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तेलंगाना के श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने से पांच इंजीनियर समेत नौ लोगों की मौत

तेलंगाना-आंध्र प्रदेश सीमा पर स्थित श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में गुरुवार देर रात आग लगने से हुआ हादसा. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने घटना की सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं.

Kurnool: Police and locals gather outside Srisailam Left Bank Power Station (SLBP) after a fire broke out on Thursday night, at Srisailam in Kurnool district, Friday, Aug. 21, 2020. (PTI Photo)(PTI21-08-2020 000104B)

आग लगने की घटना के बाद नगरकुरनूल जिले में स्थित श्रीसैलम लेफ्ट पावर स्टेशन के बाहर जुटी पुलिस और स्थानीय लोग. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद: तेलंगाना-आंध्र प्रदेश सीमा पर स्थित श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में शुक्रवार को आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी.

नगरकुर्नूल जिलाधिकारी एल. शर्मन ने कहा कि बचाव टीमें भूमिगत संयंत्र से अब तक छह शव बरामद कर चुकी हैं और अन्य शवों को निकालने के प्रयास जारी है.

अधिकारी ने कहा कि दुर्घटना बृहस्पतिवार रात हुई. उस समय संयंत्र में कम से कम 17 लोग थे, जिनमें से आठ लोग बाहर निकलने में कामयाब रहे.

तेलंगाना स्टेट पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बताया कि श्रीसैलम में पावर हाउस के अंदर फंसे नौ लोगों की हादसे में जान जा चुकी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले नौ लोगों में से पांच तेलंगाना स्टेट पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन (टीएसजेन्का) के इंजीनियर थे.

मृतकों की पहचान श्रीनिवास गौड़ (डिप्टी इंजीनियर), वेंकटक राव (सहायक इंजीनियर), मोहन कुमार (सहायक इंजीनियर), उज्मा फातिमा (सहायक इंजीनियर), सुंदर (सहायक इंजीनियर), राम बाबू (प्लांट अटेंडेंट), किरण (जूनियर प्लांट अटेंडेंट), एमेरॉन बैटरी कंपनी के दो कर्मचारी- विनेश कुमार और महेश कुमार के रूप में हुई है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस हादसे में 10 लोगों को बचा लिया गया है. इनमें से छह का इलाज श्रीसैलम के एक अस्पताल में किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने श्रीसैलम पावर प्लांट में हुई दुर्घटना में जान गंवाने वालों को लेकर शोक व्यक्त किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया. साथ ही दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सीआईडी जांच का आदेश दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक को घटना की जांच का निर्देश दिया है. उन्होंने डिप्टी इंजीनियर श्रीनिवास गौड़ के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये और अन्य मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये प्रति परिवार मुआवजे की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की है.

जिलाधिकारी एल. शरमन ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी.

वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने के हादसे में लोगों के मारे जाने से दुखी हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि वह घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र आग हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई है.

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं.’

कृष्णा नदी पर बना श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र हैदराबाद से करीब दो सौ किलोमीटर दूर है और तेलंगाना स्टेट पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन (जेनको) इसे संचालित करता है.

संयंत्र में छह इकाइयां हैं, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट बिजली उत्पादन की है और पिछले कुछ दिन से बारिश होने से यहां बिजली उत्पादन जोरों से हो रहा था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बायीं ओर का पावर स्टेशन तेलंगाना (नगरकुरनूल जिले में) तरफ के श्रीसैलम जलाशय की ओर है. बांध का आधा हिस्सा आंध्र प्रदेश की ओर है. एक किलोमीटर लंबी सुरंग तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले के इगलपेंटा गांव में शुरू होती है. बायीं तरफ वाले पावर स्टेशन में छह इकाइयां हैं, जो जिनकी क्षमता 150 मेगावॉट प्रति इकाई है.

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में स्थित दायीं तरफ के पावर स्टेशन पर तैनात दमकल विभाग के कर्मचारी भी बचाव कार्य में शामिल थे.

श्रीसैलम बांध तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच एक संयुक्त सिंचाई परियोजना है. बांध से सटे नल्लामाला पहाड़ी श्रृंखला के तहत दो किमी लंबी सुरंग के भीतर बिजली घर का निर्माण किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)