिस्सों पर धातु की नुकीली वस्तु से सुबह छह बजे केंद्रीय कारागार संख्या 8/9 में हमला किया.

महानिदेशक (कारावास) संदीप गोयल ने बताया कि जाकिर को हाल में पांच नंबर की जेल से 8/9 नंबर की जेल में स्थानांतरित किया गया था.

उन्होंने बताया कि महताब के गले में गहरा जख्म था और जेल की ही डिस्पेंसरी में उसका प्राथमिक उपचार किया गया. इसके बाद उसे दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

गोयल ने कहा कि हमले की वजह पुरानी निजी दुश्मनी लगती है. उन्होंने बताया कि जाकिर के खिलाफ हरी नगर पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

महानिदेशक ने बताया कि पूछताछ की प्रक्रिया मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि महताब 2014 में अंबेडकर नगर में हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी था और तब से ही जेल में था. जाकिर जैतपुर में हुई हत्या का आरोपी है और 2018 से जेल में है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)