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उत्तर प्रदेश: सुदीक्षा भाटी मौत मामले में दो गिरफ़्तार, पुलिस ने कहा- नहीं हुई छेड़खानी

यह मामला बुलंदशहर का है. दादरी की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा सुदीक्षा भाटी 11 अगस्त को अपने चचेरे भाई के साथ बाइक पर जा रही थीं. आरोप है कि रास्ते में दो बाइक सवारों द्वारा छेड़छाड़ के बाद उनका एक्सीडेंट हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई.

सुदीक्षा भाटी. (फोटो साभारः फेसबुक)

सुदीक्षा भाटी. (फोटो साभारः फेसबुक)

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 20 साल की एक छात्रा की मौत के संबंध में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

सुदीक्षा भाटी के परिवार का आरोप है कि एक बाइक पर सवार दो युवकों ने सुदीक्षा की बाइक का पीछा कर उनसे छेड़छाड़ी की थी, जिस वजह से दुर्घटना में उसकी मौत हो गई थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो लोगों- दीपक चौधरी और राजू को गिरफ्तार किया गया है और ये वही लोग हैं, जो सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने इस दुर्घटना के नरेटिव को बदलने की कोशिश की है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा, ‘छात्रा को अमेरिका में पढ़ाई के लिए बहुत बड़ी छात्रवृत्ति मिली थी इसलिए ऐसा हो सकता है कि लोगों ने मुआवजे के बारे में सोचा हो.’

पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस समय सुदीक्षा अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ अपनी एक रिश्तेदार के घर जा रही थीं.

सुदीक्षा के पिता जीतेंद्र भाटी का कहना है कि वह अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ अपनी दादी से मिलने माधवगढ़ के लिए रवाना हुई थी.

सुदीक्षा के चाचा सत्येंद्र भाटी ने कहा था, ‘हमने बुलंदशहर पार किया था और हाईवे पर ही थे कि तभी दो लोगों ने हमारा पीछा करना शुरू कर दिया. जब एक सुनसान जगह पर पहुंचे तो उन्होंने हमें ओवरटेक कर ब्रेक लगा दिए. मैंने भी ब्रेक लगाए और इस बीच बाइक पर पीछे बैठी सुदीक्षा गिर गई और उसके सिर में चोट लगी.’

हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चला है कि बाइक पर सिर्फ दो ही लोग थे. बाइक सुदीक्षा का चचेरा भाई चला रहा था और सुदीक्षा पीछे बैठी थी.

जिला प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को छेड़छाड़ या उत्पीड़न के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा सुदीक्षा की मौत एक दुर्घटना है. पुलिस ने कहा कि उन्हें सुदीक्षा से छेड़खानी के कोई सुबूत नहीं मिले हैं.

पुलिस का कहना है कि सुदीक्षा के चाचा द्वारा बाइक चलाने की बात भी झूठ है. बाइक सुदीक्षा का नाबालिग भाई चला रहा था.

पुलिस ने कहा, ‘सुदीक्षा के चाचा के मोबाइल की लोकेशन मौके पर नहीं मिली है, बल्कि उसके नाबालिग भाई के मोबाइल की लोकेशन मिलती है. सभी सीसीटीवी फुटेज में उसका भाई ही बाइक चलाता नजर आ रहा है.’

पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने पुलिस के डर से अपनी बाइक में मोडिफिकेशन करवा लिया था.

बता दें कि गौतमबुद्ध नगर के दादरी तहसील की रहने वाली सुदीक्षा के पिता ढाबा चलाते हैं. 2018 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अपने जिले में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली सुदीक्षा को अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी के बॉब्सन कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति मिली थी.

सुदीक्षा उन चुनिंदा विद्यार्थियों में शामिल थीं, जिन्हें भारत सरकार की तरफ से अमेरिका में पढ़ने के लिए 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी गई थी. वह कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच जून में ही अमेरिका से भारत लौटी थीं.